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विजय नगर हत्याकांड : कोर्ट ने वकील को दी अभिषेक से जेल में मिलने की अनुमति
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विजय नगर के चौहरे हत्याकांड में माता-पिता, बहन व नानी की हत्या के आरोपी अभिषेक उर्फ मोनू मलिक से उसके वकील जेल में मुलाकात कर सकेंगे। शुक्रवार को सेशन जज राकेश कुमार यादव की अदालत ने इसकी अनुमति दी। जबकि जेल प्रशासन ने कोरोना संक्रमण के तहत जारी गाइडलाइन के तहत वकील को मिलने की अनुमति नहीं दी थी।
एडवोकेट मोहित वर्मा व प्रदीप कुमार ने बताया कि 27 अगस्त को शिवाजी कॉलोनी थाने में हत्या का मामला दर्ज किया गया था, जिसमें पुलिस ने प्रॉपर्टी डीलर बबलू मलिक, उसकी पत्नी बबली, बेटी नेहा व सास रोशनी की हत्या के आरोप में प्रॉपर्टी डीलर के बेटे अभिषेक उर्फ मोनू को गिरफ्तार किया था। पांच दिन के रिमांड के बाद 6 सितंबर को पुलिस ने मोनू को अदालत में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। अदालत में पेशी के दौरान एडवोकेट मोहित वर्मा व प्रदीप कुमार ने अभिषेक की तरफ से वकालतनामा अदालत में पेश किया था। अगले दिन 7 सितंबर को मोहित वर्मा व प्रदीप मलिक अभिषेक से मिलने जेल पहुंचे, लेकिन जेल प्रशासन ने कोविड-19 के तहत जारी गाइडलाइन के तहत मुलाकात कराने से इनकार कर दिया। इस पर दोनों वकीलों ने सेशन जज राकेश कुमार यादव की अदालत में याचिका दायर कर अनुमति मांगी थी। कोर्ट ने दोनों पक्षों की बहस के बाद शुक्रवार तक फैसला सुरक्षित रख लिया था। शुक्रवार को अदालत ने वकीलों की अर्जी को मंजूरी दे दी। कोर्ट ने अपने फैसले में लिखा कि न्याय के लिए वकील का आरोपी से मिलना जरूरी है।
आरोपी ने गलती मानी, मैंने शिकायत वापस ली
वहीं, अभिषेक के वकील मोहित वर्मा ने बताया कि दोनों पक्षों को आर्य नगर थाने में बुलाया गया। वहां पर आरोपी ने अपनी गलती मान ली। ऐसे में मैंने अपनी शिकायत वापस ले ली है। एक दिन पहले वकील को फोन करके धमकी दी गई थी कि विजय नगर हत्याकांड के केस से अपना वकालतनामा वापस ले लें, नहीं तो अच्छा नहीं रहेगा। इसकी शिकायत आर्य नगर थाने में दी गई थी। वहीं, आर्य नगर थाना प्रभारी इंस्पेक्टर वीरेंद्र सिंह ने बताया कि दोनों पक्षों में बातचीत के बाद मामला निपट गया है।
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एडवोकेट मोहित वर्मा व प्रदीप कुमार ने बताया कि 27 अगस्त को शिवाजी कॉलोनी थाने में हत्या का मामला दर्ज किया गया था, जिसमें पुलिस ने प्रॉपर्टी डीलर बबलू मलिक, उसकी पत्नी बबली, बेटी नेहा व सास रोशनी की हत्या के आरोप में प्रॉपर्टी डीलर के बेटे अभिषेक उर्फ मोनू को गिरफ्तार किया था। पांच दिन के रिमांड के बाद 6 सितंबर को पुलिस ने मोनू को अदालत में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। अदालत में पेशी के दौरान एडवोकेट मोहित वर्मा व प्रदीप कुमार ने अभिषेक की तरफ से वकालतनामा अदालत में पेश किया था। अगले दिन 7 सितंबर को मोहित वर्मा व प्रदीप मलिक अभिषेक से मिलने जेल पहुंचे, लेकिन जेल प्रशासन ने कोविड-19 के तहत जारी गाइडलाइन के तहत मुलाकात कराने से इनकार कर दिया। इस पर दोनों वकीलों ने सेशन जज राकेश कुमार यादव की अदालत में याचिका दायर कर अनुमति मांगी थी। कोर्ट ने दोनों पक्षों की बहस के बाद शुक्रवार तक फैसला सुरक्षित रख लिया था। शुक्रवार को अदालत ने वकीलों की अर्जी को मंजूरी दे दी। कोर्ट ने अपने फैसले में लिखा कि न्याय के लिए वकील का आरोपी से मिलना जरूरी है।
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आरोपी ने गलती मानी, मैंने शिकायत वापस ली
वहीं, अभिषेक के वकील मोहित वर्मा ने बताया कि दोनों पक्षों को आर्य नगर थाने में बुलाया गया। वहां पर आरोपी ने अपनी गलती मान ली। ऐसे में मैंने अपनी शिकायत वापस ले ली है। एक दिन पहले वकील को फोन करके धमकी दी गई थी कि विजय नगर हत्याकांड के केस से अपना वकालतनामा वापस ले लें, नहीं तो अच्छा नहीं रहेगा। इसकी शिकायत आर्य नगर थाने में दी गई थी। वहीं, आर्य नगर थाना प्रभारी इंस्पेक्टर वीरेंद्र सिंह ने बताया कि दोनों पक्षों में बातचीत के बाद मामला निपट गया है।
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