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वीसी के आदेशों को ठेंगा, मामले को दबाने पर जुटे अधिकारी
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
Updated Tue, 03 Nov 2015 02:08 AM IST
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एमडीयू की रिजल्ट ब्रांच में हुए अंक घोटाले की रिपोर्ट में भले ही कर्मचारियों की संलिप्तता सामने आ चुकी हो, लेकिन विभाग के कुछ अधिकारी उन्हें बचाने में लगे हैं।
यह हालात तो तब हैं जब वीसी स्वयं दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के लिए लिखित आदेश दे चुके हैं।
यूनिवर्सिटी की रिजल्ट ब्रांच में सितंबर में बीटेक अंक घोटाला सामने आया था। बीटेक के विद्यार्थियों के अंक जीरो से बढ़ाकर 55 तक किए गए।
रजिस्ट्रार के आदेशों के बाद डीन एकेडमिक अफेयर्स समेत तीन सदस्यीय कमेटी ने पूरे मामले की जांच की। इसमें परीक्षा परिणाम शाखा के अधीक्षक समेत कई अन्य लोगों के नाम सामने आए।
मामले में अधीक्षक पहले ही सस्पेंड हो चुके हैं, जबकि संलिप्त अन्य कर्मचारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के लिए गत सप्ताह वीसी सुधीर राजपाल ने लिखित आदेश जारी कर दिए।
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यूनिवर्सिटी के नियमानुसार दोषियों के खिलाफ वही डिपार्टमेंट कानूनी कार्रवाई करेगा, जिसमें धांधली पाई गई है। वीसी की तरफ से आदेश जारी होने के बाद भी अभी तक दोषियों के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई नहीं करवाई गई है।
सूत्रों की मानें तो विभाग के अधिकारी संलिप्त कर्मचारियों को बचाना चाहते हैं। अब देखना यह होगा कि आखिर कब तक मामले में संलिप्त कर्मचारियों को बचाया जाता है।
रिपार्ट मिलने के बाद वीसी की तरफ से कानूनी कार्रवाई के लिए आदेश दिए जा चुके हैं। अब तक कानूनी कार्रवाई क्यों नहीं की गई इसकी जानकारी की जाएगी।
- डॉ. एस.पी. वत्स, रजिस्ट्रार एमडीयू।
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यह हालात तो तब हैं जब वीसी स्वयं दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के लिए लिखित आदेश दे चुके हैं।
यूनिवर्सिटी की रिजल्ट ब्रांच में सितंबर में बीटेक अंक घोटाला सामने आया था। बीटेक के विद्यार्थियों के अंक जीरो से बढ़ाकर 55 तक किए गए।
रजिस्ट्रार के आदेशों के बाद डीन एकेडमिक अफेयर्स समेत तीन सदस्यीय कमेटी ने पूरे मामले की जांच की। इसमें परीक्षा परिणाम शाखा के अधीक्षक समेत कई अन्य लोगों के नाम सामने आए।
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मामले में अधीक्षक पहले ही सस्पेंड हो चुके हैं, जबकि संलिप्त अन्य कर्मचारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के लिए गत सप्ताह वीसी सुधीर राजपाल ने लिखित आदेश जारी कर दिए।
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यूनिवर्सिटी के नियमानुसार दोषियों के खिलाफ वही डिपार्टमेंट कानूनी कार्रवाई करेगा, जिसमें धांधली पाई गई है। वीसी की तरफ से आदेश जारी होने के बाद भी अभी तक दोषियों के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई नहीं करवाई गई है।
सूत्रों की मानें तो विभाग के अधिकारी संलिप्त कर्मचारियों को बचाना चाहते हैं। अब देखना यह होगा कि आखिर कब तक मामले में संलिप्त कर्मचारियों को बचाया जाता है।
रिपार्ट मिलने के बाद वीसी की तरफ से कानूनी कार्रवाई के लिए आदेश दिए जा चुके हैं। अब तक कानूनी कार्रवाई क्यों नहीं की गई इसकी जानकारी की जाएगी।
- डॉ. एस.पी. वत्स, रजिस्ट्रार एमडीयू।