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यूएस का विवि टेबल बनाने वाली टीम के साथ कर सकता है एमओयू, टीम इंचार्ज का आया ईमेल
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रोहतक। संसार की सबसे बड़ी पीरियोडिक टेबल बनाने का दावा करने वाली टीम का डंका यूएस में भी बजने लगा है। टीम के काम को सराहते हुए ग्रैंड वैली स्टेट यूनिवर्सिटी ने उनके साथ काम करने की इच्छा जताई है। दोनों के बीच समन्वय बनने पर विश्वविद्यालय इस टीम के साथ एमओयू कर सकता है। इसके बाद यूएस पढ़ने जाने वाले विद्यार्थियों को यहीं सुविधा मिल सकेगी।
ग्रैंड वैली स्टेट यूनिवर्सिटी की ओर से पीरियोडिक टेबल बनाने वाली टीम के इंचार्ज रणदीप नांदल को ईमेल आया है। इसमें पूछा गया है कि उनका कौन सा स्कूल है। इसके शिक्षक रणदीप का काम सराहनीय है। यूनिवर्सिटी विदेशी शिक्षा के अपने कार्यक्रम का विस्तार करना चाहती है। इसकी वजह भारत से अनेक विद्यार्थियों का वहां पढ़ने जाना है। हम यहां आपके देश में अपना पार्टनर तलाश रहे हैं। आपने टेबल बना कर सराहनीय कार्य है। इसलिए आप चाहें तो आपकी जानकारी अंतरराष्ट्रीय केंद्र के मुखिया को भेज दी जाए। हम खुद भी आपके रसायन क्षेत्र में किए गए कार्य को देखना चाहेंगे।
ग्रैंड वैली स्टेट यूनिवर्सिटी के इस ईमेल ने पीरियोडिक टेबल के साथ रोहतक ही नहीं हरियाणा व भारत का सिर सम्मान से ऊंचा कर दिया है। टीम के शानदार कार्य के चलते यूनिवर्सिटी यहां काम करना चाहती है। यदि दोनों पक्ष सहमत होते हैं तो जल्दी ही यूएस के इस विवि की शाखा यहां शुरू हो जाएगी। इससे देश के विद्यार्थियों को ज्ञानार्जन के लिए अमेरिका नहीं जाना होगा। इसके लिए एमओयू साइन किया जाएगा। एमओयू के तहत अमेरिका के विद्यार्थी यहां आएंगे व यहां के विद्यार्थी अमेरिका में अध्ययन के लिए जा सकेंगे।
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रदरफोर्ड एलीमेंट ने किया प्रभावित
ग्रैंड वैली स्टेट यूनिवर्सिटी ने अक्तूबर 2019 में पीरियोडिक टेबल बनाई। इसे हमारी टेबल की तर्ज पर बड़ा व ज्यादा जानकारी वाला बनाने के लिए यह प्रयास किया गया। उनके इस प्रयास में हमारी टेबल जानकारी व आकार दोनों में ज्यादा प्रभावी रही। यही नहीं इस काम में पीरियोडिक टेबल बनाने वाली टीम ने भी उनकी मदद की। इसके तहत उन्हें टेबल के कुल 118 एलीमेंट में से एक तत्व रदरफोर्ड भी वहां भेजा। उनकी टेबल के लिए एक एलीमेंट रूस ने भी भेजा। हमारी टीम ने 20 वर्ग मीटर कपड़े पर तैयार किए एलीमेंट में एलीमेंट का नाम, एटोमिक नंबर, मास नंबर व सिंबल दर्शाया। इसे साफ, स्पष्ट व बेहतर ढंग से तैयार करने के लिए यूएस में सराहा गया।
काम को सराहा
ग्रैंड वैली स्टेट यूनिवर्सिटी से ईमेल आया है। विवि ने टीम के काम को सराहते हुए साथ काम करने का मौका दिया है। हमनें हां कहा है। अब वहीं से जवाब आने पर कार्रवाई होगी। हमारी पीरियोडिक टेबल देखकर विवि ने हमसे अपनी टेबल के लिए मदद मांगी थी। इसके लिए रदरफोर्ड एलीमेंट उन्हें भेजा गया। इसे वहां पसंद किया गया। अब वे यहां अपना शैक्षणिक कार्यक्रम शुरू करना चाहते हैं। यह देश व प्रदेश दोनों के लिए युवाओं के लिए बेहतर है।
-रणदीप सिंह नांदल, प्रभारी, पीरियोडिक टेबल।
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ग्रैंड वैली स्टेट यूनिवर्सिटी की ओर से पीरियोडिक टेबल बनाने वाली टीम के इंचार्ज रणदीप नांदल को ईमेल आया है। इसमें पूछा गया है कि उनका कौन सा स्कूल है। इसके शिक्षक रणदीप का काम सराहनीय है। यूनिवर्सिटी विदेशी शिक्षा के अपने कार्यक्रम का विस्तार करना चाहती है। इसकी वजह भारत से अनेक विद्यार्थियों का वहां पढ़ने जाना है। हम यहां आपके देश में अपना पार्टनर तलाश रहे हैं। आपने टेबल बना कर सराहनीय कार्य है। इसलिए आप चाहें तो आपकी जानकारी अंतरराष्ट्रीय केंद्र के मुखिया को भेज दी जाए। हम खुद भी आपके रसायन क्षेत्र में किए गए कार्य को देखना चाहेंगे।
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ग्रैंड वैली स्टेट यूनिवर्सिटी के इस ईमेल ने पीरियोडिक टेबल के साथ रोहतक ही नहीं हरियाणा व भारत का सिर सम्मान से ऊंचा कर दिया है। टीम के शानदार कार्य के चलते यूनिवर्सिटी यहां काम करना चाहती है। यदि दोनों पक्ष सहमत होते हैं तो जल्दी ही यूएस के इस विवि की शाखा यहां शुरू हो जाएगी। इससे देश के विद्यार्थियों को ज्ञानार्जन के लिए अमेरिका नहीं जाना होगा। इसके लिए एमओयू साइन किया जाएगा। एमओयू के तहत अमेरिका के विद्यार्थी यहां आएंगे व यहां के विद्यार्थी अमेरिका में अध्ययन के लिए जा सकेंगे।
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रदरफोर्ड एलीमेंट ने किया प्रभावित
ग्रैंड वैली स्टेट यूनिवर्सिटी ने अक्तूबर 2019 में पीरियोडिक टेबल बनाई। इसे हमारी टेबल की तर्ज पर बड़ा व ज्यादा जानकारी वाला बनाने के लिए यह प्रयास किया गया। उनके इस प्रयास में हमारी टेबल जानकारी व आकार दोनों में ज्यादा प्रभावी रही। यही नहीं इस काम में पीरियोडिक टेबल बनाने वाली टीम ने भी उनकी मदद की। इसके तहत उन्हें टेबल के कुल 118 एलीमेंट में से एक तत्व रदरफोर्ड भी वहां भेजा। उनकी टेबल के लिए एक एलीमेंट रूस ने भी भेजा। हमारी टीम ने 20 वर्ग मीटर कपड़े पर तैयार किए एलीमेंट में एलीमेंट का नाम, एटोमिक नंबर, मास नंबर व सिंबल दर्शाया। इसे साफ, स्पष्ट व बेहतर ढंग से तैयार करने के लिए यूएस में सराहा गया।
काम को सराहा
ग्रैंड वैली स्टेट यूनिवर्सिटी से ईमेल आया है। विवि ने टीम के काम को सराहते हुए साथ काम करने का मौका दिया है। हमनें हां कहा है। अब वहीं से जवाब आने पर कार्रवाई होगी। हमारी पीरियोडिक टेबल देखकर विवि ने हमसे अपनी टेबल के लिए मदद मांगी थी। इसके लिए रदरफोर्ड एलीमेंट उन्हें भेजा गया। इसे वहां पसंद किया गया। अब वे यहां अपना शैक्षणिक कार्यक्रम शुरू करना चाहते हैं। यह देश व प्रदेश दोनों के लिए युवाओं के लिए बेहतर है।
-रणदीप सिंह नांदल, प्रभारी, पीरियोडिक टेबल।