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नवजात की मौत पर हंगामा, शव लेने से परिजनों का इनकार

Mon, 07 Jun 2021 12:36 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Mon, 07 Jun 2021 12:36 AM IST
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Uproar over the death of the newborn, refusal of relatives to take the dead body
पीजीआई के प्रसूति विभाग में रविवार को एक नवजात बच्ची की मौत हो गई। बच्ची के पिता व अन्य परिजनों ने डॉक्टर पर देरी से आने व लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। यही नहीं, गुस्साए परिजनों ने नवजात का शव लेने से इनकार कर दिया। बाद में परिवार के बुजुर्गों के समझाने पर बच्ची का पिता शांत हुआ और शव ले गया। घटना की परिजनों ने वीडियो भी बनाई। इसे शिकायत के साथ पुलिस को दिया गया है।
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शहर की कैलाश कॉलोनी में रहने वाले सोनू की पत्नी पिंकी को प्रसव के लिए शनिवार दोपहर करीब 12 बजे सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया। यहां नवजात की ओरनाल बाहर निकलने का पता लगा। इस दौरान परिजनों ने स्टाफ से डॉक्टर को बुलाने की बात कही। आरोप है कि इस दौरान मौके पर डॉक्टर मौजूद ही नहीं थे। वहां केवल नर्स व वार्ड ब्वॉय ही मिले। मरीज की हालत बिगड़ने पर उसे पीजीआई रेफर कर दिया गया। फोन करने के करीब 20 मिनट बाद एंबुलेंस आई और प्रसूता को पीजीआई ले जाया गया। यहां देर रात परिजनों को बताया कि गया प्रसूता ने बच्ची को जन्म दिया है। उसकी धड़कन कम थी। इसलिए वह गुजर गई। साथ ही परिजनों को अपना आधार कार्ड जमा कराकर बच्ची ले जाने के लिए कहा गया। इस पर परिवार ने आधार कार्ड जमा नहीं कराया। रविवार को डॉक्टरों व बुजुर्गों के समझाने पर पिता ने बच्ची का शव लिया और उसका अंतिम संस्कार कराया।
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सोनू का कहना है कि वह होमगार्ड विभाग में तैनात है। शनिवार रात उसकी पत्नी की डिलिवरी हुई। उसने बच्ची को जन्म दिया, मगर डॉक्टर ने उसे मृत बताया। यह सिविल अस्पताल के डॉक्टर की लापरवाही की वजह से हुआ। वह ड्यूटी पर नहीं था। बाद में डॉक्टर को बच्ची का मामला पता लगा तो वह रात डेढ़ बजे अस्पताल पहुंचा। उसकी वीडियो भी बनाई है। एंबुलेंस भी लेट आई। स्वास्थ्य सेवाओं की लचर व्यवस्था के कारण यह घटना घटी है। इसलिए पीजीआई थाने में सिविल अस्पताल के डॉक्टर के खिलाफ शिकायत दी है। वीडियो सबूत के तौर पर दी गई है।
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बच्ची की मौत का मामला सामने आया है। इसमें संस्थान के चिकित्सकों की कोई गलती नहीं है। मौत की सूचना परिजनों को तुरंत दे दी गई थी। उन्हें आधार कार्ड जमा कराकर शव ले जाने के लिए कहा गया था। इसके बावजूद वे बगैर आधार कार्ड दिए चले गए। स्टाफ ने ही शव को अपनी निगरानी में रखा। रविवार को शव परिजनों को सौंप दिया गया है।
-डॉ. पुष्पा दहिया, चिकित्सा अधीक्षक, पीजीआईएमएस।
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