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कोरोनाकाल के दो साल बाद प्राचीन शीतला माता मंदिर में उमड़े श्रद्धालु
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शीतला माता मंदिर में पूजन कर दीवार पर मन्नत का सिक्का लगाती महिला। अमर उजाला
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कोरोना संक्रमणकाल के दो साल बाद बुधवार मध्य रात्रि से शुरू हुए चैत्र माह के मेले में माता शीतला के दर्शनों के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। श्रद्धालुओं की कतार दिन में भी बनी रही और 24 घंटे में हजारों की संख्या में भक्तों ने मां के दर्शन किए। इस दौरान मंदिर परिसर व माता दरवाजा चौक मां शीतला के जयकारों से गूंजता रहा। पुलिस व मंदिर समिति के लिए भक्तों की भीड़ को नियंत्रित करना चुनौती बना रहा।
प्राचीन शीतला माता मंदिर के महंत थानेश्वरदास ने बताया कि शीतला माता 84 गांवों की इष्ट देवी हैं। पिछले दो सालों से कोरोना के चलते मंदिर मेले के दिनों में नहीं खोला गया था। इसके चलते मंदिर में भीड़ अधिक हो गई। आने वाले दिनों में मेले में अधिक भीड़ होगी। इसके चलते पुलिस प्रशासन से अधिक सुरक्षा कर्मचारियों की तैनाती की अपील की जाएगी। मंदिर में मत्था टेक मन्नत मांगने के लिए बुधवार को आधी रात से ही श्रद्धालुओं का आवागमन शुरू हो गया और दिनभर जारी रहा। मंदिर परिसर के बाहर फुटकर दुकानें लगी रहीं और भक्तों ने खरीदारी की। महिलाओं-बच्चों ने जमकर खरीदारी की। माता दरवाजा चौक पर शिव-पार्वती की मनमोहक झांकी निकाली गई। कलाकारों ने शिव पार्वती की वेशभूषा में भजनों पर नृत्य कर श्रद्धालुओं को भाव विभोर कर दिया। वहीं मंदिर के महंत थानेश्वर दास ने बताया कि मंदिर में कई क्विंटल प्रसाद चढ़ाया जाता है, इसे बाद में गोशाला भेज दिया जाता है। भक्तों ने मंदिर परिसर के पीछे तालाब से मिट्टी निकालकर पूजा अर्चना की।
तीन से चार घंटे में आया नंबर
मंदिर परिसर में भीड़ के चलते भक्तों का तीन से चार घंटे में माता शीतला के दर्शनों के लिए नंबर आ रहा था। प्रवेश द्वार से मां की प्रतिमा तक पहुंचने के लिए जगह-जगह बैरिकेड लगाए गए थे। वहीं मंदिर की सज्जा आकर्षण का केंद्र बनी हुई थी। पूरे मंदिर परिसर को रंग-बिरंगी लाइट व फूलों से सजाया गया था।
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प्राचीन शीतला माता मंदिर के महंत थानेश्वरदास ने बताया कि शीतला माता 84 गांवों की इष्ट देवी हैं। पिछले दो सालों से कोरोना के चलते मंदिर मेले के दिनों में नहीं खोला गया था। इसके चलते मंदिर में भीड़ अधिक हो गई। आने वाले दिनों में मेले में अधिक भीड़ होगी। इसके चलते पुलिस प्रशासन से अधिक सुरक्षा कर्मचारियों की तैनाती की अपील की जाएगी। मंदिर में मत्था टेक मन्नत मांगने के लिए बुधवार को आधी रात से ही श्रद्धालुओं का आवागमन शुरू हो गया और दिनभर जारी रहा। मंदिर परिसर के बाहर फुटकर दुकानें लगी रहीं और भक्तों ने खरीदारी की। महिलाओं-बच्चों ने जमकर खरीदारी की। माता दरवाजा चौक पर शिव-पार्वती की मनमोहक झांकी निकाली गई। कलाकारों ने शिव पार्वती की वेशभूषा में भजनों पर नृत्य कर श्रद्धालुओं को भाव विभोर कर दिया। वहीं मंदिर के महंत थानेश्वर दास ने बताया कि मंदिर में कई क्विंटल प्रसाद चढ़ाया जाता है, इसे बाद में गोशाला भेज दिया जाता है। भक्तों ने मंदिर परिसर के पीछे तालाब से मिट्टी निकालकर पूजा अर्चना की।
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तीन से चार घंटे में आया नंबर
मंदिर परिसर में भीड़ के चलते भक्तों का तीन से चार घंटे में माता शीतला के दर्शनों के लिए नंबर आ रहा था। प्रवेश द्वार से मां की प्रतिमा तक पहुंचने के लिए जगह-जगह बैरिकेड लगाए गए थे। वहीं मंदिर की सज्जा आकर्षण का केंद्र बनी हुई थी। पूरे मंदिर परिसर को रंग-बिरंगी लाइट व फूलों से सजाया गया था।

माता दरवाजा स्थित शीतला माता मंदिर पूजन के बाद तालाब से मिट्टी निकालतीं महिलाएं। अमर उजाला

माता दरवाजा स्थित शीतला माता मंदिर में पूजन के दिन में 11 बजे गेट के बाहर तक खड़े श्रद्धालु अपनी बा?
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