फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Rohtak News ›   two water tank between soil cut and water drop in second tank

दो वाटर टैंकों के बीच मिट्टी का कटाव, खाली टैंक में भरा पानी

Sun, 23 Feb 2020 01:21 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sun, 23 Feb 2020 01:21 AM IST
विज्ञापन
two water tank between soil cut and water drop in second tank
फोटो ऑफ द डे रोहतक। प्रथम जलघर के दो वाटर टैंको के बीच मिट्टी के कटाव के बाद एक टैंक से दूसरे टैंक क
रोहतक। पब्लिक हेल्थ के दो वाटर टैंकों के बीच मिट्टी का कटाव होने से खाली टैंक में हजारों गैलन पानी भर गया। इसके चलते वाटर टैंकों में जमा सिल्ट निकालने का काम शनिवार को अटक गया। तकरीबन एक सप्ताह यह काम शुरू नहीं होने का अंदेशा है। लेट लतीफ चल रहे अमरूत प्रोजेक्ट में यह पहला व्यवधान आया है। वहीं इसकी सूचना मिलने पर पब्लिक हेल्थ के अधीक्षण अभियंता अपने विभाग के अधिकारियों सहित व निजी कंपनी के ठेकेदार भी मौके पर पहुंचे।
विज्ञापन

शनिवार सुबह जलघर प्रथम के वाटर टैंक में जमा किया गया नहरी पानी साथ लगते सबसे बडे़ खाली वाटर टैंक तक पहुंच गया। इसके चलते वाटर टैंक से सिल्ट निकालने के कार्य बाधित हो गया। खाली वाटर टैंक तक पानी आने का सबसे बड़ा कारण दो वाटर टैंकों के बीच हुए मिट्टी के कटाव को बताया जा रहा है। पब्लिक हेल्थ के उप मंडल अभियंता नवीन ने बताया कि वाटर टैंक के आसपास भू जल स्तर काफी कम है। जब एक टैंक में पानी भरा तो साथ लगते खाली टैंक की ओर पानी का दबाव बन गया और मिट्टी का कटाव हो गया। पानी का दबाव इतना था कि वाटर टैंक के किनारे चार से पांच मीटर तक मिट्टी बह गई और दोनों टैंक के किनारे क्षतिग्रस्त हो गए।
विज्ञापन

टैंक को फिर किया जाएगा खाली, तब शुरू होगा काम
पब्लिक हेल्थ के एसडीई ने बताया कि टूटे वाटर टैंक के किनारे को सही करने के बाद पानी को फिर दूसरे वाटर टैंक में डाला जाएगा। इसमें दो से तीन दिन लगेंगे। इसके बाद लगभग तीन दिन में टैंक फिर सूख जाएगा और सिल्ट निकालने का काम शुरू हो जाएगा। सबसे बडे़ वाटर टैंक को खाली करने के लिए विभाग अतिरिक्त मोटर लगाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

किचन गार्डनिंग ध्वस्त करते हुए मशीनें पहुंची टूटे किनारे पर
वाटर टैंक का टूटा किनारा सही करने के लिए हुडा सिटी पार्क की ओर से जेसीबी को अंदर ले जाया गया। इसके चलते मार्ग में हो रही किचन गार्डनिंग पूरी तरह ध्वस्त हो गई। गनीमत रही कि यह किचन गार्डनिंग विभाग की जमीन पर ही हो रही थी। इस मार्ग के अलावा अधिकारियों को कोई मार्ग नहीं था, जहां से वह जेेसीबी व अन्य मशीन ले जाते।

जीवन खतरे में डाल कर पार किया स्लैब
वाटर टैंक की मिट्टी खिसकने से सीमेंट का स्लैब ही हवा में बच गया। अधिकारी व कर्मचारी इसी को पार कर एक किनारे से दूसरे किनारे गए। हवा में लहरा रहे इस स्लैब के टूटने का खतरा लगातार बना रहा और सभी अपना जीवन खतरे में डाल कर इसे पार करते नजर आए।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed