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नेशनल हाईवे 152 डी पर टोल शुरू, छोटे वाहनों को 335 तो बस-ट्रक को देने होंगे 1135 रुपये
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कलानौर में तैयार किया गया टोल प्लाजा। विज्ञप्ति
नारनौल से अंबाला तक नेशनल ग्रीन कॉरिडोर एक्सप्रेस हाईवे 152 डी का एक अगस्त को विधिवत शुभारंभ हो गया। इस पर सफर करने के लिए कार और जीप जैसे छोटे वाहनों को 335 रुपये, व्यावसायिक वाहनों को 540 रुपये और बस-ट्रक को 1135 रुपये टोल टैक्स देना पड़ा। हालांकि हाईवे पर दूरी तय करने के हिसाब से वाहन चालकों को टोल देना होगा। हाईवे पर चढ़ते समय वाहन की एंट्री हुई और एक्जिट पर टोल देना पड़ा।
हाईवे पर सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरा लगे हैं, जोकि हर वाहन को रिकॉर्ड कर उसकी गतिविधि पर नजर रखे हुए हैं। आठ जिले से गुजरने वाले इस नेशनल हाईवे की परियोजना में सरकार द्वारा 2 हजार एकड़ भूमि का अधिग्रहण किया गया था। इसके बदले किसानों को तीन हजार करोड़ रुपये का मुआवजा वितरित किया जा चुका है। कॉरिडोर के शुरू होने से जयपुर-चंडीगढ़ आने-जाने वाले यात्रियों का समय बचेगा। यह राजमार्ग अंबाला-कोटपूतली का भाग है। जो हरियाणा के कुरुक्षेत्र, कैथल, करनाल, जींद, रोहतक, भिवानी, चरखी दादरी, और महेंद्रगढ़ के लगभग 112 गांवों से होकर गुजरता है। यह नारनौल बाईपास से एनएच 148 बी से जुड़ा है। जो कोटपूतली के पास पनियाला मोड़ पर दिल्ली-जयपुर राजमार्ग से मिलता है।
स्वास्थ्य गिरने, चोटिल होने पर मिलेगा इलाज
152 डी पर निंदाना के पास बनाए गए सुविधा केंद्र में स्वास्थ्य केंद्र बनाए गए हैं। इनमें व्यक्ति का स्वास्थ्य खराब होने व चोटिल होने पर इलाज मिल सकेगा।
बाक्स 5108 करोड़ के बजट से बना है हाईवे
केंद्र सरकार की ओर से इस हाईवे के निर्माण के लिए 5108 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया था। इसकी चौड़ाई 70 मीटर है। हाईवे पर 122 ब्रिज व अंडरपास बनाए गए हैं। दिलचस्प बात यह है कि ये हाईवे किसी भी शहर या गांव के मध्य से नहीं निकाला गया है, न ही इसके बनाते समय यातायात व्यवस्था प्रभावित हो सकी है। सभी शहर एवं गांव बाईपास रखे गए हैं। एक सौ किलोमीटर प्रति घंटा से अधिक की स्पीड से वाहन चालकों को चंडीगढ़ जाने में सुविधा होगी। कॉरिडोर की खासियत यह है कि इस पर चलने वाले वाहन चालकों को सफर का विदेशों जैसा अहसास हो रहा है। यह प्रदेश के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है। इंजीनियरों के अनुसार इस मार्ग की खास बात यह है कि इस पर सौर ऊर्जा के पावर प्लांट लगाए गए हैं। रात को इस हाईवे का नजारा देखते ही बनता है।
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इन सुविधाओं से है लैस
विश्व स्तर की सभी सुविधाओं का ध्यान इस मार्ग के निर्माण में रखा गया है। कारिडोर में पर्यावरण के अनुकूल विशेषताएं हैं, जिनमें प्रत्येक 500 मीटर पर जल संचयन स्थल शामिल हैं। कारिडोर के दोनों ओर करीब डेढ़ लाख पेड़ लगाए गए हैं। इसके अतिरिक्त, मार्ग विश्व स्तरीय यात्री सुविधाओं से सुसज्जित हैं। इसमें फूड कोर्ट और ईंधन भरने की सुविधाएं, पार्क, बच्चों को खेलने के झूले व ट्रामा सेंटर शामिल हैं। चालकों व यात्रियों को आराम घर बनाए गए हैं जो सभी सुविधाओं से लैस हैं। सुविधाओं का लाभ उठाने वाले वाहन चालक व यात्रियों कोई परेशानी न हो इस लिए ये सुविधा केंद्र हाईवे से नीचे दोनों ओर बनाए गए हैं।
जगह जगह लगे हैं टेलीफोन बूथ
हाईवे के दोनों ओर जगह-जगह टेलीफोन बूथ लगाए गए हैं, ताकि दुर्घटना होने पर सूचना दी जा सके। जरूरत पड़ने पर दवाई, पेट्रोल, डीजल सीएनजी व अन्य सामान मौके पर ही उपलब्ध करा सकेंगे। जरूरत पड़ी तो एंबुलेंस घायल को जल्दी ही ट्रामा सेंटर तक पहुंचाएगी।
स्पीड बढ़ी तो जनरेट होगा चालान
हाईवे पर चलने वाले वाहन चालकों के लिए वाहनों के अनुसार स्पीड निर्धारित की गई है। कार चालक अपनी कार को 100 किलोमीटर प्रतिघंटा की स्पीड से चला सकेंगे। ज्यों ही स्पीड बढे़गी हाईवे पर लगा सायरन बजेगा। कोई भी वाहन अपनी लेन नहीं छोड़ सकेगा। अगर यातायात के नियमों का उल्लंघन किया तो हाईवे पर लगे कैमरे से ऑटोमेटिक चालान जनरेट होकर घर पहुंच जाएगा। इसके अलावा हाईवे पर जगह-जगह सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जो हाईवे पर चलने वाले वाहनों की तस्वीर कंट्रोल रूम तक पहुंचाते रहेंगे।
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हाईवे पर सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरा लगे हैं, जोकि हर वाहन को रिकॉर्ड कर उसकी गतिविधि पर नजर रखे हुए हैं। आठ जिले से गुजरने वाले इस नेशनल हाईवे की परियोजना में सरकार द्वारा 2 हजार एकड़ भूमि का अधिग्रहण किया गया था। इसके बदले किसानों को तीन हजार करोड़ रुपये का मुआवजा वितरित किया जा चुका है। कॉरिडोर के शुरू होने से जयपुर-चंडीगढ़ आने-जाने वाले यात्रियों का समय बचेगा। यह राजमार्ग अंबाला-कोटपूतली का भाग है। जो हरियाणा के कुरुक्षेत्र, कैथल, करनाल, जींद, रोहतक, भिवानी, चरखी दादरी, और महेंद्रगढ़ के लगभग 112 गांवों से होकर गुजरता है। यह नारनौल बाईपास से एनएच 148 बी से जुड़ा है। जो कोटपूतली के पास पनियाला मोड़ पर दिल्ली-जयपुर राजमार्ग से मिलता है।
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स्वास्थ्य गिरने, चोटिल होने पर मिलेगा इलाज
152 डी पर निंदाना के पास बनाए गए सुविधा केंद्र में स्वास्थ्य केंद्र बनाए गए हैं। इनमें व्यक्ति का स्वास्थ्य खराब होने व चोटिल होने पर इलाज मिल सकेगा।
बाक्स 5108 करोड़ के बजट से बना है हाईवे
केंद्र सरकार की ओर से इस हाईवे के निर्माण के लिए 5108 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया था। इसकी चौड़ाई 70 मीटर है। हाईवे पर 122 ब्रिज व अंडरपास बनाए गए हैं। दिलचस्प बात यह है कि ये हाईवे किसी भी शहर या गांव के मध्य से नहीं निकाला गया है, न ही इसके बनाते समय यातायात व्यवस्था प्रभावित हो सकी है। सभी शहर एवं गांव बाईपास रखे गए हैं। एक सौ किलोमीटर प्रति घंटा से अधिक की स्पीड से वाहन चालकों को चंडीगढ़ जाने में सुविधा होगी। कॉरिडोर की खासियत यह है कि इस पर चलने वाले वाहन चालकों को सफर का विदेशों जैसा अहसास हो रहा है। यह प्रदेश के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है। इंजीनियरों के अनुसार इस मार्ग की खास बात यह है कि इस पर सौर ऊर्जा के पावर प्लांट लगाए गए हैं। रात को इस हाईवे का नजारा देखते ही बनता है।
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इन सुविधाओं से है लैस
विश्व स्तर की सभी सुविधाओं का ध्यान इस मार्ग के निर्माण में रखा गया है। कारिडोर में पर्यावरण के अनुकूल विशेषताएं हैं, जिनमें प्रत्येक 500 मीटर पर जल संचयन स्थल शामिल हैं। कारिडोर के दोनों ओर करीब डेढ़ लाख पेड़ लगाए गए हैं। इसके अतिरिक्त, मार्ग विश्व स्तरीय यात्री सुविधाओं से सुसज्जित हैं। इसमें फूड कोर्ट और ईंधन भरने की सुविधाएं, पार्क, बच्चों को खेलने के झूले व ट्रामा सेंटर शामिल हैं। चालकों व यात्रियों को आराम घर बनाए गए हैं जो सभी सुविधाओं से लैस हैं। सुविधाओं का लाभ उठाने वाले वाहन चालक व यात्रियों कोई परेशानी न हो इस लिए ये सुविधा केंद्र हाईवे से नीचे दोनों ओर बनाए गए हैं।
जगह जगह लगे हैं टेलीफोन बूथ
हाईवे के दोनों ओर जगह-जगह टेलीफोन बूथ लगाए गए हैं, ताकि दुर्घटना होने पर सूचना दी जा सके। जरूरत पड़ने पर दवाई, पेट्रोल, डीजल सीएनजी व अन्य सामान मौके पर ही उपलब्ध करा सकेंगे। जरूरत पड़ी तो एंबुलेंस घायल को जल्दी ही ट्रामा सेंटर तक पहुंचाएगी।
स्पीड बढ़ी तो जनरेट होगा चालान
हाईवे पर चलने वाले वाहन चालकों के लिए वाहनों के अनुसार स्पीड निर्धारित की गई है। कार चालक अपनी कार को 100 किलोमीटर प्रतिघंटा की स्पीड से चला सकेंगे। ज्यों ही स्पीड बढे़गी हाईवे पर लगा सायरन बजेगा। कोई भी वाहन अपनी लेन नहीं छोड़ सकेगा। अगर यातायात के नियमों का उल्लंघन किया तो हाईवे पर लगे कैमरे से ऑटोमेटिक चालान जनरेट होकर घर पहुंच जाएगा। इसके अलावा हाईवे पर जगह-जगह सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जो हाईवे पर चलने वाले वाहनों की तस्वीर कंट्रोल रूम तक पहुंचाते रहेंगे।