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Rohtak News: बांग्लादेश और पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों के हालात के बारे में बताया
Wed, 22 Jan 2025 02:01 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Wed, 22 Jan 2025 02:01 AM IST
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21सीटीके02-एमडीयू में विस्तार व्याख्यान कार्यक्रम में संबाेधित करते प्रो. कुलदीप चंद अग्निहोत्
महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय के स्वराज सदन में मंगलवार को विशेष विस्तार व्याख्यान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसका विषय द प्रॉब्लम ऑफ माइनॉरिटीज इन बांग्लादेश रहा।
यह कार्यक्रम पं दीनदयाल उपाध्याय शोधपीठ, लोक प्रशासन विभाग व रक्षा एवं सामरिक अध्ययन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया। साहित्य अकादमी, पंचकूला के निदेशक प्रो. कुलदीप चंद अग्निहोत्री मुख्य वक्ता रहे। उन्होंने बांग्लादेश व पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों के हालात की पृष्ठभूमि पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर अत्याचार को भारत सरकार दुनिया के सामने लाई है। आज भारत की बदौलत दुनिया इस मुद्दे पर बोल रही है। डीन एकेडमिक अफेयर्स प्रो. एएस मान ने बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की स्थिति को दयनीय बताया। उन्होंने कहा कि वहां के अल्पसंख्यक धार्मिक असहिष्णुता, सामाजिक भेदभाव, जमीन और संपत्ति का हड़पना, मानवाधिकारों का उल्लंघन, शैक्षिक एवं आर्थिक असमानताएं आदि समस्याओं से जूझ रहे हैं।
उन्होंने कहा कि बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों का हाशिए पर होना आजादी के बाद से ही जारी है और अल्पसंख्यकों की लगातार घटती संख्या इस बात को पुख्ता करती है। पं. दीनदयाल उपाध्याय शोधपीठ के निदेशक प्रो. सेवा सिंह दहिया ने स्वागत भाषण दिया। डॉ. विवेक बाल्यान ने कार्यक्रम का संचालन किया।
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डॉ. समुंदर ने मुख्य वक्ता का परिचय दिया। हरियाणा अध्ययन केंद्र के निदेशक प्रो. एसएस चाहर ने आभार जताया। इस अवसर पर प्रतिष्ठित शिक्षाविद डॉ. सीताराम व्यास, सीडीएलयू के पूर्व कुलपति प्रो. विजय कायत, चौ. रणबीर सिंह इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल एंड इकोनॉमिक चेंज के निदेशक प्रो. संदीप मलिक, प्रो. देशराज व प्रो. सुरेन्द्र कुमार मौजूद रहे।
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यह कार्यक्रम पं दीनदयाल उपाध्याय शोधपीठ, लोक प्रशासन विभाग व रक्षा एवं सामरिक अध्ययन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया। साहित्य अकादमी, पंचकूला के निदेशक प्रो. कुलदीप चंद अग्निहोत्री मुख्य वक्ता रहे। उन्होंने बांग्लादेश व पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों के हालात की पृष्ठभूमि पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर अत्याचार को भारत सरकार दुनिया के सामने लाई है। आज भारत की बदौलत दुनिया इस मुद्दे पर बोल रही है। डीन एकेडमिक अफेयर्स प्रो. एएस मान ने बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की स्थिति को दयनीय बताया। उन्होंने कहा कि वहां के अल्पसंख्यक धार्मिक असहिष्णुता, सामाजिक भेदभाव, जमीन और संपत्ति का हड़पना, मानवाधिकारों का उल्लंघन, शैक्षिक एवं आर्थिक असमानताएं आदि समस्याओं से जूझ रहे हैं।
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उन्होंने कहा कि बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों का हाशिए पर होना आजादी के बाद से ही जारी है और अल्पसंख्यकों की लगातार घटती संख्या इस बात को पुख्ता करती है। पं. दीनदयाल उपाध्याय शोधपीठ के निदेशक प्रो. सेवा सिंह दहिया ने स्वागत भाषण दिया। डॉ. विवेक बाल्यान ने कार्यक्रम का संचालन किया।
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डॉ. समुंदर ने मुख्य वक्ता का परिचय दिया। हरियाणा अध्ययन केंद्र के निदेशक प्रो. एसएस चाहर ने आभार जताया। इस अवसर पर प्रतिष्ठित शिक्षाविद डॉ. सीताराम व्यास, सीडीएलयू के पूर्व कुलपति प्रो. विजय कायत, चौ. रणबीर सिंह इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल एंड इकोनॉमिक चेंज के निदेशक प्रो. संदीप मलिक, प्रो. देशराज व प्रो. सुरेन्द्र कुमार मौजूद रहे।