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तिलयार झील में भी बर्ड फ्लू का खतरा, पक्षियों के लिए गए सेंपल
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
Updated Sat, 05 Nov 2016 01:51 AM IST
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BirdFlue
- फोटो : Bureau
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हिसार में बर्ड फ्लू से पक्षियों की मौत के बाद प्रदेश भर में अलर्ट जारी कर दिया गया है। सुरक्षा की दृष्टि से शुक्रवार को वाइल्ड लाइफ और एनीमल हसबैंडरी के अधिकारियों ने तिलयार झील का मुआयना किया। टीम ने कई प्रवासी पक्षियों के साथ-साथ स्थानीय पक्षियों के सेंपल भी लिए, जिन्हें जांच के लिए भेजा जाएगा।
बर्ड फ्लू का खौफ कम होने का नाम नहीं ले रहा है। यूं तो तिलयार जू में शुरुआत से ही सतर्कता बरती जा रही है, लेकिन हिसार में बर्ड फ्लू से पक्षियों की मौत के बाद अधिकारियों में भी हड़कंप मचा हुआ है। तिलयार के टूरिस्ट ऑफिसर चंद्रभान ने बताया कि दोपहर के समय वाइल्ड लाइफ और एनीमल हसबैंडरी की टीम झील पर पहुंची। टीम ने झील का मौका मुआयना कर सुरक्षा के दिशा-निर्देश दिए।
इसके अलावा सुरक्षा के मद्देनजर झील पर आए हुए कई प्रवासी पक्षियों समेत स्थानीय पक्षियों के भी सेंपल लिए गए। जिन्हें जांच के लिए भेजा जाएगा। हालांकि अभी तक तिलयार झील या जू में ऐसा कोई संदिग्ध पक्षी नहीं मिला है, जिससे बर्ड फ्लू के फैलने की आशंका हो, लेकिन फिर भी स्थानीय अधिकारी कोई लापरवाही नहीं बरतना चाहते। सतर्कता बरतते हुए झील के चारों तरफ केमिकल युक्त चूना भी डाला गया है।
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प्रवासी पक्षी न फैला दें बर्ड फ्लू
दरअसल, सर्दियों के शुरुआत में अक्सर दूसरे देशों से प्रवासी पक्षी उत्तरी भारत में आते हैं, क्योंकि यहां पर सर्दी के मौसम में भी पक्षियों को खाने-पीने के लिए कोई समस्या नहीं होती। तिलयार झील भी प्रवासी पक्षियों का ही महत्वपूर्ण स्थान माना जाता है। चिकित्सकों की मानें तो बर्ड फ्लू का वायरस भी प्रवासी पक्षियों से ही आता है। इसलिए विशेष सतर्कता बरती जा रही है।
पर्यटकों से अपील, न दें मैदा का खाद्य पदार्थ
बर्ड फ्लू के डर के कारण सभी तरह की सतर्कता बरती जा रही है। वाइल्ड लाइफ और एनीमल हसबैंडरी की टीम ने तिलयार पर आने वाले पर्यटकों से भी अपील की है कि पक्षियों को मैदा से बनी कोई भी खाद्य सामग्री न दें। यहां तक कि पक्षियों को ब्रेड आदि भी न दी जाए।
झील में सभी पक्षी स्वस्थ हैं, लेकिन फिर भी पूरी सतर्कता बरती जा रही है। तिलयार पर आने वाले पर्यटकों को विशेष सावधानी बरतने के लिए कहा जा रहा है।
- चंद्रभान, टूरिस्ट ऑफिसर तिलयार
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बर्ड फ्लू का खौफ कम होने का नाम नहीं ले रहा है। यूं तो तिलयार जू में शुरुआत से ही सतर्कता बरती जा रही है, लेकिन हिसार में बर्ड फ्लू से पक्षियों की मौत के बाद अधिकारियों में भी हड़कंप मचा हुआ है। तिलयार के टूरिस्ट ऑफिसर चंद्रभान ने बताया कि दोपहर के समय वाइल्ड लाइफ और एनीमल हसबैंडरी की टीम झील पर पहुंची। टीम ने झील का मौका मुआयना कर सुरक्षा के दिशा-निर्देश दिए।
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इसके अलावा सुरक्षा के मद्देनजर झील पर आए हुए कई प्रवासी पक्षियों समेत स्थानीय पक्षियों के भी सेंपल लिए गए। जिन्हें जांच के लिए भेजा जाएगा। हालांकि अभी तक तिलयार झील या जू में ऐसा कोई संदिग्ध पक्षी नहीं मिला है, जिससे बर्ड फ्लू के फैलने की आशंका हो, लेकिन फिर भी स्थानीय अधिकारी कोई लापरवाही नहीं बरतना चाहते। सतर्कता बरतते हुए झील के चारों तरफ केमिकल युक्त चूना भी डाला गया है।
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प्रवासी पक्षी न फैला दें बर्ड फ्लू
दरअसल, सर्दियों के शुरुआत में अक्सर दूसरे देशों से प्रवासी पक्षी उत्तरी भारत में आते हैं, क्योंकि यहां पर सर्दी के मौसम में भी पक्षियों को खाने-पीने के लिए कोई समस्या नहीं होती। तिलयार झील भी प्रवासी पक्षियों का ही महत्वपूर्ण स्थान माना जाता है। चिकित्सकों की मानें तो बर्ड फ्लू का वायरस भी प्रवासी पक्षियों से ही आता है। इसलिए विशेष सतर्कता बरती जा रही है।
पर्यटकों से अपील, न दें मैदा का खाद्य पदार्थ
बर्ड फ्लू के डर के कारण सभी तरह की सतर्कता बरती जा रही है। वाइल्ड लाइफ और एनीमल हसबैंडरी की टीम ने तिलयार पर आने वाले पर्यटकों से भी अपील की है कि पक्षियों को मैदा से बनी कोई भी खाद्य सामग्री न दें। यहां तक कि पक्षियों को ब्रेड आदि भी न दी जाए।
झील में सभी पक्षी स्वस्थ हैं, लेकिन फिर भी पूरी सतर्कता बरती जा रही है। तिलयार पर आने वाले पर्यटकों को विशेष सावधानी बरतने के लिए कहा जा रहा है।
- चंद्रभान, टूरिस्ट ऑफिसर तिलयार