{"_id":"5f10a5e08ebc3e6382312dbf","slug":"three-years-damaged-road-saw-villagers-says-sonipat-road-make-activily-rohtakcity-news-rtk5643541112","type":"story","status":"publish","title_hn":"तीन साल से टूटे रोड से परेशान ग्रामीण बोले- बस एक ही सपना, सोनीपत रोड का निमार्ण हो जल्द पूरा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
तीन साल से टूटे रोड से परेशान ग्रामीण बोले- बस एक ही सपना, सोनीपत रोड का निमार्ण हो जल्द पूरा
विज्ञापन
भलौट गांव में टूटी पडी दोनो तरफ की सडक । संवाद न्यूज एजेंसी
- फोटो : RohtakCity
रोहतक। गांव भालौठ में तीन साल से निर्माणाधीन सोनीपत रोड पर टूटा फूटा होने से हर समय दुर्घटना होने की आशंका बनी रहती है। जर्जर सड़क और गड्ढों के कारण यहां अक्सर जाम लग जाता है, जिससे लोगों को काफी परेशानी होती है। गांव वाले कहते हैं कि पता नहीं यह रोड कब बनेगी।
बता दें कि अमर उजाला की ओर से गांव के अभियान के तहत गांव के इतिहास की जानकारी कराने के साथ ही वहां की समस्याओं और विशेषताओं से भी रूबरू कराया जा रहा है। इसी के तहत अमर उजाला की टीम बुधवार को रोहतक से दस किलोमीटर दूर सोनीपत रोड पर गांव भालौठ पहुंची पड़ताल की तो पाया कि गांव का मुख्य मार्ग यानी सोनीपत रोड परेशानी का कारण बनी है। तीन साल पहले जब इस सड़क का निर्माण शुरू हुआ तो लोगों की खुशी का ठिकाना न था, लेकिन सड़क उखाड़कर यहां के लोगों को अपने हाल पर छोड़ दिया गया। गांव वाले सड़क का निर्माण पूर्ण कराने के अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से कह चुके हैं। अमर उजाला टीम के पहुंचने पर भी सभी ने कहा कि इस सड़क का निर्माण जल्द हो तो उनकी मुसीबत कम हो।
जिला परिषद की बैठक में भी उठ चुका है मुद्दा
सोनीपत रोड का निर्माण बंद होने का मुद्दा 14 फरवरी 2020 को हुई जिला पंचायत की बैठक में भी उठ चुका है। जिला परिषद अध्यक्ष सतीश भालौठ ने न सिर्फ खुद इस मुद्दे को उठाया बल्कि आयुक्त से लेकर लोक निर्माण मंत्री तक को पत्र लिखकर इस सड़क को बनवाने की मांग की। इसके बाद लोक निर्माण विभाग, प्रांतीय मंडल 1 के कार्यकारी अभियंता ने सड़क बनाने वाली कंपनी को नोटिस दिया था। साथ ही इस कार्यवाही से जिला परिषद को अवगत कराया, लेकिन इसके बाद भी सड़क निर्माण का कार्य पूरा नहीं किया गया।
विज्ञापन
रोजाना 20 हजार से अधिक लोग करते हैं सफर
सोनीपत रोड ट्रैक के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण है, क्योंकि टोल न होने के कारण पानीपत तक से माल ढोने वाले ट्रक और कंटेनर इसी रास्ते से गुजरते हैं। इलाके के गांव बिसवाल, किलोई, रुड़की, खरखौदा, पाकस्मा, आसन, कंसाला, मुंगाण, हुमायूंपुर, बखेता सहित करीब 20 गांवों के हजारों लोगों का रोजाना रोहतक, दिल्ली, पानीपत और सोनीपत जाना होता है। इस तरह इस रास्ते से रोजाना करीब 20 हजार से अधिक लोग सफर करते हैं।
गांव वाले बोले- जल्द पूरा हो सड़क का निर्माण
गांव के बुजुर्ग महाबीर पंडित, हलवाई सतबीर सिंह सत्ते, जयदीप फौगाट और संजय कुमार कहते है कि सोनीपत रोड जर्जर होने के कारण अक्सर हादसे होते रहते हैं। पिछले एक साल में ही इलाके के चार लोगों की जान जा चुकी है। गांव में आने वाले जनप्रतिनिधियों से लेकर उच्चाधिकारियों तक को वह लोग अवगत करा चुके हैं, लेकिन इसके बाद भी इस सड़क का निर्माण पूरा नहीं हो सका।
विज्ञापन
बता दें कि अमर उजाला की ओर से गांव के अभियान के तहत गांव के इतिहास की जानकारी कराने के साथ ही वहां की समस्याओं और विशेषताओं से भी रूबरू कराया जा रहा है। इसी के तहत अमर उजाला की टीम बुधवार को रोहतक से दस किलोमीटर दूर सोनीपत रोड पर गांव भालौठ पहुंची पड़ताल की तो पाया कि गांव का मुख्य मार्ग यानी सोनीपत रोड परेशानी का कारण बनी है। तीन साल पहले जब इस सड़क का निर्माण शुरू हुआ तो लोगों की खुशी का ठिकाना न था, लेकिन सड़क उखाड़कर यहां के लोगों को अपने हाल पर छोड़ दिया गया। गांव वाले सड़क का निर्माण पूर्ण कराने के अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से कह चुके हैं। अमर उजाला टीम के पहुंचने पर भी सभी ने कहा कि इस सड़क का निर्माण जल्द हो तो उनकी मुसीबत कम हो।
विज्ञापन
जिला परिषद की बैठक में भी उठ चुका है मुद्दा
सोनीपत रोड का निर्माण बंद होने का मुद्दा 14 फरवरी 2020 को हुई जिला पंचायत की बैठक में भी उठ चुका है। जिला परिषद अध्यक्ष सतीश भालौठ ने न सिर्फ खुद इस मुद्दे को उठाया बल्कि आयुक्त से लेकर लोक निर्माण मंत्री तक को पत्र लिखकर इस सड़क को बनवाने की मांग की। इसके बाद लोक निर्माण विभाग, प्रांतीय मंडल 1 के कार्यकारी अभियंता ने सड़क बनाने वाली कंपनी को नोटिस दिया था। साथ ही इस कार्यवाही से जिला परिषद को अवगत कराया, लेकिन इसके बाद भी सड़क निर्माण का कार्य पूरा नहीं किया गया।
विज्ञापन
रोजाना 20 हजार से अधिक लोग करते हैं सफर
सोनीपत रोड ट्रैक के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण है, क्योंकि टोल न होने के कारण पानीपत तक से माल ढोने वाले ट्रक और कंटेनर इसी रास्ते से गुजरते हैं। इलाके के गांव बिसवाल, किलोई, रुड़की, खरखौदा, पाकस्मा, आसन, कंसाला, मुंगाण, हुमायूंपुर, बखेता सहित करीब 20 गांवों के हजारों लोगों का रोजाना रोहतक, दिल्ली, पानीपत और सोनीपत जाना होता है। इस तरह इस रास्ते से रोजाना करीब 20 हजार से अधिक लोग सफर करते हैं।
गांव वाले बोले- जल्द पूरा हो सड़क का निर्माण
गांव के बुजुर्ग महाबीर पंडित, हलवाई सतबीर सिंह सत्ते, जयदीप फौगाट और संजय कुमार कहते है कि सोनीपत रोड जर्जर होने के कारण अक्सर हादसे होते रहते हैं। पिछले एक साल में ही इलाके के चार लोगों की जान जा चुकी है। गांव में आने वाले जनप्रतिनिधियों से लेकर उच्चाधिकारियों तक को वह लोग अवगत करा चुके हैं, लेकिन इसके बाद भी इस सड़क का निर्माण पूरा नहीं हो सका।