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Rohtak News: शराब के स्टॉक में हेराफेरी पर तीन पुलिसकर्मी निलंबित, एसएचओ लाइन हाजिर
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रोहतक। महम थाने के मालखाने में करीब 10 दिन पहले शराब के स्टॉक में हेराफेरी मिलने पर एसपी ने थाना प्रभारी सुभाष को लाइन हाजिर और मालखाना मोहरर ईएचसी ज्योति स्वरूप, एमएचसी जयभगवान व एसए सतपाल को निलंबित कर दिया है। शराब नष्ट करने के लिए नियमानुसार प्रक्रिया नहीं अपनाने पर पुलिस कर्मचारियों पर यह कार्रवाई की गई है।
मालखाने में शराब के स्टॉक में हुई गड़बड़ी मामले की जांच एसपी सुरेंद्र सिंह भौरिया कर रहे थे। शराब की स्टॉक की हेराफेरी में कितनी शराब कम है, इसका सही आकलन किया जा रहा है। जांच के बाद ही अंतर स्पष्ट हो पाएगा।
थाने के मालखाना मोहरर ईएचसी ज्योतिस्वरूप ने पूरी शराब नष्ट नहीं कराई। मामले की सूचना मिलने पर एसपी ने डीएसपी गुलाब सिंह को जांच सौंपी गई थी।
शराब नष्ट करने की नहीं अपनाई प्रक्रिया
थाने की शराब नष्ट करने के लिए निर्धारित प्रक्रिया नहीं अपनाई गई। ऐसे मामलों में डीएसपी की मौजूदगी जरूरी है। वहां कार्रवाई के समय डीएसपी व थाना प्रभारी भी मौके पर नहीं थे। इसके अलावा प्रशासनिक अधिकारी की मौजूदगी भी अनिवार्य है। यह पक्ष भी अधूरा रहा। इसके अलावा शराब नष्ट करने के दौरान वीडियो भी नहीं बनाया गया।
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यह है मामला
थाना महम पुलिस ने करीब तीन माह पूर्व राष्ट्रीय राजमार्ग 152-डी से भारी मात्रा में शराब बरामद हुई थी। इसे थाने के मालखाने में रखा गया था। वाहन चालक से शराब की 350 पेटियां बरामद करने की बात सामने आई है। इसमें से बड़ी मात्रा में शराब गायब हो गई। इस बारे में एक कर्मचारी ने एसपी को गड़बड़ी से अवगत कराया था। जांच में गड़बड़ी की पुष्टि हो गई।
वर्जन
महम थाने शराब के स्टॉक में हेराफेरी मिलने पर कार्रवाई की गई है। इस मामले में संलिप्त एसआई सुभाष को लाइन हाजिर किया गया है। मालखाना मोहरर समेत तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया है। - सुरेंद्र सिंह भौरिया, पुलिस अधीक्षक रोहतक
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मालखाने में शराब के स्टॉक में हुई गड़बड़ी मामले की जांच एसपी सुरेंद्र सिंह भौरिया कर रहे थे। शराब की स्टॉक की हेराफेरी में कितनी शराब कम है, इसका सही आकलन किया जा रहा है। जांच के बाद ही अंतर स्पष्ट हो पाएगा।
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थाने के मालखाना मोहरर ईएचसी ज्योतिस्वरूप ने पूरी शराब नष्ट नहीं कराई। मामले की सूचना मिलने पर एसपी ने डीएसपी गुलाब सिंह को जांच सौंपी गई थी।
शराब नष्ट करने की नहीं अपनाई प्रक्रिया
थाने की शराब नष्ट करने के लिए निर्धारित प्रक्रिया नहीं अपनाई गई। ऐसे मामलों में डीएसपी की मौजूदगी जरूरी है। वहां कार्रवाई के समय डीएसपी व थाना प्रभारी भी मौके पर नहीं थे। इसके अलावा प्रशासनिक अधिकारी की मौजूदगी भी अनिवार्य है। यह पक्ष भी अधूरा रहा। इसके अलावा शराब नष्ट करने के दौरान वीडियो भी नहीं बनाया गया।
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यह है मामला
थाना महम पुलिस ने करीब तीन माह पूर्व राष्ट्रीय राजमार्ग 152-डी से भारी मात्रा में शराब बरामद हुई थी। इसे थाने के मालखाने में रखा गया था। वाहन चालक से शराब की 350 पेटियां बरामद करने की बात सामने आई है। इसमें से बड़ी मात्रा में शराब गायब हो गई। इस बारे में एक कर्मचारी ने एसपी को गड़बड़ी से अवगत कराया था। जांच में गड़बड़ी की पुष्टि हो गई।
वर्जन
महम थाने शराब के स्टॉक में हेराफेरी मिलने पर कार्रवाई की गई है। इस मामले में संलिप्त एसआई सुभाष को लाइन हाजिर किया गया है। मालखाना मोहरर समेत तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया है। - सुरेंद्र सिंह भौरिया, पुलिस अधीक्षक रोहतक