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तीन सदस्यीय टीम दोबारा करेगी प्रॉपर्टी का सर्वे
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रोहतक। भले ही हाउस की मीटिंग में प्रॉपर्टी टैक्स का सर्वे सर्वसम्मति से निरस्त करने का प्रस्ताव पास हो चुका है, मगर निगम प्रशासन इसके हक में नहीं है। निगम अफसर कभी हाउस मीटिंग की प्रोसिडिंग रिपोर्ट नहीं मिलने का बात कह रहे हैं तो कभी समस्या का हल निकालने की। फिलहाल तय किया गया है कि तीन सदस्यीय टीम दोबारा सर्वे करेगी। इसमें सर्वे कंपनी का कर्मी, निगम कर्मी और पार्षद का प्रतिनिधि होगा।
निगम क्षेत्र की 2.09 लाख प्रॉपर्टी का एक कंपनी ने सर्वे किया है। सर्वे में हुई गलतियां संशोधित करने के लिए दिसंबर 2021 में नोटिस देना शुरू कर दिया, जो सिर्फ एक लाख ही वितरित किए गए। जैसे ही लोगों को सर्वे नोटिस मिले वैसे ही लोगों का निगम कार्यालय में शिकायतें लेकर आना शुरू हो गया। लोगों की शिकायतों को देखते हुए निगम प्रशासन ने पंडित श्रीराम रंगशाला में कार्यालय बना दिया, जहां सर्वे कंपनी के लोग शिकायतें लेने लगे। वहीं, दूसरी तरफ शिकायतें देने के बाद भी जब लोगों की शिकायतों को निस्तारण नहीं हुआ तो उन्होंने पार्षदों से शिकायतें करना शुरू कर दिया। हालातों को देखते हुए निगम आयुक्त डॉ. नरहरि बांगड़ ने वार्डों में शिविर लगाकर शिकायतें निस्तारण कराना शुरू कर दिया, मगर इससे भी लोगों को राहत नहीं मिली।
वहीं, पार्षदों ने एकजुटता से निगम हाउस की 28 मार्च को हुई बैठक में सर्वसम्मति से सर्वे निरस्त करने का प्रस्ताव पारित कर दिया। मगर अभी तक निगम प्रशासन ने हाउस में पास प्रस्ताव पर कोई कार्रवाई नहीं की है। इसकी वजह है कि निगम अधिकारी सर्वे निरस्त करने के पक्ष में नहीं है। अधिकारी लगातार सर्वे में हुई खामियों को दुरुस्त कराने की दिशा में प्रयासरत हैं। इसके तहत तय किया गया है कि तीन सदस्यीय कमेटी बनेगी जिसमें सर्वे कंपनी के कर्मी के साथ निगम कर्मी और वार्ड पार्षद का प्रतिनिधि शामिल होगा। तीनों घर-घर जाकर नोटिस की खामियों को दूर करेंगे।
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0-वर्जन
निगम हाउस की प्रोसिडिंग रिपोर्ट मैने दूसरे दिन ही बनाकर भेज दी थी, इसमें सर्वे निरस्त करने का प्रस्ताव पारित होने का उल्लेख है। प्रयास किया जा रहा है कि सर्वे में हुई खामियों को दूर किया जाए। इसके लिए तीन सदस्यीय टीम बनाने की योजना है। इसमें सर्वे कंपनी के कर्मी के साथ निगम कर्मी और वार्ड पार्षद का प्रतिनिधि शामिल होगा।
- सुरेश कुमार, संयुक्त नगर आयुक्त नगर निगम
सर्वे कंपनी को एक माह का समय दिया है कि वह अपनी गलतियों को सुधारें। इसके लिए कंपनी के कर्मचारी के साथ निगम कर्मी और पार्षद का प्रतिनिधि भी जुड़कर काम करेगा। एक माह में गलतियां नहीं सुधरेंगी तो हाउस में पारित प्रस्ताव पर अमल करके आगे की कार्रवाई की जाएगी।
- मनमोहन गोयल, मेयर
वर्जन
सर्वे करने वाली कंपनी से संपर्क किया गया है। कहा, है कि गलतियां सही करने के लिए लोगों की ड्यूटी लगाएं ताकि उनके साथ निगम कर्मी व पार्षद का प्रतिनिधि क्षेत्र में जाकर गलतियां सहीं करवा सकें।
- डॉ. नरहरि बांगड़ नगर निगम आयुक्त
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निगम क्षेत्र की 2.09 लाख प्रॉपर्टी का एक कंपनी ने सर्वे किया है। सर्वे में हुई गलतियां संशोधित करने के लिए दिसंबर 2021 में नोटिस देना शुरू कर दिया, जो सिर्फ एक लाख ही वितरित किए गए। जैसे ही लोगों को सर्वे नोटिस मिले वैसे ही लोगों का निगम कार्यालय में शिकायतें लेकर आना शुरू हो गया। लोगों की शिकायतों को देखते हुए निगम प्रशासन ने पंडित श्रीराम रंगशाला में कार्यालय बना दिया, जहां सर्वे कंपनी के लोग शिकायतें लेने लगे। वहीं, दूसरी तरफ शिकायतें देने के बाद भी जब लोगों की शिकायतों को निस्तारण नहीं हुआ तो उन्होंने पार्षदों से शिकायतें करना शुरू कर दिया। हालातों को देखते हुए निगम आयुक्त डॉ. नरहरि बांगड़ ने वार्डों में शिविर लगाकर शिकायतें निस्तारण कराना शुरू कर दिया, मगर इससे भी लोगों को राहत नहीं मिली।
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वहीं, पार्षदों ने एकजुटता से निगम हाउस की 28 मार्च को हुई बैठक में सर्वसम्मति से सर्वे निरस्त करने का प्रस्ताव पारित कर दिया। मगर अभी तक निगम प्रशासन ने हाउस में पास प्रस्ताव पर कोई कार्रवाई नहीं की है। इसकी वजह है कि निगम अधिकारी सर्वे निरस्त करने के पक्ष में नहीं है। अधिकारी लगातार सर्वे में हुई खामियों को दुरुस्त कराने की दिशा में प्रयासरत हैं। इसके तहत तय किया गया है कि तीन सदस्यीय कमेटी बनेगी जिसमें सर्वे कंपनी के कर्मी के साथ निगम कर्मी और वार्ड पार्षद का प्रतिनिधि शामिल होगा। तीनों घर-घर जाकर नोटिस की खामियों को दूर करेंगे।
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निगम हाउस की प्रोसिडिंग रिपोर्ट मैने दूसरे दिन ही बनाकर भेज दी थी, इसमें सर्वे निरस्त करने का प्रस्ताव पारित होने का उल्लेख है। प्रयास किया जा रहा है कि सर्वे में हुई खामियों को दूर किया जाए। इसके लिए तीन सदस्यीय टीम बनाने की योजना है। इसमें सर्वे कंपनी के कर्मी के साथ निगम कर्मी और वार्ड पार्षद का प्रतिनिधि शामिल होगा।
- सुरेश कुमार, संयुक्त नगर आयुक्त नगर निगम
सर्वे कंपनी को एक माह का समय दिया है कि वह अपनी गलतियों को सुधारें। इसके लिए कंपनी के कर्मचारी के साथ निगम कर्मी और पार्षद का प्रतिनिधि भी जुड़कर काम करेगा। एक माह में गलतियां नहीं सुधरेंगी तो हाउस में पारित प्रस्ताव पर अमल करके आगे की कार्रवाई की जाएगी।
- मनमोहन गोयल, मेयर
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सर्वे करने वाली कंपनी से संपर्क किया गया है। कहा, है कि गलतियां सही करने के लिए लोगों की ड्यूटी लगाएं ताकि उनके साथ निगम कर्मी व पार्षद का प्रतिनिधि क्षेत्र में जाकर गलतियां सहीं करवा सकें।
- डॉ. नरहरि बांगड़ नगर निगम आयुक्त