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बाबा मस्तनाथ मठ में तीन दिवसीय मेले का शुभारंभ
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ये कैसा रहेगा, जरा बताओ... अस्थल बोहर के बाबा मस्तनाथ मठ में आयोजित मेले में खरीदारी करतीं महिलाएं ?
अस्थल बोहर स्थित बाबा मस्तनाथ मठ में बुधवार को परंपरानुसार नागा साधुओं की अगुवाई में रैबारी समाज ने सर्वप्रथम बाबा मस्तनाथ की पूजा-अर्चना की और तीन दिवसीय मेले का शुभारंभ हो गया। बाबा के समाधि स्थल व बाबा मस्तनाथ का दरबार आम भक्तों के लिए खोल दिया गया है। यहां देशभर से नाथ पंथ के सिद्ध तपस्वी व शरीर पर भस्म रमाए नागा साधु नाचते-गाते पहुंचे। यहां मठ के महंत बालकनाथ योगी भी गुरु गोरखनाथ की आरती करने पहुंचे।
मठ में दिनभर नाथ संप्रदाय से जुड़े साधु, संत व पीरों का आगमन जारी रहा। मठ का संपूर्ण परिसर रात्रि में दूधिया रोशनी में सराबोर दिखा। यहां शुरू हुए मेले के चलते बड़े-बड़े झूले, खिलौने, सिंगार व खाने-पीने के सामान के स्टॉल सजे हुए नजर आए। शाम तक मेले में आने वाले श्रद्धालुओं का सिलसिला जारी रहा। श्रद्धालुओं की भीड़ के बीच देश के विभिन्न राज्यों के अनेक गण्यमान्य लोग अलवर के सांसद एवं मठाधीश बाबा बालकनाथ योगी से मिलने पहुंचे। इस दौरान हजारों भक्तों ने पूजा-अर्चना की। मेला प्रबंधन समिति की ओर से मेला परिसर में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए मास्क व सैनिटाइजर की व्यवस्था का विशेष ध्यान रखा गया।
समाधिस्थल पर चढ़ाया गुड़ और कंबल
सिद्ध शिरोमणि बाबा मस्तनाथ की स्मृति में शुरू हुए मेले का पहला दिन खास रहा। भक्तों ने समाधि पर गुड़ व काला कंबल चढ़ाकर पूजा की। मेला परिसर में बंचारी का नगाड़ा आकर्षण का मुख्य केंद्र रहा। यहां लगातार नगाड़े की थाप पर श्रद्धालु झूमते नजर आए। मेला परिसर में स्वच्छता जल बचाओ और अन्य सामाजिक संदेश देने वाले पोस्टर नजर आए। तीन दिन तक चलने वाले मेले के पहले दिन शाम को भजन संध्या का आयोजन किया गया। इसमें महावीर गुड्डू एंड पार्टी के गाए भजनों पर भक्त झूम उठे। यहां कलाकारों ने भजन प्रतिभा के दर्शन कराए और भजन संध्या की रंगारंग प्रस्तुतियां दीं।
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बैंड व ढोल ने मचाया धमाल
मेले में स्थानीय बैंड टीमों ने अपनी धुनों से श्रद्धालुओं में जोश भरे रखा। ढोलों की थाप पर समा बंधा रहा। कई श्रद्धालुओं ने बैंड भी बजवाया और झूम कर भक्ति रस में सराबोर होकर जय मस्तनाथ महाराज, जय बालक नाथ जी योगी के जयकारे भी लगाए।
नागा साधुओं की अग्नि तपस्या देखने जुटी भीड़
नागा साधुओं की मेले में चल रही अग्नि तपस्या देखने वाले श्रद्धालुओं की भीड़ जमा रही। यहां साधुओं ने उपलों से अग्नि प्रज्वलित कर रखी थी और उसके आसपास बैठकर तपस्या कर रहे थे। वहीं दिनभर श्रद्धालुओं ने मेले में प्रसाद ग्रहण किया।
मठाधीश ने भी बनाया प्रसाद
मेले की तैयारियों पर मठाधीश बाबा बालकनाथ योगी ने स्वयं प्रसाद तैयार किया और कारीगरों का हौसला बढ़ाया कि मेले के तीन दिन लगातार हजारों भक्त यहां प्रसाद ग्रहण करेंगे और उन्हें किसी प्रकार की कोई समस्या न आए। प्रसाद निर्माण में स्वच्छता का खास ध्यान रखा जा रहा है।
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मठ में दिनभर नाथ संप्रदाय से जुड़े साधु, संत व पीरों का आगमन जारी रहा। मठ का संपूर्ण परिसर रात्रि में दूधिया रोशनी में सराबोर दिखा। यहां शुरू हुए मेले के चलते बड़े-बड़े झूले, खिलौने, सिंगार व खाने-पीने के सामान के स्टॉल सजे हुए नजर आए। शाम तक मेले में आने वाले श्रद्धालुओं का सिलसिला जारी रहा। श्रद्धालुओं की भीड़ के बीच देश के विभिन्न राज्यों के अनेक गण्यमान्य लोग अलवर के सांसद एवं मठाधीश बाबा बालकनाथ योगी से मिलने पहुंचे। इस दौरान हजारों भक्तों ने पूजा-अर्चना की। मेला प्रबंधन समिति की ओर से मेला परिसर में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए मास्क व सैनिटाइजर की व्यवस्था का विशेष ध्यान रखा गया।
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समाधिस्थल पर चढ़ाया गुड़ और कंबल
सिद्ध शिरोमणि बाबा मस्तनाथ की स्मृति में शुरू हुए मेले का पहला दिन खास रहा। भक्तों ने समाधि पर गुड़ व काला कंबल चढ़ाकर पूजा की। मेला परिसर में बंचारी का नगाड़ा आकर्षण का मुख्य केंद्र रहा। यहां लगातार नगाड़े की थाप पर श्रद्धालु झूमते नजर आए। मेला परिसर में स्वच्छता जल बचाओ और अन्य सामाजिक संदेश देने वाले पोस्टर नजर आए। तीन दिन तक चलने वाले मेले के पहले दिन शाम को भजन संध्या का आयोजन किया गया। इसमें महावीर गुड्डू एंड पार्टी के गाए भजनों पर भक्त झूम उठे। यहां कलाकारों ने भजन प्रतिभा के दर्शन कराए और भजन संध्या की रंगारंग प्रस्तुतियां दीं।
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बैंड व ढोल ने मचाया धमाल
मेले में स्थानीय बैंड टीमों ने अपनी धुनों से श्रद्धालुओं में जोश भरे रखा। ढोलों की थाप पर समा बंधा रहा। कई श्रद्धालुओं ने बैंड भी बजवाया और झूम कर भक्ति रस में सराबोर होकर जय मस्तनाथ महाराज, जय बालक नाथ जी योगी के जयकारे भी लगाए।
नागा साधुओं की अग्नि तपस्या देखने जुटी भीड़
नागा साधुओं की मेले में चल रही अग्नि तपस्या देखने वाले श्रद्धालुओं की भीड़ जमा रही। यहां साधुओं ने उपलों से अग्नि प्रज्वलित कर रखी थी और उसके आसपास बैठकर तपस्या कर रहे थे। वहीं दिनभर श्रद्धालुओं ने मेले में प्रसाद ग्रहण किया।
मठाधीश ने भी बनाया प्रसाद
मेले की तैयारियों पर मठाधीश बाबा बालकनाथ योगी ने स्वयं प्रसाद तैयार किया और कारीगरों का हौसला बढ़ाया कि मेले के तीन दिन लगातार हजारों भक्त यहां प्रसाद ग्रहण करेंगे और उन्हें किसी प्रकार की कोई समस्या न आए। प्रसाद निर्माण में स्वच्छता का खास ध्यान रखा जा रहा है।