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ये रोहतक डिपो है, यहां जूनियर देता है सीनियर को निर्देश
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रोहतक। ये रोडवेज का रोहतक डिपो है। यहां जूनियर दफ्तर में बैठकर सीनियर को दिशा-निर्देश देते हैं। सीनियर रूट पर दिनभर दौड़ते हैं। ऐसा नहीं कि इस हकीकत से अधिकारी अनजान हैं। जब जूनियर निर्देश देते हैं, तो अफसर जरूर अनजान बने रहते हैं। हैरानी तो ये भी है कि मुख्यालय से आने वाला आदेश अधिकारियों ने फाइल में बंद करके रख दिया है।
रोहतक डिपो में ऑन रूट 208 ड्राइवर और 267 कंडक्टर हैं। इनमें 33 कर्मचारी से ज्यादा सीनियर हैं। नियमानुसार सीनियर कर्मियों को जरूरत पड़ने पर रूट के बजाय दफ्तर में लगाया जाना चाहिए मगर रोहतक डिपो में उल्टा हो रहा है। सीनियर कर्मियों को लगातार रूट पर दौड़ाया जा रहा है और जूनियर कर्मी दफ्तर में बैठाकर ड्यूटी कर रहे हैं। यही नहीं, जूनियर कर्मी बिना झिझके सीनियर कर्मियों को आदेश भी देते रहते हैं, जिसे मौजूद अफसर अनसुना करते रहते हैं। कई कर्मचारी नेताओं को रूट पर भेजने के बजाय अधिकारियों ने बस स्टैंड पर लगा रखा है। इन हालातों की जानकारी के बाद विगत दिनों रोडवेज निदेशक ने आदेश जारी किए हैं जिसमें सीनियर कर्मियों की जरूरत पर दफ्तर में ड्यूटी लगाने अथवा कर्मचारी नेताओं को भी रूट पर भेजने के आदेश किए गए है। डिपो जीएम राहुल मित्तल का कहना है कि निदेशक के आदेश आने के बाद सीनियर व जूनियर कर्मियों की लिस्ट मंगवाई है। त्योहार के बाद कर्मियों को समुचित जगह तैनात किया जाएगा।
कौन सीनियर-कौन जूनियर
जिन ड्राइवर-कंडक्टरों की नियुक्ति और वेतनमान ज्यादा होता है, वह सीनियर होते हैं। जिन कर्मियों का वेतनमान कम होता है, वह जूनियर होते हैं।
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रोहतक डिपो में ऑन रूट 208 ड्राइवर और 267 कंडक्टर हैं। इनमें 33 कर्मचारी से ज्यादा सीनियर हैं। नियमानुसार सीनियर कर्मियों को जरूरत पड़ने पर रूट के बजाय दफ्तर में लगाया जाना चाहिए मगर रोहतक डिपो में उल्टा हो रहा है। सीनियर कर्मियों को लगातार रूट पर दौड़ाया जा रहा है और जूनियर कर्मी दफ्तर में बैठाकर ड्यूटी कर रहे हैं। यही नहीं, जूनियर कर्मी बिना झिझके सीनियर कर्मियों को आदेश भी देते रहते हैं, जिसे मौजूद अफसर अनसुना करते रहते हैं। कई कर्मचारी नेताओं को रूट पर भेजने के बजाय अधिकारियों ने बस स्टैंड पर लगा रखा है। इन हालातों की जानकारी के बाद विगत दिनों रोडवेज निदेशक ने आदेश जारी किए हैं जिसमें सीनियर कर्मियों की जरूरत पर दफ्तर में ड्यूटी लगाने अथवा कर्मचारी नेताओं को भी रूट पर भेजने के आदेश किए गए है। डिपो जीएम राहुल मित्तल का कहना है कि निदेशक के आदेश आने के बाद सीनियर व जूनियर कर्मियों की लिस्ट मंगवाई है। त्योहार के बाद कर्मियों को समुचित जगह तैनात किया जाएगा।
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कौन सीनियर-कौन जूनियर
जिन ड्राइवर-कंडक्टरों की नियुक्ति और वेतनमान ज्यादा होता है, वह सीनियर होते हैं। जिन कर्मियों का वेतनमान कम होता है, वह जूनियर होते हैं।