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Rohtak News: मरीज के इलाज के समय घर पर बच्चों की देखभाल का नहीं रहेगा तनाव
Wed, 08 Jan 2025 01:40 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Wed, 08 Jan 2025 01:40 AM IST
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पीजीआई में रोगी परिचारक प्रतीक्षा केंद्र व बाल सदन का उद्घाटन करते कुलपति डाॅ. एचके अग्रवाल। स्
पंडित भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय संस्थान के कर्मचारी चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े होने के चलते अपना ज्यादातर समय अस्पताल में व्यतीत करते हैं। आज के दौर पति व पत्नी दोनों नौकरी नौकरी में होने के कारण बच्चों को संभालने में समस्या आती है। ऐसे में कुलपति डाॅ. एचके अग्रवाल ने मरीजों के परिजनों के लिए रोगी परिचारक प्रतीक्षा केंद्र व बाल सदन का मंगलवार को उद्घाटन करके प्रदेश की जनता व कर्मचारियों को बड़ी सौगात प्रदान किया है।
यह सुविधा कर्मचारियों को कार्यस्थल पर अच्छा वातावरण उपलब्ध कराने के लिए शुरू की गई है। संस्थान में नर्सिंग क्षेत्र में अधिकतर महिलाएं होने के चलते अब वे अपने बच्चों को यहां नौकरी के समय में देखभाल के लिए छोड़कर अपने कार्य को अधिक लगन के साथ कर सकेंगी। इसमें निदेशक डाॅ. एसके सिंघल ने ऑनलाइन माध्यम से जुड़े।
डॉ. अग्रवाल ने बताया कि शुरुआत में इसका समय सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक रखा गया है। बच्चों के स्वास्थ्य को मद्देनजर रखते हुए सभी चार कमरों में गर्म व ठंडी हवा देने वाले एयर कंडीशनर लगवाए गए हैं। कमरों के बाहर एक पार्क भी स्थापित कराया गया है। वहीं मरीजों के परिजनों को दिन में बैठने और रात में रुकने के लिए 57.56 लाख की लागत से 2143 स्क्वायर मीटर में रोगी परिचारक प्रतीक्षा केंद्र का भी मंगलवार को उद्घाटन किया गया है, ताकि उन्हें रात को रुकने में कोई परेशानी नहीं आए।
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पहला रजिस्ट्रेशन कराया
पीजीआईएमएस की एएनएस हनीप्रभा ने पहला रजिस्ट्रेशन कराया है। इसके कारण बेटे को किसी के पास छोड़ना पडता था, ऐसे में इस बाल सदन के शुरू होने वह चिंता मुक्त मुक्त होकर ड्यूटी कर सकेंगी।
यह रहे मौजूद
चिकित्सा अधीक्षक डाॅ. कुंदन मित्तल, डीन डाॅ. कुलदीप लालर, डीन छात्र कल्याण डाॅ. एमजी वशिष्ठ, नर्सिंग सुपरिंटेंडेंट सुदेश, डीएमएस डाॅ. महेश माहला, संपदा अधिकारी ईआर दुष्यंत, एक्सईएन पीडब्ल्यूडी विजय दलाल व डीसीडब्ल्यूओ सोमदत्त।
सैकड़ों कर्मचारियों की जरूरी मांग को पूरा करके उन्हें नववर्ष पर तोहफा दिया है। बाल सदन में में एक टीचर, 2 केयर टेकर व 1 स्वीपर जिला बाल कल्याण परिषद की ओर से रखा गया है।
- डॉ. एचके अग्रवाल, यूएचएस।
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यह सुविधा कर्मचारियों को कार्यस्थल पर अच्छा वातावरण उपलब्ध कराने के लिए शुरू की गई है। संस्थान में नर्सिंग क्षेत्र में अधिकतर महिलाएं होने के चलते अब वे अपने बच्चों को यहां नौकरी के समय में देखभाल के लिए छोड़कर अपने कार्य को अधिक लगन के साथ कर सकेंगी। इसमें निदेशक डाॅ. एसके सिंघल ने ऑनलाइन माध्यम से जुड़े।
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डॉ. अग्रवाल ने बताया कि शुरुआत में इसका समय सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक रखा गया है। बच्चों के स्वास्थ्य को मद्देनजर रखते हुए सभी चार कमरों में गर्म व ठंडी हवा देने वाले एयर कंडीशनर लगवाए गए हैं। कमरों के बाहर एक पार्क भी स्थापित कराया गया है। वहीं मरीजों के परिजनों को दिन में बैठने और रात में रुकने के लिए 57.56 लाख की लागत से 2143 स्क्वायर मीटर में रोगी परिचारक प्रतीक्षा केंद्र का भी मंगलवार को उद्घाटन किया गया है, ताकि उन्हें रात को रुकने में कोई परेशानी नहीं आए।
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पहला रजिस्ट्रेशन कराया
पीजीआईएमएस की एएनएस हनीप्रभा ने पहला रजिस्ट्रेशन कराया है। इसके कारण बेटे को किसी के पास छोड़ना पडता था, ऐसे में इस बाल सदन के शुरू होने वह चिंता मुक्त मुक्त होकर ड्यूटी कर सकेंगी।
यह रहे मौजूद
चिकित्सा अधीक्षक डाॅ. कुंदन मित्तल, डीन डाॅ. कुलदीप लालर, डीन छात्र कल्याण डाॅ. एमजी वशिष्ठ, नर्सिंग सुपरिंटेंडेंट सुदेश, डीएमएस डाॅ. महेश माहला, संपदा अधिकारी ईआर दुष्यंत, एक्सईएन पीडब्ल्यूडी विजय दलाल व डीसीडब्ल्यूओ सोमदत्त।
सैकड़ों कर्मचारियों की जरूरी मांग को पूरा करके उन्हें नववर्ष पर तोहफा दिया है। बाल सदन में में एक टीचर, 2 केयर टेकर व 1 स्वीपर जिला बाल कल्याण परिषद की ओर से रखा गया है।
- डॉ. एचके अग्रवाल, यूएचएस।