{"_id":"632b578b737d420adc697f3c","slug":"there-was-a-break-on-the-crossing-of-amrit-project-the-villagers-kept-three-employees-locked-in-the-water-house-room-for-four-hours-rohtakcity-news-rtk6587159117","type":"story","status":"publish","title_hn":"अमृत प्रोजेक्ट की क्रॉसिंग पर लगा ब्रेक, ग्रामीणों ने चार घंटे जलघर के कमरे में बंद रखे तीन कर्मचारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अमृत प्रोजेक्ट की क्रॉसिंग पर लगा ब्रेक, ग्रामीणों ने चार घंटे जलघर के कमरे में बंद रखे तीन कर्मचारी
विज्ञापन
गांव में पानी की समस्या होने पर खेड़ी साध जलघर को ताला लगाकर बैठीं महिलाएं। अमर उजाला
शहर में साढ़े 300 करोड़ के अमृत प्रोजेक्ट के तहत चल रहे काम के तहत बोहर गांव के पास बने वाटर वर्क्स नंबर तीन की पेयजल लाइन की क्रॉसिंग का काम रुक गया है। इसकी वजह वाटर वर्क्स और जेएलएन के बीच की जमीन की मलकीयत पर विवाद बताया जा रहा है। एक तरफ चार दिन से क्रॉसिंग का काम ठप है तो दूसरी ओर पांच गांवों बोहर, गढ़ी बोहर, बलियाना व खेड़ी साध में जल संकट गहरा गया है। बुधवार को खेड़ी साध के ग्रामीणों ने तीन कर्मचारियों को जलघर के अंदर बंदकर बाहर से ताला लगा दिया। कर्मचारी चार घंटे तक बंधक बने रहे। नगर निगम और जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारी एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डालकर पल्ला झाड़ रहे हैं।
शहर में पांच साल से अमृत प्रोजेक्ट के तहत काम चल रहा है। इसमें से 103 करोड़ पेयजल व 200 करोड़ से सीवर व्यवस्था की जा रही है। पेयजल के प्रोजेक्ट के तहत बोहर गांव के पास शहर का तीसरा सबसे बड़ा वाटर वर्क्स बनाया गया है, जिसका दूसरा ट्रायल 10 सितंबर से चल रहा है। वाटर वर्क्स से जींद चौक तक के 11 किलोमीटर के दायरे में आनी वाली 20 कॉलोनियों व चार गांवों बोहर, गढ़ी बोहर, बलियाना व खेड़ी साध में पानी सप्लाई किया जाना है।
चार गांवों की लाइन चालू नहीं, पाइपलाइन न उठाने पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी
वाटर वर्क्स नंबर तीन से बोहर, गढ़ी बोहर, बलियाना, खेड़ी साध व फ्रेंड्स कॉलोनी के क्षेत्र में पानी सप्लाई किया जाना है। इसके लिए डाली गई पाइपलाइन को वाटर वर्क्स से जोड़ने के लिए जवाहर लाल नेहरू नहर व भालौठ ब्रांच से क्रॉसिंग की जानी है। इसके लिए दोनों नहरों के ऊपर से पाइप लाइन बिछाई जाएगी। वाटर वर्क्स का काम देख रहे कपिल ने बताया कि वाटर वर्क्स से कैनाल के बीच में 60 फीट की दूरी है। इस जमीन को पहले हुडा की बताया गया था, लेकिन अब कुछ लोग अपना दावा जता रहे हैं। साथ ही लोगों ने चेतावनी दी कि जमीन में रखे गए पाइप उठवाएं नहीं तो कानूनी कार्रवाई करेंगे। नगर निगम के अधिकारियों को अवगत कराया दिया गया है। फिलहाल दोनों नहरों पर पाइपलाइन की क्रॉसिंग का काम ठप पड़ा है।
विज्ञापन
ऊंचाई वाले क्षेत्र में दो माह बाद भी पानी न आने का आरोप
खेड़ी साध के ग्रामीणों ने बताया कि गांव में अमृत प्रोजेक्ट के तहत कोई पानी नहीं मिल रहा है। 40 साल पहले गांव में जलघर बनाया गया था, जिसकी पुरानी लाइन से पानी आता था। अब वाटर वर्क्स में पानी तो है, लेकिन पूरे गांव में सप्लाई नहीं हो पा रहा है। आधे गांव में सप्ताह में एक दिन तो ऊंचाई वाले क्षेत्र में दो माह बाद भी पानी नहीं आया है। बुधवार दोपहर करीब एक बजे पेयजल संकट से परेशान महिलाएं जलघर पहुंचीं और तीन कर्मचारियों को अंदर बंद कर बाहर से ताला लगा दिया। चार घंटे बाद जनस्वास्थ्य विभाग के जेई मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझाकर ताला खुलवाया।
500 में टैंकर तो 20 रुपये में कैंपर खरीदकर पी रहे पानी
सुमित ने बताया कि गांव में 2 हजार के करीब परिवार हैं। सबसे ज्यादा दिक्कत गांव के बलियाना मोड़ के तरफ वाले क्षेत्र में है। दो माह से जलघर से पानी नहीं आया है। ऐसे में ग्रामीण हर रोज प्रति टैंकर 500 व प्रति कैंपर 20 रुपये खर्च कर पानी पी रहे हैं। हर रोज 15 टैंकर और 50 कैंपर खरीदे जा रहे हैं। जलघर से तो पानी आ ही नहीं रहा, जबकि अमृत प्रोजेक्ट के तहत सप्लाई का कुछ पता नहीं है।
मुख्य लाइन में अवैध कनेक्शन, अधिकारी नहीं कर रहे कार्रवाई
जलघर से गांव में जो पानी सप्लाई किया जा रहा है, उसकी मुख्य लाइन में अवैध कनेक्शन किए गए हैं। कुछ लोगों ने मुख्य लाइन के अलावा सर्विस लाइन में भी कनेक्शन किया हुआ है, जिसकी वजह से ऊंचाई वाले क्षेत्र में पानी नहीं पहुंच पा रहा है।
अमृत प्रोजेक्ट के तहत निगम ने वाटर वर्क्स का निर्माण करवाया है, जिसे अभी जनस्वास्थ्य विभाग को नहीं दिया गया है। दूसरी तरफ पहले से बिछी पेयजल लाइन से जलघर में पानी पहुंच रहा है, लेकिन मुख्य लाइन में अवैध कनेक्शन के चलते पूरे गांव में पानी की सप्लाई नहीं हो पा रही है। जल्द ही पुलिस बल को साथ लेकर अवैध कनेक्शन बंद किए जाएंगे। -अमित कुमार, जेई, जनस्वास्थ्य विभाग।
जलघर तीन से बोहर, गढ़ी बोहर, बलियाना व खेड़ी साध के आसपास के क्षेत्र में पानी की सप्लाई की जानी है। पेयजल लाइन तो बिछ चुकी है, लेकिन जलघर से लाइन छोड़ने के लिए जेएलएन व भालौठ ब्रांच के ऊपर से क्रॉसिंग पेयजल लाइन बिछनी है। जमीन के विवाद को लेकर यह काम रुक गया है। नगर निगम के अधिकारियों से बात की है। विवाद का समाधान होने के बाद काम शुरू हो सकेगा। -कपिल कुमार, ठेकेदार नगर निगम
वाटर वर्क्स नंबर तीन और कैनाल के बीच की जमीन की मलकीयत को लेकर विवाद है। हुडा से जमीन का रिकार्ड मांगा गया है। जल्द विवाद को हल करवाकर काम चालू करवाया जाएगा। -मंजीत दहिया, कार्यकारी अभियंता नगर निगम ।
विज्ञापन
शहर में पांच साल से अमृत प्रोजेक्ट के तहत काम चल रहा है। इसमें से 103 करोड़ पेयजल व 200 करोड़ से सीवर व्यवस्था की जा रही है। पेयजल के प्रोजेक्ट के तहत बोहर गांव के पास शहर का तीसरा सबसे बड़ा वाटर वर्क्स बनाया गया है, जिसका दूसरा ट्रायल 10 सितंबर से चल रहा है। वाटर वर्क्स से जींद चौक तक के 11 किलोमीटर के दायरे में आनी वाली 20 कॉलोनियों व चार गांवों बोहर, गढ़ी बोहर, बलियाना व खेड़ी साध में पानी सप्लाई किया जाना है।
विज्ञापन
चार गांवों की लाइन चालू नहीं, पाइपलाइन न उठाने पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी
वाटर वर्क्स नंबर तीन से बोहर, गढ़ी बोहर, बलियाना, खेड़ी साध व फ्रेंड्स कॉलोनी के क्षेत्र में पानी सप्लाई किया जाना है। इसके लिए डाली गई पाइपलाइन को वाटर वर्क्स से जोड़ने के लिए जवाहर लाल नेहरू नहर व भालौठ ब्रांच से क्रॉसिंग की जानी है। इसके लिए दोनों नहरों के ऊपर से पाइप लाइन बिछाई जाएगी। वाटर वर्क्स का काम देख रहे कपिल ने बताया कि वाटर वर्क्स से कैनाल के बीच में 60 फीट की दूरी है। इस जमीन को पहले हुडा की बताया गया था, लेकिन अब कुछ लोग अपना दावा जता रहे हैं। साथ ही लोगों ने चेतावनी दी कि जमीन में रखे गए पाइप उठवाएं नहीं तो कानूनी कार्रवाई करेंगे। नगर निगम के अधिकारियों को अवगत कराया दिया गया है। फिलहाल दोनों नहरों पर पाइपलाइन की क्रॉसिंग का काम ठप पड़ा है।
विज्ञापन
ऊंचाई वाले क्षेत्र में दो माह बाद भी पानी न आने का आरोप
खेड़ी साध के ग्रामीणों ने बताया कि गांव में अमृत प्रोजेक्ट के तहत कोई पानी नहीं मिल रहा है। 40 साल पहले गांव में जलघर बनाया गया था, जिसकी पुरानी लाइन से पानी आता था। अब वाटर वर्क्स में पानी तो है, लेकिन पूरे गांव में सप्लाई नहीं हो पा रहा है। आधे गांव में सप्ताह में एक दिन तो ऊंचाई वाले क्षेत्र में दो माह बाद भी पानी नहीं आया है। बुधवार दोपहर करीब एक बजे पेयजल संकट से परेशान महिलाएं जलघर पहुंचीं और तीन कर्मचारियों को अंदर बंद कर बाहर से ताला लगा दिया। चार घंटे बाद जनस्वास्थ्य विभाग के जेई मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझाकर ताला खुलवाया।
500 में टैंकर तो 20 रुपये में कैंपर खरीदकर पी रहे पानी
सुमित ने बताया कि गांव में 2 हजार के करीब परिवार हैं। सबसे ज्यादा दिक्कत गांव के बलियाना मोड़ के तरफ वाले क्षेत्र में है। दो माह से जलघर से पानी नहीं आया है। ऐसे में ग्रामीण हर रोज प्रति टैंकर 500 व प्रति कैंपर 20 रुपये खर्च कर पानी पी रहे हैं। हर रोज 15 टैंकर और 50 कैंपर खरीदे जा रहे हैं। जलघर से तो पानी आ ही नहीं रहा, जबकि अमृत प्रोजेक्ट के तहत सप्लाई का कुछ पता नहीं है।
मुख्य लाइन में अवैध कनेक्शन, अधिकारी नहीं कर रहे कार्रवाई
जलघर से गांव में जो पानी सप्लाई किया जा रहा है, उसकी मुख्य लाइन में अवैध कनेक्शन किए गए हैं। कुछ लोगों ने मुख्य लाइन के अलावा सर्विस लाइन में भी कनेक्शन किया हुआ है, जिसकी वजह से ऊंचाई वाले क्षेत्र में पानी नहीं पहुंच पा रहा है।
अमृत प्रोजेक्ट के तहत निगम ने वाटर वर्क्स का निर्माण करवाया है, जिसे अभी जनस्वास्थ्य विभाग को नहीं दिया गया है। दूसरी तरफ पहले से बिछी पेयजल लाइन से जलघर में पानी पहुंच रहा है, लेकिन मुख्य लाइन में अवैध कनेक्शन के चलते पूरे गांव में पानी की सप्लाई नहीं हो पा रही है। जल्द ही पुलिस बल को साथ लेकर अवैध कनेक्शन बंद किए जाएंगे। -अमित कुमार, जेई, जनस्वास्थ्य विभाग।
जलघर तीन से बोहर, गढ़ी बोहर, बलियाना व खेड़ी साध के आसपास के क्षेत्र में पानी की सप्लाई की जानी है। पेयजल लाइन तो बिछ चुकी है, लेकिन जलघर से लाइन छोड़ने के लिए जेएलएन व भालौठ ब्रांच के ऊपर से क्रॉसिंग पेयजल लाइन बिछनी है। जमीन के विवाद को लेकर यह काम रुक गया है। नगर निगम के अधिकारियों से बात की है। विवाद का समाधान होने के बाद काम शुरू हो सकेगा। -कपिल कुमार, ठेकेदार नगर निगम
वाटर वर्क्स नंबर तीन और कैनाल के बीच की जमीन की मलकीयत को लेकर विवाद है। हुडा से जमीन का रिकार्ड मांगा गया है। जल्द विवाद को हल करवाकर काम चालू करवाया जाएगा। -मंजीत दहिया, कार्यकारी अभियंता नगर निगम ।

गांव में पानी की समस्या होने पर खेड़ी साध जलघर में महिलाओं ने लगाया ताला। अमर उजाला