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नौकरी करने वाली माताओं के कार्यस्थल पर हो स्तनपान कक्ष : कुलपति
Fri, 08 Aug 2025 02:41 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Fri, 08 Aug 2025 02:41 AM IST
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पीजीआई में आयोजित कार्यक्रम का दीप जला शुभारंभ करते कुलपति डॉ.एचके अग्रवाल व अन्य। स्रोत : पीजी
रोहतक। पीजीआई में वीरवार को लेक्चर थिएटर वन में स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग की तरफ से ब्रेस्टफीडिंग सप्ताह के अंतिम दिन नर्सिंग कॉलेज के साथ मिलकर सीएमई कम वर्कशॉप का आयोजन किया गया। पंडित भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. एचके अग्रवाल मुख्य अतिथि के तौर पर पहुंचे। इसमें महिलाओं में स्तनपान नीति निर्माण पर बात हुई। विशेष तौर पर नौकरी करने वाली माताओं को उनके कार्यस्थल पर स्तनपान कक्ष की स्थापना की बात उठी।
स्तनपान बच्चे को विभिन्न बीमारियों से बचाता है। माताओं की तरफ से पोस्टर बनाए गए। उन्हें पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। इस दौरान डॉ. मीनाक्षी चौहान, डॉ. अशोक चौहान, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. कुंदन मित्तल, नियोनेटोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. जगजीत दलाल, डॉ. कृष्णा दहिया, डॉ. सविता सिंघल, डॉ. अंजलि, डॉ. वाणी मल्होत्रा, डॉ. नीतू, डॉ. रितु हुड्डा, डॉ. रूपा, डॉ. वंदन, डॉ. मोनिका व अन्य उपस्थित रहीं।
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शिशु के लिए जन्म के एक घंटे का दूध वैक्सीन के समान
नर्सिंग कॉलेज की छात्राएं ब्रांड एंबेसडर की तरह कार्य कर सकती हैं। वे अपने आसपास के व ग्रामीण स्तर पर महिलाओं को स्तनपान के फायदे बता सकती हैं। नवजात शिशु के लिए शुरू के एक घंटे का दूध किसी वैक्सीन से कम नहीं होता। डब्ल्यूएचओ के आंकड़ों के अनुसार, अभी स्तनपान दर 50 प्रतिशत के आसपास है। यह काफी चिंताजनक है।
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- डॉ. एचके अग्रवाल, कुलपति
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हरियाणा सरकार गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं को कई स्कीमों के माध्यम से भी सुविधाएं प्रदान कर रही है।
-डॉ. एसके सिंघल, निदेशक
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स्तनपान न केवल बच्चे के लिए आवश्यक पोषण प्रदान करता है। मां और बच्चे के बीच भावनात्मक बंधन को भी मजबूत करता है।
-डॉ. पुष्पा दहिया, स्त्री एवं प्रसूति रोग विभागाध्यक्ष
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स्तनपान बच्चे को विभिन्न बीमारियों से बचाता है। माताओं की तरफ से पोस्टर बनाए गए। उन्हें पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। इस दौरान डॉ. मीनाक्षी चौहान, डॉ. अशोक चौहान, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. कुंदन मित्तल, नियोनेटोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. जगजीत दलाल, डॉ. कृष्णा दहिया, डॉ. सविता सिंघल, डॉ. अंजलि, डॉ. वाणी मल्होत्रा, डॉ. नीतू, डॉ. रितु हुड्डा, डॉ. रूपा, डॉ. वंदन, डॉ. मोनिका व अन्य उपस्थित रहीं।
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शिशु के लिए जन्म के एक घंटे का दूध वैक्सीन के समान
नर्सिंग कॉलेज की छात्राएं ब्रांड एंबेसडर की तरह कार्य कर सकती हैं। वे अपने आसपास के व ग्रामीण स्तर पर महिलाओं को स्तनपान के फायदे बता सकती हैं। नवजात शिशु के लिए शुरू के एक घंटे का दूध किसी वैक्सीन से कम नहीं होता। डब्ल्यूएचओ के आंकड़ों के अनुसार, अभी स्तनपान दर 50 प्रतिशत के आसपास है। यह काफी चिंताजनक है।
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- डॉ. एचके अग्रवाल, कुलपति
हरियाणा सरकार गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं को कई स्कीमों के माध्यम से भी सुविधाएं प्रदान कर रही है।
-डॉ. एसके सिंघल, निदेशक
स्तनपान न केवल बच्चे के लिए आवश्यक पोषण प्रदान करता है। मां और बच्चे के बीच भावनात्मक बंधन को भी मजबूत करता है।
-डॉ. पुष्पा दहिया, स्त्री एवं प्रसूति रोग विभागाध्यक्ष