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शहर में 15 से पेयजल का हो सकता है संकट
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रोहतक। शहरवासी गंभीर पेयजल संकट के मुहाने पर खड़े हैं। हालात ऐसे ही रहे तो 15 फरवरी से एक मार्च तक पब्लिक हेल्थ विभाग पर्याप्त पेयजल आपूर्ति नहीं कर सकेगा। इसकी वजह बीएसबी (भालौठ सब ब्रांच) में काफी कम मात्रा में पानी छोड़ना है। इससे जलघरों में पानी जमा हो रहा है। वाटर पंप से पानी नहर से लिफ्ट किया जा रहा है। पब्लिक हेल्थ के अफसरों का कहना है कि इससे एक मार्च तक पेयजल संकट खड़ा हो सकता है।
पब्लिक हेल्थ के जूनियर इंजीनियर अमित रोहिल्ला और देवेंदर ने बताया कि बीएसबी में कम क्षमता से सिंचाई विभाग पानी छोड़ रहा है। जिसकी वजह से वाटर पंपों से पानी लिफ्ट किया जा रहा है। ट्रैक्टरों के माध्यम से पानी की आपूर्ति की जा रही है। जिससे विभाग पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ गया है। एक ट्रैक्टर को 700 रुपये प्रति घंटे के हिसाब से भुगतान किया जाता है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में तो मोटर आदि की मदद से पेयजल आपूर्ति की जा रही है। यदि यही हालात रहे तो 13 फरवरी को बीएसबी में पानी आना बंद होने के बाद पेयजल आपूर्ति करने का संकट पैदा हो जाएगा। रोस्टर के हिसाब से एक मार्च को जेएलएन नहर में पानी आएगा। ऐसे में 15 फरवरी से एक मार्च तक सुचारु पेयजल आपूर्ति करने का संकट खड़ा हो सकता है।
वहीं सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता रामनिवास ने बताया कि काश्तकारों की पानी को लेकर डिमांड नहीं है। इसलिए नहर में कम पानी छोड़ा जा रहा है। पानी को कन्हेली हेड के पास रोका गया है। यदि पेयजल संकट की बात है तो एक-दो दिन में अतिरिक्त पानी की सप्लाई कर देंगे।
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पब्लिक हेल्थ के जूनियर इंजीनियर अमित रोहिल्ला और देवेंदर ने बताया कि बीएसबी में कम क्षमता से सिंचाई विभाग पानी छोड़ रहा है। जिसकी वजह से वाटर पंपों से पानी लिफ्ट किया जा रहा है। ट्रैक्टरों के माध्यम से पानी की आपूर्ति की जा रही है। जिससे विभाग पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ गया है। एक ट्रैक्टर को 700 रुपये प्रति घंटे के हिसाब से भुगतान किया जाता है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में तो मोटर आदि की मदद से पेयजल आपूर्ति की जा रही है। यदि यही हालात रहे तो 13 फरवरी को बीएसबी में पानी आना बंद होने के बाद पेयजल आपूर्ति करने का संकट पैदा हो जाएगा। रोस्टर के हिसाब से एक मार्च को जेएलएन नहर में पानी आएगा। ऐसे में 15 फरवरी से एक मार्च तक सुचारु पेयजल आपूर्ति करने का संकट खड़ा हो सकता है।
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वहीं सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता रामनिवास ने बताया कि काश्तकारों की पानी को लेकर डिमांड नहीं है। इसलिए नहर में कम पानी छोड़ा जा रहा है। पानी को कन्हेली हेड के पास रोका गया है। यदि पेयजल संकट की बात है तो एक-दो दिन में अतिरिक्त पानी की सप्लाई कर देंगे।
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