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Rohtak News: माता भीमेश्वरी देवी के जयकारों से गूंजा बेरी

Wed, 17 Apr 2024 05:32 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक Updated Wed, 17 Apr 2024 05:32 AM IST
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The village echoed with the praises of Goddess Bhimeshwari Devi.
बेरी। माता भीमेश्वरी देवी मंदिर में लगा नवरात्र मेला शांतिपूर्ण माहौल के बीच मंगलवार को संपन्न हो गया। मेले के आखिरी दिन बेरी माता भीमेश्वरी देवी के जयकारों से गूंज उठा। भक्तों ने माता के दर्शन कर उनसे आशीर्वाद लिया और मन्नत भी मांगी। रात के समय मंदिर पूरी तरह से दूधिया रोशनी से नहाया रहा। मां के दर्शन करने के लिए श्रद्धालुओं की लंबी लाइन लगी। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस प्रशासन को सुबह से रात तक कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।
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डीसी शक्ति सिंह के अलावा सीईओ जिला परिषद डॉ. सुभीता ढाका ने देवी मंदिर में पूजा-अर्चना की। इसके उपरांत डीसी शक्ति सिंह ने मेला परिसर में स्वास्थ्य विभाग की टीम को जरूरी निर्देश भी दिए। उन्होंने रेडक्रॉस वॉलिंटियर्स द्वारा मेला में भक्तों की मदद की प्रशंसा की और भविष्य में भी सेवाभाव से जरुरतमंद की मदद के संकल्प का आह्वान किया। वहीं एसडीएम रविंद्र मलिक, डीआरओ प्रमोद चहल, डीएसपी प्रदीप मंगलवार की अलसुबह से ही मंदिर में स्थिति का जायजा लेते रहे। धार्मिक आयोजन के साथ एशिया में पुष्कर के बाद सबसे बड़ा गधा-घोड़ा मेला का भी समापन हुआ। इसमें देश व प्रदेश के कोने-कोने से लोग आए थे। मन्नत पूरी होने पर श्रद्धालुओं ने बेरी कस्बे में जगह-जगह भंडारे लगाए गए। नवविवाहित जोड़ों ने माता के दरबार में गठजोड़े की जात दी। नवजात बच्चों को मुंडन भी करवाया।
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भीड़ के चलते सुबह ढाई बजे माता को बाहर मंदिर में लाया गया

नवरात्र में रोजाना मां को सुबह साढ़े चार बजे बाहर वाले मंदिर में लाया जाता है। परंतु अष्टमी के दिन भीड़ को देखते हुए माता को ढ़ाई बजे ही बाहर वाले मंदिर में लाया गया। पुजारी ने मंत्रोच्चारण के साथ मां को स्नान करवाकर आरती की। बाहर वाले मंदिर में माता के दर्शनों के लिए हजारों श्रद्धालु रात से लाइनों में लगाने शुरू हो गए थे। दोपहर 3 बजे बाद माता की प्रतिमा को कस्बे के अंदर वाले मंदिर में लाया गया। मंदिर के पुजारी कुलदीप वशिष्ठ ने बताया कि नवरात्र में अष्टमी की आरती का अलग महत्व होता है और लाभ भी मिलता है।
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