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स्वास्थ्य मंत्री को को-वैक्सीन की डोज देने के साथ शुरू होगी रिसर्च का तीसरी फेज

Fri, 20 Nov 2020 12:35 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Fri, 20 Nov 2020 12:35 AM IST
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The third phase of research will begin with the co-vaccine dose to the Health Minister
को-वैक्सीन रिसर्च की तीसरी फेज शुक्रवार से शुरू होने जा रही है। इसकी शुरुआत स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज को वैक्सीन की डोज देने के साथ शुरू हो जाएगी। स्वास्थ्य मंत्री को वैक्सीन देने से पहले टीम उनकी एंटी बॉडी व आरटी पीसीआर जांच के लिए सैंपल भरेगी। इसके बाद शुरुआत में 199 लोगों को बाद में यह डोज दी जाएगी। टीम में कोविड-19 के स्टेट नोडल अधिकारी डॉ. ध्रुव चौधरी, रिसर्च की प्रिंसिपल इन्वेस्टिगेटर डॉ. सविता वर्मा, को-इन्वेस्टिगेटर डॉ. रमेश वर्मा, नर्सिंग स्टाफ व एलटी स्टाफ जाएंगे। टीम अंबाला अस्पताल में स्वास्थ्य मंत्री की जांच के बाद लगभग 11 से 12 बजे तक वैक्सीन की डोज देगी।
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ऐसे समझे वैक्सीन का विज्ञान
वैक्सीन की रिसर्च के को-इन्वेस्टिगेटर डॉ. रमेश वर्मा बताते हैं कि को-वैक्सीन किल्ड वैक्सीन है। इसलिए इसके नुकसानदायक होने की आशंका नहीं रहती। पीजीआईएमएस के पास तीसरे फेज की रिसर्च के लिए 200 वैक्सीन आ गई है। इसमें पहली डोज स्वास्थ्य मंत्री को दी जाएगी। एक्सपर्ट ने बताया कि वैक्सीन दो प्रकार की होती है। एक लाइव व दूसरी किल्ड। किल्ड वैक्सीन में जो मैटेरियल इंजेक्शन से शरीर में भेजा जाता है, उसके वॉल को केमिकल से किल कर दिया जाता है। वह शरीर के अंदर जाकर धीरे-धीरे एंटी बॉडी प्रोड्यूस करता है और शरीर को लड़ने लायक बनाता है। लाइव वैक्सीन में वॉल को केमिकल से हटा दिया जाता है और यह खतरा पैदा नहीं कर सकता। क्योंकि वॉल का आउटर एरिया ही परेशान करता है। वैक्सीन इसलिए सुरक्षित है, यह शरीर में जा कर धीरे-धीरे अपना प्रोडक्शन करती है।
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वैक्सीन से अधिक उम्मीद
एक्सपर्ट मानते हैं कि विदेशों में चल रही रिसर्च की तुलना में भारत बॉयोटेक की को-वैक्सीन अधिक कामयाब होगी। क्योंकि इसमें देश में पाए जाने वाले वायरस के स्टेन के आधार पर तैयार किया गया है। हम इसे प्रयोग करेंगे तो अधिक प्रभावशाली रहेगा।
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को-वैक्सीन की रिसर्च का शुक्रवार से तीसरा फेज शुरू होने जा रहा है। पहला इंजेक्शन स्वास्थ्य मंत्री को लगाया जाएगा। इसके लिए पीजीआईएमएस से डॉ. ध्रुव चौधरी, डॉ. सविता वर्मा, डॉ. रमेश वर्मा, डॉ. मोनिका छिक्कारा व टीम में शामिल अन्य अंबाला जा रहे हैं। इसके बाद अन्य वालंटियरों को यह डोज दी जाएगी।
- डॉ. रोहतास कंवर यादव, निदेशक, पीजीआईएमएस।
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