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बिजली कर्मचारियों की हड़ताल खत्म, एक्शन मोड में निगम, 53 आउट सोर्सिंग कर्मियों को हटाने का नोटिस
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
Updated Fri, 01 Jul 2016 02:45 AM IST
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विरोध में हुडा सिटी पार्क में जमा हुए कर्मियों ने जुलूस निकालकर लघु सचिवालय में किया हंगामा
- फोटो : amar ujala
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एस्मा लगाने के बावजूद हड़ताल पर गए 53 आउट सोर्सिंग कर्मियों को हटाया जाएगा, इसके लिए नोटिस जारी कर दिया गया है। वहीं, 605 स्थायी बिजली कर्मियों को सस्पेंड करने की कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है। शासन ने कर्मचारियों की रिपोर्ट तलब की है। इस तरह हड़ताल खत्म होते ही आदेशों की अवहेलना की गाज कर्मचारियों पर गिरनी शुरू हो गई है।
सरकार ने शहर के सब डिवीजन-एक और दो को ठेके पर दे दिया है। इसके विरोध में मंगलवार रात 12 बजे से बिजली निगम के कर्मचारी दो दिनी हड़ताल पर चले गए। सरकार ने हड़ताल को देखते हुए एस्मा लगा दिया था। इसका कुछ असर जरूर दिखाई दिया और निगम के 1105 कर्मियों में से 658 हड़ताल पर रहे और 347 ने ड्यूटी की। लेकिन हड़ताल पर गये कर्मियों में 53 कर्मी ऐसे थे जो निगम में आउट सोर्सिंग पर नौकरी कर रहे थे। निगम अधिकारियों ने अपना गुस्सा इन्हीं पर निकाला और उनको नौकरी से हटाने का नोटिस जारी कर दिया। ठेकेदारों को निर्देश दिए गए हैं कि इन कर्मियों की जगह दूसरों को भर्ती किया जाए। इससे कर्मचारियों में हड़कंप मच गया और इसका विरोध भी शुरू हो गया। सबसे रोचक तथ्य यह है कि ये कर्मचारी 11 मई की हड़ताल में शामिल रहे थे और इस कारण इन्हें हटा दिया गया था। बाद में कर्मचारियों के हंगामा करने पर फिर रखा गया था।
शासन को भेजा हड़ताल पर रहे स्थायी कर्मियों का ब्योरा
निगम अधिकारियों ने 605 स्थायी कर्मियों को सस्पेंड करने की कार्रवाई भी शुरू कर दी है और उनका पूरा ब्योरा शासन को भेजा गया है। जबकि उनका वेतन काटने की संस्तुति पहले हो चुकी है।
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इधर, कर्मचारी फिर जुटे
बिजली कर्मचारी बृहस्पतिवार को भी हुडा सिटी पार्क में जमा हुए और वहां से जुलूस निकालकर लघु सचिवालय पहुंचे। वहां हंगामा करते हुए सब डिवीजनों के निजीकरण का विरोध किया गया और कर्मचारियों पर कार्रवाई होने पर बड़ा आंदोलन करने की चेतावनी दी गई। कर्मचारियों ने डीसी अतुल कुमार को अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा है।
इन संगठनों का मिला साथ
विरोध के दौरान जनवादी महिला समिति की महासचिव राजकुमारी, प्रीत सिंह, रिटायर्ड कर्मचारी संघ के जिला प्रधान प्रेम सिंह सैनी, रोडवेज वर्कर्स यूनियन के महासचिव धर्मबीर हुड्डा, सीटू के प्रदेशाध्यक्ष सुरेंद्र मलिक, माकपा के सुरेंद्र सिंह, नौजवान सभा के राज्य सचिव संदीप, नागरिक मंच के जिला प्रधान विनोद देशवाल, रामचन्द्र सिवाच, सुमित, विजय हुड्डा, नरेश देशवाल, देबीराम और वीना मलिक मौजूद रहे।
बिजली कर्मियों का हड़ताल के दौरान का वेतन काटा गया है तो आउट सोर्सिंग पर लगे कर्मियों को ड्यूटी से हटाने के लिए नोटिस जारी कर दिया गया है। स्थायी कर्मियों की पूरी रिपोर्ट शासन को भेजी गई है और उनको सस्पेंड करने की कार्रवाई की रही है। वहीं, शासन से जिस तरह के निर्देश दिए जाएंगे, उसके आधार पर कार्रवाई होगी।
ज्ञानचंद, एसई।
हमारी हड़ताल शांतिपूर्ण तरीके से पूरी तरह सफल रही। लेकिन जिस तरह से निगम के अधिकारियों ने कर्मचारियों पर कार्रवाई की, वह सहन नहीं की जाएगी। उसके लिए आंदोलन किया जाएगा। उनको वापस नहीं लिया जाता है तो आंदोलन तेज किया जाएगा।
बिजेंद्र बेनीवाल, वरिष्ठ नेता ज्वाइंट एक्शन कमेटी पावर।
कर्मियों संग फाल्ट ठीक करने को दौड़ते रहे अधिकारी
कर्मचारियों की हड़ताल की वजह से फाल्ट ठीक कराने के लिए अधिकारियों को खुद ठेका कर्मियों के साथ जाना पड़ा। इस तरह अधिकारी भी मैदान में उतरे और फाल्ट ठीक कराने में लगे रहे। शहर में बृहस्पतिवार को देव कॉलोनी, तिलक नगर और पुराना शहर में कई जगह फाल्ट आये, लेकिन उनको समय पर ठीक कर दिया गया। वहीं, बिजली घरों में हर किसी की चेकिंग के बाद अंदर जाने दिया गया।
आज सात बजे गायब हो जाएगी गांवों में बिजली
कर्मियों की हड़ताल के कारण शेड्यूल के अनुसार बुधवार सुबह 7 बजे ग्रामीण क्षेत्र के बिजली घरों से बिजली कट नहीं लगाया गया और आपूर्ति सुचारू रही। इससे ग्रामीणों की मौज रही, क्योंकि इस तरह से बिजली शायद ही कभी आई होगी। लेकिन बृहस्पतिवार सुबह सात बजे फिर से बिजली कट लग जाएगा, क्योंकि कर्मी रात 12 बजे काम पर लौट आए हैं।
हड़ताल में 258 शिकायतें आईं
बिजली निगम के शिकायत केंद्र में बुधवार और बृहस्पतिवार को लगभग 258 शिकायतें दर्ज की गईं। अधिकतर शिकायतें निजी तौर पर उपभोक्ताओं की रहीं। इन शिकायतों को दूर करने के लिए ठेका कर्मी दिनभर लगे रहे। देर से ही सही, लेकिन उनको ठीक कर दिया।
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सरकार ने शहर के सब डिवीजन-एक और दो को ठेके पर दे दिया है। इसके विरोध में मंगलवार रात 12 बजे से बिजली निगम के कर्मचारी दो दिनी हड़ताल पर चले गए। सरकार ने हड़ताल को देखते हुए एस्मा लगा दिया था। इसका कुछ असर जरूर दिखाई दिया और निगम के 1105 कर्मियों में से 658 हड़ताल पर रहे और 347 ने ड्यूटी की। लेकिन हड़ताल पर गये कर्मियों में 53 कर्मी ऐसे थे जो निगम में आउट सोर्सिंग पर नौकरी कर रहे थे। निगम अधिकारियों ने अपना गुस्सा इन्हीं पर निकाला और उनको नौकरी से हटाने का नोटिस जारी कर दिया। ठेकेदारों को निर्देश दिए गए हैं कि इन कर्मियों की जगह दूसरों को भर्ती किया जाए। इससे कर्मचारियों में हड़कंप मच गया और इसका विरोध भी शुरू हो गया। सबसे रोचक तथ्य यह है कि ये कर्मचारी 11 मई की हड़ताल में शामिल रहे थे और इस कारण इन्हें हटा दिया गया था। बाद में कर्मचारियों के हंगामा करने पर फिर रखा गया था।
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शासन को भेजा हड़ताल पर रहे स्थायी कर्मियों का ब्योरा
निगम अधिकारियों ने 605 स्थायी कर्मियों को सस्पेंड करने की कार्रवाई भी शुरू कर दी है और उनका पूरा ब्योरा शासन को भेजा गया है। जबकि उनका वेतन काटने की संस्तुति पहले हो चुकी है।
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इधर, कर्मचारी फिर जुटे
बिजली कर्मचारी बृहस्पतिवार को भी हुडा सिटी पार्क में जमा हुए और वहां से जुलूस निकालकर लघु सचिवालय पहुंचे। वहां हंगामा करते हुए सब डिवीजनों के निजीकरण का विरोध किया गया और कर्मचारियों पर कार्रवाई होने पर बड़ा आंदोलन करने की चेतावनी दी गई। कर्मचारियों ने डीसी अतुल कुमार को अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा है।
इन संगठनों का मिला साथ
विरोध के दौरान जनवादी महिला समिति की महासचिव राजकुमारी, प्रीत सिंह, रिटायर्ड कर्मचारी संघ के जिला प्रधान प्रेम सिंह सैनी, रोडवेज वर्कर्स यूनियन के महासचिव धर्मबीर हुड्डा, सीटू के प्रदेशाध्यक्ष सुरेंद्र मलिक, माकपा के सुरेंद्र सिंह, नौजवान सभा के राज्य सचिव संदीप, नागरिक मंच के जिला प्रधान विनोद देशवाल, रामचन्द्र सिवाच, सुमित, विजय हुड्डा, नरेश देशवाल, देबीराम और वीना मलिक मौजूद रहे।
बिजली कर्मियों का हड़ताल के दौरान का वेतन काटा गया है तो आउट सोर्सिंग पर लगे कर्मियों को ड्यूटी से हटाने के लिए नोटिस जारी कर दिया गया है। स्थायी कर्मियों की पूरी रिपोर्ट शासन को भेजी गई है और उनको सस्पेंड करने की कार्रवाई की रही है। वहीं, शासन से जिस तरह के निर्देश दिए जाएंगे, उसके आधार पर कार्रवाई होगी।
ज्ञानचंद, एसई।
हमारी हड़ताल शांतिपूर्ण तरीके से पूरी तरह सफल रही। लेकिन जिस तरह से निगम के अधिकारियों ने कर्मचारियों पर कार्रवाई की, वह सहन नहीं की जाएगी। उसके लिए आंदोलन किया जाएगा। उनको वापस नहीं लिया जाता है तो आंदोलन तेज किया जाएगा।
बिजेंद्र बेनीवाल, वरिष्ठ नेता ज्वाइंट एक्शन कमेटी पावर।
कर्मियों संग फाल्ट ठीक करने को दौड़ते रहे अधिकारी
कर्मचारियों की हड़ताल की वजह से फाल्ट ठीक कराने के लिए अधिकारियों को खुद ठेका कर्मियों के साथ जाना पड़ा। इस तरह अधिकारी भी मैदान में उतरे और फाल्ट ठीक कराने में लगे रहे। शहर में बृहस्पतिवार को देव कॉलोनी, तिलक नगर और पुराना शहर में कई जगह फाल्ट आये, लेकिन उनको समय पर ठीक कर दिया गया। वहीं, बिजली घरों में हर किसी की चेकिंग के बाद अंदर जाने दिया गया।
आज सात बजे गायब हो जाएगी गांवों में बिजली
कर्मियों की हड़ताल के कारण शेड्यूल के अनुसार बुधवार सुबह 7 बजे ग्रामीण क्षेत्र के बिजली घरों से बिजली कट नहीं लगाया गया और आपूर्ति सुचारू रही। इससे ग्रामीणों की मौज रही, क्योंकि इस तरह से बिजली शायद ही कभी आई होगी। लेकिन बृहस्पतिवार सुबह सात बजे फिर से बिजली कट लग जाएगा, क्योंकि कर्मी रात 12 बजे काम पर लौट आए हैं।
हड़ताल में 258 शिकायतें आईं
बिजली निगम के शिकायत केंद्र में बुधवार और बृहस्पतिवार को लगभग 258 शिकायतें दर्ज की गईं। अधिकतर शिकायतें निजी तौर पर उपभोक्ताओं की रहीं। इन शिकायतों को दूर करने के लिए ठेका कर्मी दिनभर लगे रहे। देर से ही सही, लेकिन उनको ठीक कर दिया।