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Rohtak News: बेसहारा बच्चों को संरक्षण देगी प्रदेश की 5वीं एडाॅप्शन एजेंसी

Wed, 27 Nov 2024 11:30 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Wed, 27 Nov 2024 11:30 PM IST
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The state's 5th adoption agency will provide protection to destitute children
रोहतक। अपनों के बिसराये नवजात शिशुओं व बच्चों को अब बेहतर देखभाल मिलेगी। इसके लिए चौधरी लखीराम आर्य जगन्नाथ अनाथ आश्रम में एडॉप्शन एजेंसी शुरू की गई है। सीडब्ल्यूसी (बाल कल्याण समिति) की देखरेख में ऐसे बच्चों के पुनर्वास पर ध्यान दिया जाएगा। प्रदेश को पांचवीं स्पेशल एडॉप्शन एजेंसी मिली है। चौधरी लखीराम आर्य स्पेशलाइज्ड एडॉप्शन एजेंसी में जन्म से 5 वर्ष तक के 10 बच्चों को रखने की व्यवस्था बनाई गई है। यहीं से लोग इन बच्चों को गोद भी ले सकेंगे।
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जिले में अब तक कोई एडॉप्शन एजेंसी नहीं थी। इस कारण अस्पताल, सड़क किनारे, मंदिर या पार्क आदि में मिलने वाले अनजान बच्चों को रखने की कोई व्यवस्था नहीं थी। अपनों के प्यार से वंचित बच्चों को संरक्षण के लिए पंचकूला, कैथल, रेवाड़ी या फरीदाबाद ले जाना पड़ता है। इसके चलते सीडब्ल्यूसी के समक्ष भी बच्चों की देखभाल व कार्रवाई संबंधी परेशानी आती थी। इस नई पांचवीं एजेंसी से अब जिले में ही ऐसे बच्चों का लालन पालन हो सकेगा।
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बच्चों के लिए की गई है बेहतर सुविधाएं
चौधरी लखीराम आर्य जगन्नाथ अनाथ आश्रम के सदस्य राजरूप राठी ने बताया कि एडॉप्शन एजेंसी में बच्चों की देखभाल को लेकर सभी व्यवस्था की गई हैं। यहां 10 बच्चों को रखा जा सकता है। इनके लिए डॉक्टर व नर्स का कमरा, रसोई, कक्षा का कमरा भी बनाया गया है। छोटे बच्चों के लिए पालने, खेलने के लिए खिलौने व अन्य सुविधाएं दी गई हैं।
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एजेंसी से बच्चा गोद ले सकेंगे अभिभावक
सीडब्ल्यूसी चेयरपर्सन आशा आहुजा ने बताया कि जिले में एडॉप्शन एजेंसी नहीं थी। इस कारण बच्चों व सीडब्ल्यूसी को काफी परेशानी होती थी। अनाथ आश्रम में प्रदेश की पांचवीं एडॉप्शन एजेंसी शुरू हुई है। यह राहत भरा है। यहां से अभिभावक बच्चा गोद ले सकेंगे। इसके लिए पंचकूला, फरीदाबाद, कैथल या रेवाड़ी नहीं जाना होगा। इसके लिए कारा (सीएआरए) वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा। यहां दिए गए नियमों व मानकों को पूरा करने वाले को ही बच्चा गोद दिया जाएगा।



आश्रम को स्पेशलाइज्ड एडॉप्शन एजेंसी के रूप में नई जिम्मेदारी मिली है। इसका बेहतर ढंग से निर्वहन किया जाएगा। एजेंसी की अनुमति मिलने से नवजात शिशुओं को बेहतर देखभाल व संरक्षण मिलेगा। अब तक जिले में यह सुविधा नहीं थी। बच्चों की देखभाल के लिए यहां स्टाफ तैनात है। इसके अलावा गंभीर बच्चों के लिए चिकित्सक व नर्स की भी व्यवस्था रहेगी।
-संदीप रोहज, प्रबंधक, चौधरी लखीराम आर्य जगन्नाथ अनाथ आश्रम।
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