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डाक विभाग ने 32 हजार राखियों के पैकेट भाइयों तक पहुंचाए

Tue, 04 Aug 2020 12:33 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Tue, 04 Aug 2020 12:33 AM IST
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The postal department carried packets of 32 thousand rakhis to the brothers.
भले ही रक्षाबंधन पर बाजारों और बस स्टैंड पर चहलकदमी दिखी फिर भी विगत वर्षों की अपेक्षा बहनों का आवागमन बहुत कम हुआ। कोरोना के चलते न सिर्फ दूर रहने वाली बहनों ने भाइयों के लिए डाक से राखियां भेजी बल्कि 35-40 किमी. दूर रहने वाली बहनों ने भी भेजी। ऐसा हम नहीं बल्कि डाक विभाग के आंकड़े बता रहे हैं।
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कोरोना की वजह से अभी तक आवागमन के सरकारी साधन समुचित रूप से नहीं चल रहे हैं। जरूरी बस सेवाएं ही चल रही हैं। ट्रेनों का अभी तक संचालन नहीं हो सका है। ऐसे हालात में रक्षाबंधन का त्योहार पड़ने की वजह से बहुत कम ही बहनें राखी बांधने के लिए भाइयों के घर आ सकी। दूरस्थ रहने वाली बहनें ही नहीं 35-40 किमी. दूर रहने वाली भी कोरोना की वजह से नहीं आ सकीं। इस हकीकत को बस स्टैंड पर रक्षाबंधन पर आने वाले यात्रियों की संख्या से सहज लगाया जा सकता है। रोडवेज अफसरों की माने तो रक्षाबंधन पर भीड़ ही भीड़ नजर आती थी मगर आज सामान्य दिनों के बराबर भी यात्री नहीं दिखे। वहीं, डाक विभाग के आंकड़ों पर गौर करें तो स्पष्ट होता है कि बहनों ने डाक के माध्यम से सबसे ज्यादा राखियां भेजी हैं। रोहतक शहर में 15 दिन के अंदर रजिस्ट्री के माध्यम से छह हजार और साधारण डाक से करीब 26 हजार राखी के पैकेट आए। यह आंकड़ा विगत पांच साल के आंकड़ों की तुलना में सबसे ज्यादा है। डाक विभाग के अफसरों का कहना है कि गत वर्ष इस साल आई राखियों की तुलना में बमुश्किल 50 फीसदी थी।
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35-40 किमी. दूर से भी बहनों ने डाक से भेजी राखी
डाक विभाग के अनुसार ऐसा पहली बार देखा गया कि रोहतक से 35-40 किमी. दूर से बहनों ने भाइयों के लिए रजिस्ट्री अथवा डाक के माध्यम से राखियां भेजी। एक अफसर ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि उनकी बहनें बहादुरगढ़ अथवा दिल्ली के बार्डर के पास रहती है। उनकी जिंदगी में ऐसा पहली बार हुआ है कि बहनें राखी बांधने के लिए कोरोना की वजह से नहीं आईं।
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डाक विभाग में इस बार सबसे ज्यादा रजिस्ट्री और साधारण डाक से आई बहनों की राखियां भाइयों तक पहुंचाई है। राखियां दूर रहने वाली बहनों ने ही नहीं भेजी बल्कि नजदीक 35-40 किमी. दूर रहने वाली बहनों ने भी भेजी है।

-डीवी सैनी, अधीक्षक, डाक विभाग रोहतक।
डाक विभाग की इंटरनेशनल डाक रजिस्ट्री सेवा शुरू
कोरोना की वजह से बंद हुई इंटरनेशनल डाक की रजिस्ट्री शुरू कर दी गई है। यानी अब आप किसी भी देश में अपना खत अथवा सामान भेज सकते हैं। कोरोना की वजह से हुए लॉकडाउन के दौरान डाक विभाग ने इंटरनेशनल डाक रजिस्ट्री से भेजना बंद कर दिया था क्योंकि सभी देशों ने डाक के आने पर रोक लगा दी थी। विगत माह कुछ देशों ने इंटरनेशनल डाक को लेने की स्वीकृति दी थी, जिसकी वजह से बहुत कम ही डाक रजिस्ट्री का आवागमन हो रहा था। अब सभी देशों ने इंटरनेशनल डाक रजिस्ट्री लेना शुरू कर दिया है, जिसके चलते एक अगस्त से डाक विभाग ने सभी देशों की डाक रजिस्ट्री लेकर भेजना शुरू कर दिया है। डाक विभाग के अधीक्षक डीवी सैनी ने बताया कि दिल्ली मुख्यालय से आए आदेश के बाद एक अगस्त से सभी देशों की डाक सेवा शुरू कर दी गई है।
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