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Rohtak News: सिर में रॉड मारकर की गई थी हत्या, पोस्टमार्टम में हुआ खुलासा
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रोहतक। पंजाब के होशियारपुर के दो सगे भाइयों सुखविंद्र (37) व सतेंद्र (30) की हत्या सिर में लोहे की राड मारकर की गई है। दोनों को बेहोशी की हालत में रोहतक-जींद रेलवे लाइन पर ऐसी स्थिति में डाल दिया गया कि सिर ट्रेन के पहिये से कुचले जाएं। ताकि मौत हत्या नहीं, बल्कि हादसा लगे। रविवार को पोस्टमार्टम में यह बात सामने आई। जीआरपी ने शवों को परिजनों के हवाले कर दिया, जिसके बाद परिजन अंतिम संस्कार के लिए पंजाब ले गए।
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक पंजाब निवासी गिरधारी लाल ने रेलवे पुलिस को बताया था कि वह फौज से मेजर सूबेदार के पद से रिटायर है। उसका बेटा सुखविंदर व सतेंद्र आठ साल से रोहतक में रह रहे थे। साथ ही फरवरी 2022 में एक हाइड्रा क्रेन खरीदी थी। बड़ा बेटा क्रेन चलाता था, जबकि छोटा हेल्पर के तौर पर काम करता था। साथ ही श्यामलाल मार्केट में किराये पर कार्यालय खोल रखा है। शुक्रवार रात करीब आठ बजे सुखविंद्र के पास कॉल आई। कहा कि जींद रोड के नजदीक बाईपास पर सड़क किनारे ट्रक पलट गया है। उसे निकलवाना है। सुखविंद्र ने 4 हजार रुपये मांगे, लेकिन साढ़े 3 हजार में बात तय होने के बाद दोनों भाई क्रेन लेकर चले गए। शनिवार सुबह रेलवे पुलिस गिरधारी लाल के घर पहुंची। गिरधारी ने मौके पर पहुंचकर शवों की शिनाख्त की। जीआरपी थाने में अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया था, लेकिन वारदात के दो दिन बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं।
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पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक पंजाब निवासी गिरधारी लाल ने रेलवे पुलिस को बताया था कि वह फौज से मेजर सूबेदार के पद से रिटायर है। उसका बेटा सुखविंदर व सतेंद्र आठ साल से रोहतक में रह रहे थे। साथ ही फरवरी 2022 में एक हाइड्रा क्रेन खरीदी थी। बड़ा बेटा क्रेन चलाता था, जबकि छोटा हेल्पर के तौर पर काम करता था। साथ ही श्यामलाल मार्केट में किराये पर कार्यालय खोल रखा है। शुक्रवार रात करीब आठ बजे सुखविंद्र के पास कॉल आई। कहा कि जींद रोड के नजदीक बाईपास पर सड़क किनारे ट्रक पलट गया है। उसे निकलवाना है। सुखविंद्र ने 4 हजार रुपये मांगे, लेकिन साढ़े 3 हजार में बात तय होने के बाद दोनों भाई क्रेन लेकर चले गए। शनिवार सुबह रेलवे पुलिस गिरधारी लाल के घर पहुंची। गिरधारी ने मौके पर पहुंचकर शवों की शिनाख्त की। जीआरपी थाने में अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया था, लेकिन वारदात के दो दिन बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं।
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