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Rohtak News: मेले के रंग में रंगा मठ, नगाड़े की थाप ने मोहा मन
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रोहतक। बाबा मस्तनाथ मठ में आयोजित तीन दिवसीय वार्षिक मेले के दूसरे दिन रविवार को हजारों की संख्या में साधु-संत व श्रद्धालु पहुंचे। काेई गुड़ की भेली तो कोई कंबल और अन्य वस्तु लेकर बाबा के समाधि स्थल पहुंचा। यहां बाबा बालक नाथ ने उन्हें आशीर्वाद दिया। दिनभर मेले में बाबा की जय के उदघोष गूंजते रहे।
रविवार को मेला परिसर में श्रद्धालुओं की भीड़ बनी रही। इसमें महिलाएं, बच्चे, युवा व बुजुर्ग सभी शामिल रहे। बाबा के समाधि स्थल पर दर्शनों के लिए श्रद्धालुओं की लंबी कतार लगी रही। यहां पूजा-अर्चना कर श्रद्धालुओं ने बाबा से मन्नतें मांगी। मेले में शहर व गांवों से ही नहीं, दूर-दराज से श्रद्धालुओं की टोलियां बाबा दर्शन करने पहुुंची। इसके चलते मठ परिसर में काफी रौनक बनी रही। मेले में पारंपरिक नगाड़े की थाप पर नृत्य करते कलाकार आकर्षण का केंद्र रहे। नगाड़े की थाप ने मन मोह लिया। इन कलाकारों के साथ श्रद्धालुओं ने भी नृत्य किया।
मेले में घूमने आए श्रद्धालुओं के लिए झूले, खरीदारी करने के लिए सैकड़ों स्टाॅल व खाने-पीने के सामान की स्टॉल पर भीड़ उमड़ी रही। जटा धारी साधुओं की टोली मंदिर के विभिन्न हिस्सों में धूनी लगाते नजर आए। यहां संतों का हुजूम अपने में मस्त नजर आया। श्रद्धालु व मेले के सेवक इनकी सेवा में लगे रहे। मेले में आयोजित भंडारे में लगातार श्रद्धालु प्रसाद ग्रहण करने पहुंचे। रात को भजन संध्या में गायकों ने अपनी प्रस्तुतियों से माहौल को भक्तिमय बना दिया।
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रविवार को मेला परिसर में श्रद्धालुओं की भीड़ बनी रही। इसमें महिलाएं, बच्चे, युवा व बुजुर्ग सभी शामिल रहे। बाबा के समाधि स्थल पर दर्शनों के लिए श्रद्धालुओं की लंबी कतार लगी रही। यहां पूजा-अर्चना कर श्रद्धालुओं ने बाबा से मन्नतें मांगी। मेले में शहर व गांवों से ही नहीं, दूर-दराज से श्रद्धालुओं की टोलियां बाबा दर्शन करने पहुुंची। इसके चलते मठ परिसर में काफी रौनक बनी रही। मेले में पारंपरिक नगाड़े की थाप पर नृत्य करते कलाकार आकर्षण का केंद्र रहे। नगाड़े की थाप ने मन मोह लिया। इन कलाकारों के साथ श्रद्धालुओं ने भी नृत्य किया।
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मेले में घूमने आए श्रद्धालुओं के लिए झूले, खरीदारी करने के लिए सैकड़ों स्टाॅल व खाने-पीने के सामान की स्टॉल पर भीड़ उमड़ी रही। जटा धारी साधुओं की टोली मंदिर के विभिन्न हिस्सों में धूनी लगाते नजर आए। यहां संतों का हुजूम अपने में मस्त नजर आया। श्रद्धालु व मेले के सेवक इनकी सेवा में लगे रहे। मेले में आयोजित भंडारे में लगातार श्रद्धालु प्रसाद ग्रहण करने पहुंचे। रात को भजन संध्या में गायकों ने अपनी प्रस्तुतियों से माहौल को भक्तिमय बना दिया।
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