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कृषि मंत्री का बयान, लागत और 100 प्रतिशत मुनाफा देने के लिए सरकार कर रही है काम
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
Updated Mon, 22 Aug 2016 02:08 AM IST
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केंद्रीय कृषि मंत्री राधा मोहन सिंह
- फोटो : अमर उजाला
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स्वामीनाथन रिपोर्ट में किसान को लागत मूल्य और 50 प्रतिशत मुनाफे की बात कही गई है, जबकि केंद्र सरकार लागत मूल्य और 100 प्रतिशत मुनाफा देने पर काम कर रही है। यह बात केंद्रीय कृषि मंत्री राधा मोहन सिंह ने कही। सिंह रविवार को रोहतक जिले के सांपला कस्बे में तिरंगा यात्रा में शिरकत करने पहुंचे थे।
यहां के चौधरी छोटूराम स्मारक स्थल पर पत्रकारवार्ता में उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से देश के किसानों का फसली जोखिम खत्म हो गया है। पिछली बार इस योजना के तहत देश के 3 करोड़ किसानों ने अपनी फसलों का बीमा करवाया था और इस बार 4 करोड़ से भी अधिक किसानों के लाभ उठाने की उमीद है। कुछ लोग राजनीति स्वार्थों की पूर्ति करना चाहते हैं, जिसके चलते उन्हें योजना समझ नहीं आ रही है।
उन्होंने कहा कि स्वामीनाथन आयोग 2004 में बना और 2007 में रिपोर्ट आई। उस समय की सरकार ने कहा कि 50 प्रतिशत मुनाफा संभव नही है। हमने कहा कि खेती में जो लागत है, उसका 100 प्रतिशत मुनाफा मिल सकता है। हमें किसान का लागत मूल्य कम करना होगा और उत्पादन ज्यादा करना पडे़गा। इसके लिए हमारी सरकार प्रधानमंत्री सिंचाई योजना लेकर आई है। सॉयल हेल्थ कार्ड का प्रयोग करें ताकि किसान को पता चले कि कितना खाद डालना है। पहली बार हमारी सरकार ने डीएपी और पोटास के दाम कम किए हैं। सरकार अच्छा बाजार उपलब्ध करवा रही है। इसके लिए राष्ट्रीय बाजार की पॉलिसी है, ताकि देश की अन्य मंडियों के बारे में भी किसान को पता चले। 14 अप्रैल से राष्ट्रीय कृषि मंडी की शुरुआत की गई है।
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अभी हरियाणा की दो मंडी इससे जुड़ी हैं। सितंबर तक 200 मार्केट इससे जुड़ेंगे, मार्च 2017 तक 400 मार्केट जुड़ जाएंगी। मंत्री ने आश्वासन दिलाया कि अगर कोई आपदा आती है तो फसल बीमा योजना के तहत जितना नुकसान हुआ, उसका लागत मूल्य उसे बीमा के रूप में मिल जाएगा। आमदनी के लिए मछली पालन व सब्जी की खेती भी करें। 2022 तक इस उत्पादन को दोगुना करेंगे।
एक परिवार नहीं बल्कि लाखों लोगों ने अपने प्राण त्याग कराया था भारत को आजाद
केंद्रीय मंत्री ने संग्रहालय में हुए कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि आजादी के लिए केवल एक परिवार नहीं बल्कि लाखों लोगों ने अपने प्राण त्याग दिए। उन्होंने गढ़ी सांपला स्थितछोटूराम के पैतृक घर का दौरा भी किया और संग्रहालय भी देखा। कहा, छोटूराम के समाधि स्थल को धाम का दर्जा मिलना चाहिए। केंद्रीय मंत्री कार्यक्रम के बाद तिरंगा यात्रा में भी शामिल हुए। इससे पहले सहकारिता, मुद्रण एवं लेखन सामग्री और शहरी स्थानीय निकाय राज्यमंत्री मनीष ग्रोवर ने कहा कि शहीदों की बदौलत ही सभी खुली हवा में सांस ले रहे हैं।
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सुभाष बराला ने कहा कि छोटूराम जैसे लोगों की बदौलत देश के गरीब व मजदूर लोगों को उनका हक मिल पाया। उचाना विधायक प्रेमलता ने कहा कि छोटूराम समाधि स्थल पर जल्द ही उनकी भव्य प्रतिमा बनाने का काम शुरू होगा।
इस अवसर पर प्रदेश महामंत्री वेदपाल एडवोकेट, जिलाध्यक्ष अजय बंसल, अनुसूचित मोर्चा के प्रदेशाध्यक्ष रामअवतार बाल्मीकि, जिला परिषद के चेयरमैन बलराज कुंडू, प्रदेश कार्यकारिणी के सदस्य रमेश भाटिया व प्रतिभा सुमन, शमशेर खरकड़ा, पार्षद जयकिशन शर्मा, सांपला नगरपालिका के चेयरमैन सुधीर ओल्याण, सांपला ब्लाक समिति की चेयरमैन पूनम बिडलान, गढ़ी सांपला के सरपंच संजय कुमार, केंद्रीय इस्पात मंत्री के ओएसडी सुधीर फौगाट, शमशेर खरक, देवराज ओहल्याण और रमेश मलिक मौजूद रहे।
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यहां के चौधरी छोटूराम स्मारक स्थल पर पत्रकारवार्ता में उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से देश के किसानों का फसली जोखिम खत्म हो गया है। पिछली बार इस योजना के तहत देश के 3 करोड़ किसानों ने अपनी फसलों का बीमा करवाया था और इस बार 4 करोड़ से भी अधिक किसानों के लाभ उठाने की उमीद है। कुछ लोग राजनीति स्वार्थों की पूर्ति करना चाहते हैं, जिसके चलते उन्हें योजना समझ नहीं आ रही है।
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उन्होंने कहा कि स्वामीनाथन आयोग 2004 में बना और 2007 में रिपोर्ट आई। उस समय की सरकार ने कहा कि 50 प्रतिशत मुनाफा संभव नही है। हमने कहा कि खेती में जो लागत है, उसका 100 प्रतिशत मुनाफा मिल सकता है। हमें किसान का लागत मूल्य कम करना होगा और उत्पादन ज्यादा करना पडे़गा। इसके लिए हमारी सरकार प्रधानमंत्री सिंचाई योजना लेकर आई है। सॉयल हेल्थ कार्ड का प्रयोग करें ताकि किसान को पता चले कि कितना खाद डालना है। पहली बार हमारी सरकार ने डीएपी और पोटास के दाम कम किए हैं। सरकार अच्छा बाजार उपलब्ध करवा रही है। इसके लिए राष्ट्रीय बाजार की पॉलिसी है, ताकि देश की अन्य मंडियों के बारे में भी किसान को पता चले। 14 अप्रैल से राष्ट्रीय कृषि मंडी की शुरुआत की गई है।
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अभी हरियाणा की दो मंडी इससे जुड़ी हैं। सितंबर तक 200 मार्केट इससे जुड़ेंगे, मार्च 2017 तक 400 मार्केट जुड़ जाएंगी। मंत्री ने आश्वासन दिलाया कि अगर कोई आपदा आती है तो फसल बीमा योजना के तहत जितना नुकसान हुआ, उसका लागत मूल्य उसे बीमा के रूप में मिल जाएगा। आमदनी के लिए मछली पालन व सब्जी की खेती भी करें। 2022 तक इस उत्पादन को दोगुना करेंगे।
एक परिवार नहीं बल्कि लाखों लोगों ने अपने प्राण त्याग कराया था भारत को आजाद
केंद्रीय मंत्री ने संग्रहालय में हुए कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि आजादी के लिए केवल एक परिवार नहीं बल्कि लाखों लोगों ने अपने प्राण त्याग दिए। उन्होंने गढ़ी सांपला स्थितछोटूराम के पैतृक घर का दौरा भी किया और संग्रहालय भी देखा। कहा, छोटूराम के समाधि स्थल को धाम का दर्जा मिलना चाहिए। केंद्रीय मंत्री कार्यक्रम के बाद तिरंगा यात्रा में भी शामिल हुए। इससे पहले सहकारिता, मुद्रण एवं लेखन सामग्री और शहरी स्थानीय निकाय राज्यमंत्री मनीष ग्रोवर ने कहा कि शहीदों की बदौलत ही सभी खुली हवा में सांस ले रहे हैं।
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सुभाष बराला ने कहा कि छोटूराम जैसे लोगों की बदौलत देश के गरीब व मजदूर लोगों को उनका हक मिल पाया। उचाना विधायक प्रेमलता ने कहा कि छोटूराम समाधि स्थल पर जल्द ही उनकी भव्य प्रतिमा बनाने का काम शुरू होगा।
इस अवसर पर प्रदेश महामंत्री वेदपाल एडवोकेट, जिलाध्यक्ष अजय बंसल, अनुसूचित मोर्चा के प्रदेशाध्यक्ष रामअवतार बाल्मीकि, जिला परिषद के चेयरमैन बलराज कुंडू, प्रदेश कार्यकारिणी के सदस्य रमेश भाटिया व प्रतिभा सुमन, शमशेर खरकड़ा, पार्षद जयकिशन शर्मा, सांपला नगरपालिका के चेयरमैन सुधीर ओल्याण, सांपला ब्लाक समिति की चेयरमैन पूनम बिडलान, गढ़ी सांपला के सरपंच संजय कुमार, केंद्रीय इस्पात मंत्री के ओएसडी सुधीर फौगाट, शमशेर खरक, देवराज ओहल्याण और रमेश मलिक मौजूद रहे।