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Rohtak News: संकट मोचन मंदिर से निकली कलश यात्रा, वार्षिकोत्सव शुरू
Thu, 29 Jan 2026 02:47 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Thu, 29 Jan 2026 02:47 AM IST
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10...संकट मोचन मंदिर के वार्षिकोत्सव के अवसर पर निकाली कलश यात्रा में श्रद्धालुओं को आशीर्वाद द
संवाद न्यूज एजेंसी
रोहतक। माता दरवाजा स्थित संकट मोचन मंदिर में पांच दिवसीय 25वां वार्षिकोत्सव बुधवार से शुरू हुआ। सुबह 10 बजे भक्तिभाव के साथ कलश यात्रा निकाली। यात्रा में गद्दीनशीन साध्वी मानेश्वरी देवी सहित भक्तजन शामिल हुईं। मंगल कलश लेकर गीत गाकर, गाजे-बाजे के साथ भक्तों ने भजन-कीर्तन किए।
पंडित अशोक शर्मा ने आरती की व प्रसाद वितरित किया। सचिव गुलशन भाटिया ने बताया कि यात्रा मुख्य बाजारों से होते हुए बाबा लक्ष्मणपुरी महाराज डेरे पर पहुंची और श्रद्धा से कलश भरे। भक्तजनों ने उपाचार्य स्वामी कपिल पुरी महाराज से आशीर्वाद प्राप्त किया।
यात्रा में जगह-जगह भक्तों पर पुष्पवर्षा की गई और प्रसाद वितरित किया। इसके बाद यात्रा वापस कथा स्थल पर पहुंची जहां पुरोहितों ने विधिवत पूजन के बाद कलशों की स्थापना की। 31 जनवरी तक प्रतिदिन गद्दीनशीन साध्वी मानेश्वरी देवी दोपहर 3 बजे से हनुमान कथा करेंगी।
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कलश में भगवान विष्णु का वास : साध्वी
गद्दीनशीन साध्वी मानेश्वरी देवी ने बताया कि सनातन धर्म में हर धार्मिक कार्यों में कलश का विशेष महत्व है। कलश रिद्धि-सिद्धि का प्रतीक है। ऐसा माना जाता है कि कलश के मुख में भगवान विष्णु (भगवान विष्णु मंत्र) का वास होता है। कंठ में रुद्र और मूल में ब्रह्मा वास करते हैं। साथ ही कलश के मध्य में दैवीय शक्तियां निवास करती हैं। कलश में भरा पवित्र जल इस बात का संकेत देता है कि हमारा मन जल की तरह शीतल, साफ और निर्मल बना रहे।
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रोहतक। माता दरवाजा स्थित संकट मोचन मंदिर में पांच दिवसीय 25वां वार्षिकोत्सव बुधवार से शुरू हुआ। सुबह 10 बजे भक्तिभाव के साथ कलश यात्रा निकाली। यात्रा में गद्दीनशीन साध्वी मानेश्वरी देवी सहित भक्तजन शामिल हुईं। मंगल कलश लेकर गीत गाकर, गाजे-बाजे के साथ भक्तों ने भजन-कीर्तन किए।
पंडित अशोक शर्मा ने आरती की व प्रसाद वितरित किया। सचिव गुलशन भाटिया ने बताया कि यात्रा मुख्य बाजारों से होते हुए बाबा लक्ष्मणपुरी महाराज डेरे पर पहुंची और श्रद्धा से कलश भरे। भक्तजनों ने उपाचार्य स्वामी कपिल पुरी महाराज से आशीर्वाद प्राप्त किया।
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यात्रा में जगह-जगह भक्तों पर पुष्पवर्षा की गई और प्रसाद वितरित किया। इसके बाद यात्रा वापस कथा स्थल पर पहुंची जहां पुरोहितों ने विधिवत पूजन के बाद कलशों की स्थापना की। 31 जनवरी तक प्रतिदिन गद्दीनशीन साध्वी मानेश्वरी देवी दोपहर 3 बजे से हनुमान कथा करेंगी।
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कलश में भगवान विष्णु का वास : साध्वी
गद्दीनशीन साध्वी मानेश्वरी देवी ने बताया कि सनातन धर्म में हर धार्मिक कार्यों में कलश का विशेष महत्व है। कलश रिद्धि-सिद्धि का प्रतीक है। ऐसा माना जाता है कि कलश के मुख में भगवान विष्णु (भगवान विष्णु मंत्र) का वास होता है। कंठ में रुद्र और मूल में ब्रह्मा वास करते हैं। साथ ही कलश के मध्य में दैवीय शक्तियां निवास करती हैं। कलश में भरा पवित्र जल इस बात का संकेत देता है कि हमारा मन जल की तरह शीतल, साफ और निर्मल बना रहे।

10...संकट मोचन मंदिर के वार्षिकोत्सव के अवसर पर निकाली कलश यात्रा में श्रद्धालुओं को आशीर्वाद द