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रैन बसेरे में आग लगने की जांच पूरी, दोषी न कोई जिम्मेदार
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पालिका कॉलोनी स्थित रैन बसेरे में लगी आग की जांच सोमवार को पूरी हो गई। जांच रिपोर्ट में सोलर पैनल की बैटरी गर्म होने के बाद फोम में आग लगने की वजह दर्शाई गई है। इसमें न कोई दोषी मिला है और न ही किसी की लापरवाही बरतने की जिम्मेदारी सामने आई है। इसमें नगर निगम को आग से 83 लाख रुपये का नुकसान होने की बात कही गई है। रिपोर्ट जल्द ही अधिकारियों को सौंपी जाएगी। रिपोर्ट में रैन बसेरे के चौकीदार उमेद व महिलाकर्मी सुदेश के बयानोें को भी खारिज किया गया है, जिसमें उन्होंने आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट बताई थी। यह बात जांच रिपोर्ट के अनुसार पुष्ट नहीं हुई है। यही नहीं, 83 लाख रुपये के नुकसान में किसी की भी लापरवाही नहीं मिली है। रिपोर्ट में बताया गया कि बैटरी के ज्यादा गर्म होने के बाद रैन बसेरे की फाइबर की दीवार में भरे फोम में आग लगी, जो अंदर ही अंदर नजदीक रसोई तक पहुंची। रसोई में आग तब और भड़क गई, जब गैस सिलिंडर की पाइप जलने लगी।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार आग की जांच में महिला चौकीदार के रैन बसेरे में परिवार से साथ रहने का कोई जिक्र नहीं है, जबकि घटना के समय भी महिला नगर निगम अधिकारियों को रोते परिवार के सुरक्षित निकलने और लाखों रुपये का सामान जलने की बात कही थी।
जाट भवन के पास एक घर में जाती थी सफाई करने
आग लगने के दूसरे दिन जब नगर निगम अधिकारियों ने महिला चौकीदार के रैन बसेरा में परिवार के साथ रहने की बात को नकारा था, तभी महिला ने कई बातें खोली थीं। महिला कर्मी ने बताया था कि वह एक एसआई के कहने पर जाट भवन के पास एक घर में सफाई करने के लिए भी जाती थी। दोपहर में वहां से लौटने के बाद रैन बसेरे की चौकीदार भी करती थी।
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चौकीदारों का लाखों रुपये का जला था सामान
महिला चौकीदार ने बताया था कि वह दो साल से अधिकारियों के आदेश पर ही परिवार के साथ रह रही थी। आग लगने के समय घर पर बेटा, विवाहित बेटी, दामाद व बेटी के बच्चे थे।
इन सवालों के जवाब तलाशने होंगे
- रैन बसेरे में कितने चौकीदार परिवार समेत रहते थे और किस अधिकारी के आदेश पर रहते थे?
-क्या शॉर्ट सर्किट से आग लगने की बात के पीछे कोई षड्यंत्र था?
- चौकीदारों ने शॉर्ट सर्किट होने की कितनी बार शिकायत की थी?
- किसके आदेश पर महिला दूसरे के घर में सफाई करने जाती थी?
- दोनों चौकीदारों का कितने रुपये का सामान जला?
18 जुलाई की है घटना
18 जुलाई की दोपहर 1:55 बजे नगर निगम द्वारा 63 लाख रुपये में बनवाए रैन बसेरे में आग लगी थी। दमकल कर्मियों ने डेढ़ घंटे में सात फायर टेंडर से आग पर काबू पाया था। आग में गीजर, सोलर लाइट पैनल, वाटर प्यूरीफायर, छह फायर इंस्टिंग्युसर, 200 गद्दे, 200 कंबल, सीसीटीवी, डीवीआर, एलसीडी, 20 पंखे, इनवर्टर-बैटरी, छह अलमारी जलकर नष्ट हो चुके हैं।
रैन बसेरे में आग लगने की जांच पूरी हो गई है। आग शार्ट सर्किट से नहीं लगी, बल्कि सोलर पैनल की बैटरी गर्म होने से फाइबर सीट के पीछे भरी फोम में लगी थी। अंदर ही अंदर आग रसोई तक पहुंची, जहां सिलिंडर का पाइप जलने से आग और भड़क गई थी। आग लगने के पीछे किसी भी कर्मी की लापरवाही सामने नहीं आई है। जल्द ही जांच रिपोर्ट सौंप दी जाएगी।
-जगदीश शर्मा, जांच टीम के नोडल अधिकारी व मुख्य कराधान अधिकारी
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आधिकारिक सूत्रों के अनुसार आग की जांच में महिला चौकीदार के रैन बसेरे में परिवार से साथ रहने का कोई जिक्र नहीं है, जबकि घटना के समय भी महिला नगर निगम अधिकारियों को रोते परिवार के सुरक्षित निकलने और लाखों रुपये का सामान जलने की बात कही थी।
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जाट भवन के पास एक घर में जाती थी सफाई करने
आग लगने के दूसरे दिन जब नगर निगम अधिकारियों ने महिला चौकीदार के रैन बसेरा में परिवार के साथ रहने की बात को नकारा था, तभी महिला ने कई बातें खोली थीं। महिला कर्मी ने बताया था कि वह एक एसआई के कहने पर जाट भवन के पास एक घर में सफाई करने के लिए भी जाती थी। दोपहर में वहां से लौटने के बाद रैन बसेरे की चौकीदार भी करती थी।
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चौकीदारों का लाखों रुपये का जला था सामान
महिला चौकीदार ने बताया था कि वह दो साल से अधिकारियों के आदेश पर ही परिवार के साथ रह रही थी। आग लगने के समय घर पर बेटा, विवाहित बेटी, दामाद व बेटी के बच्चे थे।
इन सवालों के जवाब तलाशने होंगे
- रैन बसेरे में कितने चौकीदार परिवार समेत रहते थे और किस अधिकारी के आदेश पर रहते थे?
-क्या शॉर्ट सर्किट से आग लगने की बात के पीछे कोई षड्यंत्र था?
- चौकीदारों ने शॉर्ट सर्किट होने की कितनी बार शिकायत की थी?
- किसके आदेश पर महिला दूसरे के घर में सफाई करने जाती थी?
- दोनों चौकीदारों का कितने रुपये का सामान जला?
18 जुलाई की है घटना
18 जुलाई की दोपहर 1:55 बजे नगर निगम द्वारा 63 लाख रुपये में बनवाए रैन बसेरे में आग लगी थी। दमकल कर्मियों ने डेढ़ घंटे में सात फायर टेंडर से आग पर काबू पाया था। आग में गीजर, सोलर लाइट पैनल, वाटर प्यूरीफायर, छह फायर इंस्टिंग्युसर, 200 गद्दे, 200 कंबल, सीसीटीवी, डीवीआर, एलसीडी, 20 पंखे, इनवर्टर-बैटरी, छह अलमारी जलकर नष्ट हो चुके हैं।
रैन बसेरे में आग लगने की जांच पूरी हो गई है। आग शार्ट सर्किट से नहीं लगी, बल्कि सोलर पैनल की बैटरी गर्म होने से फाइबर सीट के पीछे भरी फोम में लगी थी। अंदर ही अंदर आग रसोई तक पहुंची, जहां सिलिंडर का पाइप जलने से आग और भड़क गई थी। आग लगने के पीछे किसी भी कर्मी की लापरवाही सामने नहीं आई है। जल्द ही जांच रिपोर्ट सौंप दी जाएगी।
-जगदीश शर्मा, जांच टीम के नोडल अधिकारी व मुख्य कराधान अधिकारी