फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Rohtak News ›   The 'Hakim' did not know, was getting 'subordinate' to steal electricity from the meter deposited in the store

‘हाकिम’ को पता ही नहीं, स्टोर में जमा मीटर से ‘मातहत’ करवा रहे थे बिजली चोरी

Wed, 08 Sep 2021 01:56 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Wed, 08 Sep 2021 01:56 AM IST
विज्ञापन
The 'Hakim' did not know, was getting 'subordinate' to steal electricity from the meter deposited in the store
बिजली निगम के ‘हाकिम’ को पता ही नहीं और उसके मातहत स्टोर में जमा मीटर को उपभोक्ता को देकर बिजली चोरी करवा रहे थे। इसका खुलासा तब हुआ, जब विजिलेंस टीम ने कुछ दिन पहले एक आरओ प्लांट पर छापा मारकर बिजली चोरी पकड़ी थी। मीटर की जांच के बाद अफसर को मामले की जानकारी हुई है। अधीक्षण अभियंता ने उपभोक्ता तक मीटर के पहुंचने की जांच शुरू कर दी है। उन्होंने दोषी कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश भी दिए हैं।
विज्ञापन

बिजली निगम की विजिलेंस टीम ने विगत दिनों सेक्टर-36 स्थित आरओ प्लांट में छापा मारकर बिजली चोरी पकड़ी। जांच में पता चला कि प्लांट पर बिजली निगम के ही मीटर बदलकर बिजली चोरी की जा रही थी। बिलिंग का समय आता तो वर्तमान में निगम के दस्तावेज में अंकित मीटर लगा दिया जाता। बिलिंग के बाद मीटर बदलकर बिजली चोरी की जाती थी। विजिलेंस की रिपोर्ट के बाद आरओ प्लांट संचालक पर 26 लाख रुपये जुर्माना लगाया गया है। मामला उच्चाधिकारियों के संज्ञान में आया तो उन्होंने गंभीरता से लिया। उन्होंने कार्यकारी अभियंता मेहताब सिंह को उपभोक्ता तक उतारे गये मीटर के पहुंचने की जांच करने और दोषी पर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
विज्ञापन

अधीक्षण अभियंता एके यादव ने बताया कि उतारा गया मीटर उपभोक्ता के पास मिलना और उसका बिजली चोरी में इस्तेमाल होना गंभीर मामला है। कार्यकारी अभियंता की रिपोर्ट आने के बाद दोषी पर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्वीकार किया कि बिना विभागीय मिलीभगत के मीटर उपभोक्ता को नहीं मिल सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

ये हैं बिजली मीटर बदलने के नियम
उपभोक्ता की शिकायत पर या लोड बढ़ने पर मीटर बदला जा सकता है। नया मीटर लगाने के दौरान जेई मौजूद रहते हैं। एसडीओ पूरी प्रक्रिया की निगरानी करते हैं। उतारा गया मीटर गड़बड़ी होने की आशंका पर मौके पर ही सील करके जांच के लिए लैब भेजा जाता है। यदि मीटर सही लगता है तो उसे सीधे बिजली निगम के स्टोर में जमा कराना होता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed