फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Rohtak News ›   The funeral was on parole for the mother 's body up to 8 hours them.Madam son denied

अंतिम संस्कार के लिए पैरोल पर आए बेटे ने 8 घंटे तक किया मां का शव लेेने से इनकार

Sat, 18 Jun 2016 02:40 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक Updated Sat, 18 Jun 2016 02:40 AM IST
विज्ञापन
 The funeral was on parole for the mother 's body up to 8 hours them.Madam son denied
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : file photo

विज्ञापन
अंतिम संस्कार करने के लिए जेल से पैरोल पर बाहर आए चुलियाना गांव के पूर्व सरपंच वजीर सिंह ने मां का शव लेने से इनकार कर दिया। उनका कहना था कि उन्हें पुलिस ने झूठे केस में फंसाया है, इसलिए इसे खत्म किया जाए और उनकी मां की मौत के जिम्मेदार लोगों को गिरफ्तार किया जाए, इसके बाद ही वह मां का अंतिम संस्कार करने के लिए शव उठाएंगे।
 
अपनी मांग मनवाने के लिए पूर्व सरपंच के परिजन और अन्य ग्रामीणों ने करीब आठ घंटे तक शव नहीं उठाया। इस बीच शव पीजीआई के शवगृह में पड़ा रहा। मामला बढ़ने पर डीएसपी विजय सिंह टीम सहित मौके पर पहुंचे, लेकिन परिजन मांग पर अड़े रहे। सुबह से शाम तक चली जद्दोजहद के बाद डीएसपी ने आत्महत्या के लिए उकसाने वाले और वजीर सिंह के मामले की दोबारा से जांच करने का आश्वासन दिया। इसके बाद परिजनों ने शव उठाया। 
विज्ञापन

उधर, सांपला थाना पुलिस ने मामले में वजीर सिंह के भतीजे मंजीत की शिकायत पर पवन, उसकी चार भाभियों, बलवान, सोमबीर सहित अन्य पर हत्या के प्रयास समेत विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया है। जीआरपी एसएचओ रणबीर महिल ने बताया कि भोली आत्महत्या मामले में उनके पति कलीराम की शिकायत पर पवन व अन्य के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का केस दर्ज किया है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


खरावड़ पुलिस चौकी पर जडे़ आरोप 
पूर्व सरपंच वजीर सिंह मां का अंतिम संस्कार करने के लिए शुक्रवार को जेल से कुछ घंटों के लिए पैरोल पर बाहर आए थे। सुबह ग्रामीण और परिजन भी शव लेने शवगृह पहुंचे थे। लेकिन वजीर सिंह ने मां का शव लेने से इनकार कर दिया। उन्होंने खरावड़ पुलिस चौकी पर आरोप लगाया कि उसने उन्हें झूठे केस में फंसाया है। पुलिस केस को वापस लेगी तभी वह माता का अंतिम संस्कार करेंगे। उन्होंने कहा कि उनकी मां की मौत के जिम्मेदार आरोपियों की गिरफ्तारी की जाए। इन्हीं मांगों को लेकर शाम तक शव मोर्चरी में रखा रहा। 
 
लाइसेंसी हथियार थाने में जमा तो कैसे चली गोली
मामले में पुलिस पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। पवन पक्ष का कहना था कि वजीर ने परिवार की लाइसेंसी बंदूक से उन पर फायरिंग की, जबकि वजीर के परिजनों का कहना है कि जब पुलिस जांच के लिए पहुंची तो सामने आया कि वजीर के पिता की लाइसेंसी बंदूक थाने में जमा थी। परिजनों का कहना है कि इसी मामले में पूछताछ के लिए खरावड़ पुलिस ने वजीर को चौकी में बुलाया था। लेकिन पुलिस ने चौकी से ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया। साथ ही एक महिला की शिकायत पर उनके खिलाफ केस भी दर्ज कर लिया। 

तानों की वजह से पूर्व सरपंच की मां ने दी जान
परिजनों ने आरोप लगाया कि वजीर की मां भोली ने आरोपी पक्ष की ओर से लगातार ताने सुनने से तंग आकर ट्रेन के सामने कूदकर आत्महत्या कर ली। वजीर की पत्नी सुमन के अनुसार उनकी ननद की बेटी की जून माह में शादी है। पूरा परिवार भात की तैयारी कर रहा था। वजीर सिंह भी दिल्ली से गांव इसीलिए आए थे। वजीर के जेल जाने के बाद पवन पक्ष के लोगों ने वजीर की मां भोली को ताना मारना शुरू  कर दिया कि अब उनकी धेवती का भात कौन भरेगा। कई दिनों तक आरोपियों के ताने सुनने से परेशान होकर भोली ने आत्महत्या कर ली। इस संबंध में जीआरपी पुलिस ने कुछ आरोपियों को नामजद किया है। 


यह है मामला 
दस जून को चुलियाना गांव में दो पक्षों में झगड़ा हो गया। एक पक्ष ने कुछ बाहरी लोगों को बुला लिया। बाहर से आए लोगों पर पूर्व सरपंच वजीर सिंह की पत्नी सुमन देवी ने आरोप लगाया कि उन्होंने फायरिंग की। पुलिस ने उन पर कार्रवाई करने की बजाय उनके पति वजीर सिंह, भतीजे संजीत और मंजीत के खिलाफ केस दर्ज कर लिया। सुमन का आरोप है कि 11 जून को पुलिस ने धोखे से वजीर और संजीत को थाने में बुलाया और जेल में डाल दिया। इसकी शिकायत लेकर तीन दिन पहले पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से मिले, लेकिन पुलिस ने कार्रवाई नहीं की। इस कारण उनकी सास को सदमा लगा और उनहोंने ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या कर ली।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed