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Rohtak News: खेतों में भरे पानी में फसल के साथ डूब गए किसानों के सपने

Sat, 09 Aug 2025 12:42 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक Updated Sat, 09 Aug 2025 12:42 AM IST
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The dreams of the farmers drowned along with their crops in the flooded fields
फोटो: 01 रेवाड़ी। गांव में जलभराव से खराब हुई फसल। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
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रेवाड़ी। मानसून सीजन में हुई लगातार बारिश के कारण खेतों में हुए जलभराव से कपास और बाजरे की फसल बर्बाद हुई है। जिले के 35 गांवों में खेतों में भरे पानी में फसल के साथ किसानों के सपने भी डूब गए। कर्ज लेकर खेती करने वाले किसानों के सामने आर्थिक संकट पैदा हो गया है। अब उन्हें राहत के लिए मुआवजे की आस है।
किसानों ने फसल बेचकर कर्ज उतारने के साथ पारिवारिक जिम्मेदारियों की पूर्ति करने के सपने संजोए थे लेकिन खेतों में जलभराव से उनकी कपास और बाजरे की फसल बर्बाद हो गई। इस नुकसान को लेकर परेशान किसानों ने राज्य सरकार से मुआवजे की मांग की है।
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जलभराव से जाटूसाना, खोल और नाहड़ ब्लॉक में सबसे अधिक फसल प्रभावित हुई है। कृषि विभाग की ओर से किए गए सर्वे के आधार पर एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर विभाग को भेजी जा चुकी है, ताकि प्रभावित किसानों को शीघ्र राहत पहुंचाई जा सके।
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कृषि विभाग के अनुसार जाटूसाना ब्लॉक के गांव लाला, सुम्मा खेड़ा रोजहुवास, रोहड़ाई, खेड़ा आलमपुर, पाल्हावास, पजंरवास, चांग, सैदपुर, चांदनवास, बस्तोड़ा, जिवड़ा, गोपालपुर गाजी और करावरा मनकपुर गांव में कपास की फसल सबसे अधिक प्रभावित हुई है।
इसी प्रकार नाहड़ ब्लॉक के बहाला, बिसवा, लुखी, अहमदपुर पर्टाल, बब्बा, नेहरूगढ़ और करौली गांव में फसल को नुकसान पहुंचा है। खोल ब्लॉक के नागल जमालपुर, कोलाना, प्रानपुरा और निमोठ गांव में फसल नष्ट होने से किसानों को नुकसान पहुंचा है।

किसान सोनू, राजपाल और बृजपाल का कहना है कि फसल की बुवाई के लिए कर्ज लेते हैं। यदि लगातार दो सीजन की फसल खराब होती है तो वे कर्ज चुकाने की स्थिति में नहीं रहेंगे।
तमाम किसान ऐसे हैं जिनके पास फसल बीमा नहीं है। ऐसे किसानों की हालत अधिक दयनीय हो गई है। एक तरफ वे कर्ज के बोझ से दबे हैं तो दूसरी तरफ फसल नष्ट होने से उन्हें आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है।


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इन गांवों में भी फसल हुई है खराब

खोल ब्लॉक के गांव दोहकी, गोकलगढ़, लिसाना, भाड़ावास, बिठवाना, गिंदोखर, अहरोद और चितादुंगरा में जलभराव से फसल को नुकसान पहुंचा है। कृषि विभाग के अधिकारियों ने इन गांवों में फसल नुकसान का सर्वे किया है। कुल मिलाकर स्थिति बेहद चिंताजनक बनी हुई है। किसानों की फसल तबाह हो चुकी है। अगले सीजन के लिए बुवाई पर संकट है। किसानों ने राज्य सरकार से विशेष गिरदावरी कराकर मुआवजा देने की मांग की है ताकि वे इस संकट से उबर सकें।

वर्जन
किसानों की खराब हुई फसल का आकलन किया गया है। सर्वे करके रिपोर्ट भेज दी गई है। अब बड़े अधिकारी निर्णय लेंगे। - दीपक कुमार, एसडीओ, कृषि विभाग।
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