{"_id":"6733875d71dffa2ebd00f386","slug":"the-country-is-producing-more-than-one-lakh-graduates-every-year-dattatreya-rohtak-news-c-17-roh1020-542978-2024-11-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"हर साल एक लाख से अधिक स्नातक तैयार कर रहा देश : दत्तात्रेय","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हर साल एक लाख से अधिक स्नातक तैयार कर रहा देश : दत्तात्रेय
विज्ञापन
रोहतक। चिकित्सक ज्यादा से ज्यादा ज्ञान प्राप्त कर जनता की सेवा करें। हमें दो बड़े मुद्दों पर विचार-विमर्श करने की आवश्यकता है। सबसे पहले, अपनी प्राथमिक स्वास्थ्य सेवा प्रणाली को बढ़ाना होगा। अपनी माध्यमिक स्वास्थ्य सेवा प्रणाली को बढ़ाना होगा। दूसरे, स्वास्थ्य सेवा प्रणाली में सुधार करने वाली तकनीक पर ध्यान केंद्रित करना होगा। यह कहना है राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय का। वे मंगलवार को स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय के चौथे दीक्षांत समारोह में बोल रहे थे।
राज्यपाल ने कहा कि पिछले दशक में, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में भारत ने चिकित्सा शिक्षा में उल्लेखनीय विकास देखा है। देश में स्नातक व स्नातकोत्तर सीटों की संख्या दोगुनी से अधिक हो गई हैं। देश वर्तमान में हर साल एक लाख से अधिक स्नातक छात्रों व लगभग 70 हजार स्नातकोत्तर चिकित्सा छात्रों को प्रशिक्षित कर रहा है। मेडिकल स्नातक व स्नात्कोत्तर को प्रशिक्षित करने में इस विश्वविद्यालय की भूमिका अहम है। डिजिटल इंडिया के युग में, स्वास्थ्य सेवा में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की नवीन तकनीकों का एकीकरण अब दूर की संभावना नहीं, वर्तमान वास्तविकता है। एआई में रोगी देखभाल, निदान व उपचार योजनाओं में क्रांति लाने की क्षमता है। यह विशाल मात्रा में डेटा का विश्लेषण करने, परिणामों की भविष्यवाणी करने और व्यक्तिगत देखभाल प्रदान करने की हमारी क्षमता को बढ़ा सकता है।
दीक्षांत समारोह में सर्जन वाइस एडमिरल डॉ. आरती सरीन ने कहा कि आप सम्मानित पेशे से जुड़े हैं। इसलिए मेहनत करें और मरीजों को पूरी निष्ठा से अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदान करें। आपके मरीज आप पर विश्वास करते हैं तो आपकी भी जिम्मेदारी है कि आप उस पर खरा उतरें। अपना व्यवहार हमेशा मरीजों, परिजनों व अपने सहयोगियों के साथ अच्छा रखें। जहां भी आप कार्य करते हैं, वहां एक टीम के तौर पर कार्य करें, तभी संस्थान उन्नति करता है।
विज्ञापन
कुलपति डॉ. अनीता सक्सेना ने कहा कि डिग्री प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों के लिए यह गर्व का विषय है। यह ताउम्र याद रहेंगी। उन्होंने सभी को हिप्पोक्रेटिक शपथ दिलाते हुए कहा कि रिसर्च को बढ़ावा दें। हेल्थ केयर प्रोफेशनल के बीच मरीजों के इलाज संबंधी जानकारी बढ़ाने के लिए सीयूजी प्लान के माध्यम से सभी विभागों को जोड़ा जा रहा है। संस्थान में किडनी ट्रांसप्लांट शुरू हो गया है। जल्दी लिवर ट्रांसप्लांट भी शुरू किया जाएगा। इसके लिए चिकित्सक की नियुक्ति कर ली गई है। विश्वविद्यालय रोहतक एलुमनाई एसोसिएशन बना रहा है।
कुलसचिव डॉ. एचके अग्रवाल ने आभार प्रकट किया। राज्यपाल ने ई-सोविनियर का भी विमोचन किया। पीजीआई निदेशक डॉ. एसएस लोहचब ने कहा कि पीजीआईएमएस को आईआईआरएफ सर्वे में टॉप मेडिकल कालेजों में 12वीं रैंक मिली है, जबकि एक मैगजीन के सर्वे में 27वीं रैंक मिली है। एनआईआरएफ में टॉप 50 मेडिकल कॉलेजों की श्रेणी में संस्थान का नाम शामिल है। परीक्षा नियंत्रक डॉ. अमरीश भागोल ने कुलाधिपति के स्क्रोल पर हस्ताक्षर कराए। मंच संचालन डॉ. मंजूनाथ, डॉ. उर्मिल चावला, डॉ. वरुण अरोड़ा, डॉ. उमेश यादव, डॉ. प्रीति गहलोत, डॉ. आरती ने किया।
इन्हें मिले अवाॅर्ड
बैचलर ऑफ मेडिसन :
यूनिवर्सिटी गोल्ड मेडल पारस सचदेवा को, सिल्वर मेडल प्रिया गोयल को। पीजीआईएमएस गोल्ड मेडल मोहित, सिल्वर मेडल हर्ष को।
बैचलर ऑफ डेंटल सर्जरी :
यूनिवर्सिटी गोल्ड मेडल प्रिया पूरी को, सिल्वर मेडल शैरोन का। पीजीआईएमएस गोल्ड मेडल अंजली राणा को, सिल्वर मेडल चेतना यादव को मिला।
बैचलर ऑफ साइंस इन नर्सिंग :
यूनिवर्सिटी गोल्ड मेडल निधि को, पीजीआईएमएस गोल्ड मेडल योगिता को मिला।
बैचलर आफ फार्मेसी :
यूनिवर्सिटी गोल्ड मेडल ट्विंकल को, पीजीआईएमएस गोल्ड मेडल तरूणा को मिला।
बैचलर ऑफ फिजियोथेरेपी :
यूनिवर्सिटी गोल्ड मेडल प्रार्थना चौहान को, पीजीआईएमएस गोल्ड मेडल भव्या सैनी को मिला।
समारोह में ये रहे मौजूद
समारोह में अनेक लोग मौजूद रहे। इसमें उपायुक्त धीरेंद्र खड़गटा, पुलिस अधीक्षक नरेंद्र बिजारणिया, एसडीएम आशीष कुमार, पूर्व मेयर मनमोहन गोयल, भाजपा जिला अध्यक्ष रणबीर ढाका, डीएलसी सुपवा कुलपति गजेंद्र चौहान, डीन एकेडमिक अफेयर्स डॉ. ध्रुव चौधरी, डीन डॉ. कुलदीप सिंह लालड, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. कुंदन मित्तल, डीन छात्र कल्याण डॉ. एमजी वशिष्ठ, प्राचार्य डॉ. संजय तिवारी, आईएमएच के निदेशक कम सीईओ डॉ. राजीव गुप्ता, समारोह कोऑर्डिनेटर डॉ. मंजूनाथ, जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी राजपाल चहल समेत अन्य लोग मौजूद रहे।
विज्ञापन
राज्यपाल ने कहा कि पिछले दशक में, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में भारत ने चिकित्सा शिक्षा में उल्लेखनीय विकास देखा है। देश में स्नातक व स्नातकोत्तर सीटों की संख्या दोगुनी से अधिक हो गई हैं। देश वर्तमान में हर साल एक लाख से अधिक स्नातक छात्रों व लगभग 70 हजार स्नातकोत्तर चिकित्सा छात्रों को प्रशिक्षित कर रहा है। मेडिकल स्नातक व स्नात्कोत्तर को प्रशिक्षित करने में इस विश्वविद्यालय की भूमिका अहम है। डिजिटल इंडिया के युग में, स्वास्थ्य सेवा में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की नवीन तकनीकों का एकीकरण अब दूर की संभावना नहीं, वर्तमान वास्तविकता है। एआई में रोगी देखभाल, निदान व उपचार योजनाओं में क्रांति लाने की क्षमता है। यह विशाल मात्रा में डेटा का विश्लेषण करने, परिणामों की भविष्यवाणी करने और व्यक्तिगत देखभाल प्रदान करने की हमारी क्षमता को बढ़ा सकता है।
विज्ञापन
दीक्षांत समारोह में सर्जन वाइस एडमिरल डॉ. आरती सरीन ने कहा कि आप सम्मानित पेशे से जुड़े हैं। इसलिए मेहनत करें और मरीजों को पूरी निष्ठा से अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदान करें। आपके मरीज आप पर विश्वास करते हैं तो आपकी भी जिम्मेदारी है कि आप उस पर खरा उतरें। अपना व्यवहार हमेशा मरीजों, परिजनों व अपने सहयोगियों के साथ अच्छा रखें। जहां भी आप कार्य करते हैं, वहां एक टीम के तौर पर कार्य करें, तभी संस्थान उन्नति करता है।
विज्ञापन
कुलपति डॉ. अनीता सक्सेना ने कहा कि डिग्री प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों के लिए यह गर्व का विषय है। यह ताउम्र याद रहेंगी। उन्होंने सभी को हिप्पोक्रेटिक शपथ दिलाते हुए कहा कि रिसर्च को बढ़ावा दें। हेल्थ केयर प्रोफेशनल के बीच मरीजों के इलाज संबंधी जानकारी बढ़ाने के लिए सीयूजी प्लान के माध्यम से सभी विभागों को जोड़ा जा रहा है। संस्थान में किडनी ट्रांसप्लांट शुरू हो गया है। जल्दी लिवर ट्रांसप्लांट भी शुरू किया जाएगा। इसके लिए चिकित्सक की नियुक्ति कर ली गई है। विश्वविद्यालय रोहतक एलुमनाई एसोसिएशन बना रहा है।
कुलसचिव डॉ. एचके अग्रवाल ने आभार प्रकट किया। राज्यपाल ने ई-सोविनियर का भी विमोचन किया। पीजीआई निदेशक डॉ. एसएस लोहचब ने कहा कि पीजीआईएमएस को आईआईआरएफ सर्वे में टॉप मेडिकल कालेजों में 12वीं रैंक मिली है, जबकि एक मैगजीन के सर्वे में 27वीं रैंक मिली है। एनआईआरएफ में टॉप 50 मेडिकल कॉलेजों की श्रेणी में संस्थान का नाम शामिल है। परीक्षा नियंत्रक डॉ. अमरीश भागोल ने कुलाधिपति के स्क्रोल पर हस्ताक्षर कराए। मंच संचालन डॉ. मंजूनाथ, डॉ. उर्मिल चावला, डॉ. वरुण अरोड़ा, डॉ. उमेश यादव, डॉ. प्रीति गहलोत, डॉ. आरती ने किया।
इन्हें मिले अवाॅर्ड
बैचलर ऑफ मेडिसन :
यूनिवर्सिटी गोल्ड मेडल पारस सचदेवा को, सिल्वर मेडल प्रिया गोयल को। पीजीआईएमएस गोल्ड मेडल मोहित, सिल्वर मेडल हर्ष को।
बैचलर ऑफ डेंटल सर्जरी :
यूनिवर्सिटी गोल्ड मेडल प्रिया पूरी को, सिल्वर मेडल शैरोन का। पीजीआईएमएस गोल्ड मेडल अंजली राणा को, सिल्वर मेडल चेतना यादव को मिला।
बैचलर ऑफ साइंस इन नर्सिंग :
यूनिवर्सिटी गोल्ड मेडल निधि को, पीजीआईएमएस गोल्ड मेडल योगिता को मिला।
बैचलर आफ फार्मेसी :
यूनिवर्सिटी गोल्ड मेडल ट्विंकल को, पीजीआईएमएस गोल्ड मेडल तरूणा को मिला।
बैचलर ऑफ फिजियोथेरेपी :
यूनिवर्सिटी गोल्ड मेडल प्रार्थना चौहान को, पीजीआईएमएस गोल्ड मेडल भव्या सैनी को मिला।
समारोह में ये रहे मौजूद
समारोह में अनेक लोग मौजूद रहे। इसमें उपायुक्त धीरेंद्र खड़गटा, पुलिस अधीक्षक नरेंद्र बिजारणिया, एसडीएम आशीष कुमार, पूर्व मेयर मनमोहन गोयल, भाजपा जिला अध्यक्ष रणबीर ढाका, डीएलसी सुपवा कुलपति गजेंद्र चौहान, डीन एकेडमिक अफेयर्स डॉ. ध्रुव चौधरी, डीन डॉ. कुलदीप सिंह लालड, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. कुंदन मित्तल, डीन छात्र कल्याण डॉ. एमजी वशिष्ठ, प्राचार्य डॉ. संजय तिवारी, आईएमएच के निदेशक कम सीईओ डॉ. राजीव गुप्ता, समारोह कोऑर्डिनेटर डॉ. मंजूनाथ, जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी राजपाल चहल समेत अन्य लोग मौजूद रहे।