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ठेका अनुबंध खत्म होने के बाद भी काम कर रहे कर्मियों को निगम नहीं देगा मानदेय
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नगर निगम अधिकारियों की ढिलाई से लंबे समय से ठेके पर काम करने वाले सी और डी ग्रुप के अधिकांश कर्मियों का हरियाणा रोजगार कौशल निगम में पंजीकरण नहीं हुआ है और वह लगातार काम कर रहे हैं। किसी अधिकारी के पास जवाब नहीं है कि अप्रैल में काम करने वाले अपंजीकृत कर्मियों को मेहनताना कौन देगा। इससे काफी ऊहापोह की स्थिति बनी हुई है।
नगर निगम में लंबे समय से ठेके पर ग्रुप डी में 97 और ग्रुप सी में 30 लोग काम कर रहे हैं। प्रदेश सरकार ने ठेका प्रथा खत्म करने के लिए हरियाणा रोजगार कौशल निगम का गठन किया है, जिसमें ठेके पर काम करने वाले कर्मियों का पंजीकरण होना है। 31 मार्च को ठेका खत्म हो चुका है और सिर्फ ग्रुप डी के 74 ही लोगों का पंजीकरण हो सका है। वहीं, ग्रुप सी के एक भी कर्मी का पंजीकरण नहीं किया गया है। ऐसे में जिनका पंजीकरण रोजगार कौशल निगम में नहीं हुआ है, वे काफी उहापोह की स्थिति में हैं। ये कर्मी लगातार निगम में काम कर रहे हैं और अप्रैल का मेहनताना कौन देगा, इसका भी किसी अधिकारी के पास जवाब नहीं है। वहीं, निगम अफसरों का कहना है कि जिनका पंजीकरण नहीं हुआ है, उनको हमने काम पर नहीं बुलाया है। 4 अप्रैल को सभी विभागाध्यक्षों को पत्र लिख दिया था कि निगम मानदेय नहीं देगा।
58 साल से ज्यादा उम्र के भी कर्मी हैं
सी ग्रुप में तीन-चार कर्मी ऐसे हैं, जिनकी आयु 58 वर्ष हो चुकी है। हरियाणा रोजगार कौशल में पंजीकरण की शर्त के अनुसार ऐसे लोगों का पंजीकरण नहीं हो सकता है। ये कर्मी काफी समय से निगम में अहम पद पर कार्य करते आ रहे हैं, जिसको लेकर अधिकारी पसोपेश में हैं।
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संयुक्त निगम आयुक्त की तरफ से सभी विभागाध्यक्षों को पत्र भिजवाया जा चुका है कि जिनका पंजीकरण नहीं हुआ है, उनसे काम न लिया जाए। अब वह खुद से आ रहे हैं, तो हम कुछ नहीं कर सकते हैं। ठेका 31 मार्च को खत्म हो चुका है, इसलिए अप्रैल का मानदेय निगम नहीं देगा। -डॉ. नरहरि बांगड़, नगर निगम आयुक्त, रोहतक।
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नगर निगम में लंबे समय से ठेके पर ग्रुप डी में 97 और ग्रुप सी में 30 लोग काम कर रहे हैं। प्रदेश सरकार ने ठेका प्रथा खत्म करने के लिए हरियाणा रोजगार कौशल निगम का गठन किया है, जिसमें ठेके पर काम करने वाले कर्मियों का पंजीकरण होना है। 31 मार्च को ठेका खत्म हो चुका है और सिर्फ ग्रुप डी के 74 ही लोगों का पंजीकरण हो सका है। वहीं, ग्रुप सी के एक भी कर्मी का पंजीकरण नहीं किया गया है। ऐसे में जिनका पंजीकरण रोजगार कौशल निगम में नहीं हुआ है, वे काफी उहापोह की स्थिति में हैं। ये कर्मी लगातार निगम में काम कर रहे हैं और अप्रैल का मेहनताना कौन देगा, इसका भी किसी अधिकारी के पास जवाब नहीं है। वहीं, निगम अफसरों का कहना है कि जिनका पंजीकरण नहीं हुआ है, उनको हमने काम पर नहीं बुलाया है। 4 अप्रैल को सभी विभागाध्यक्षों को पत्र लिख दिया था कि निगम मानदेय नहीं देगा।
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58 साल से ज्यादा उम्र के भी कर्मी हैं
सी ग्रुप में तीन-चार कर्मी ऐसे हैं, जिनकी आयु 58 वर्ष हो चुकी है। हरियाणा रोजगार कौशल में पंजीकरण की शर्त के अनुसार ऐसे लोगों का पंजीकरण नहीं हो सकता है। ये कर्मी काफी समय से निगम में अहम पद पर कार्य करते आ रहे हैं, जिसको लेकर अधिकारी पसोपेश में हैं।
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संयुक्त निगम आयुक्त की तरफ से सभी विभागाध्यक्षों को पत्र भिजवाया जा चुका है कि जिनका पंजीकरण नहीं हुआ है, उनसे काम न लिया जाए। अब वह खुद से आ रहे हैं, तो हम कुछ नहीं कर सकते हैं। ठेका 31 मार्च को खत्म हो चुका है, इसलिए अप्रैल का मानदेय निगम नहीं देगा। -डॉ. नरहरि बांगड़, नगर निगम आयुक्त, रोहतक।