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Rohtak News: नाबार्ड योजना के तहत 3.20 करोड़ से सुधरेगी सड़कों की दशा
Mon, 23 Jun 2025 12:27 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Mon, 23 Jun 2025 12:27 AM IST
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फोटो : 1बासदूदा मार्ग पर बने गड्ढे। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। नाबार्ड योजना के तहत लंबे समय से जर्जर सड़कें दुरुस्त की जाएंगी। इस कार्य पर 3.20 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके लिए लोक निर्माण विभाग ने टेंडर जारी कर दिया है।
बासदूदा से ऊंचा माजरा, ऊंचा माजरा से ढाणी जोरावत और ढाणी जोरावत से गुमला रोड लंबे समय से जर्जर है। इस सड़क की मरम्मत करने की मांग की जा रही थी। अब यह सड़क करीब 1.67 करोड़ रुपये से दुरुस्त की जाएगी।
इसी प्रकार सहारनपुर से चिमनावास वाया बोहतवास अहीर मार्ग को भी ठीक किया जाएगा। इस मार्ग की मरम्मत पर 1.53 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। टेंडर भरने की अंतिम तिथि 30 जून है। विभाग की तरफ से पहले इन सड़कों का सर्वे किया गया था।
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सर्वे में यह देखा गया था कि सड़कें किस हद तक खराब है। इसके बाद रिपोर्ट मुख्यालय भेजी गई थी। मुख्यालय से मंजूरी मिलने के बाद इन सड़कों की मरम्मत के लिए टेंडर की प्रक्रिया शुरू की गई है।
लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जुलाई में मरम्मत कार्य शुरू होने की उम्मीद है। इसके लिए टेंडर जारी कर दिया गया है।
वर्तमान में खस्ताहाल हैं सड़कें
मौजूदा समय में बासदूदा से ऊंचा माजरा, ढाणी जोरावत से गुमला रोड और सहारनपुर से चिमनावास वाया बोहतवास अहीर मार्ग की स्थिति खराब है। इन सड़कों पर जगह-जगह गड्ढे बन गए हैं। इससे वाहन चालकों को आने-जाने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। रात के समय हादसा होने का भी खतरा रहता है। रात के समय गड्ढे दिखाई नहीं देते हैं। इसकी वजह से गड्ढे की चपेट में आकर बाइक सवार गिरकर घायल होते हैं।
क्या है नाबार्ड योजना
नाबार्ड योजना के तहत सड़कों के निर्माण और सुधार के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण कनेक्टिविटी को बेहतर बनाना और ग्रामीण विकास को बढ़ावा देना है। नाबार्ड ग्रामीण अवसंरचना विकास निधि (आरआईडीएफ) के माध्यम से राज्य सरकारों को ग्रामीण सड़कों के निर्माण और उन्नयन के लिए ऋण प्रदान करता है। इसमें सड़कों की मोटाई बढ़ाकर उन्हें ऊंचा और मजबूत बनाकर सड़कों को बेहतर बनाया जाता है।
वर्जन
नाबार्ड योजना के तहत सड़कों की मरम्मत के लिए टेंडर जारी किया गया है। टेंडर की प्रक्रिया पूरी होने के बाद निर्माण कार्य शुरू करवा दिया जाएगा।-दलबीर सिंह, एसडीओ, पीडब्ल्यूडी।
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रेवाड़ी। नाबार्ड योजना के तहत लंबे समय से जर्जर सड़कें दुरुस्त की जाएंगी। इस कार्य पर 3.20 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके लिए लोक निर्माण विभाग ने टेंडर जारी कर दिया है।
बासदूदा से ऊंचा माजरा, ऊंचा माजरा से ढाणी जोरावत और ढाणी जोरावत से गुमला रोड लंबे समय से जर्जर है। इस सड़क की मरम्मत करने की मांग की जा रही थी। अब यह सड़क करीब 1.67 करोड़ रुपये से दुरुस्त की जाएगी।
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इसी प्रकार सहारनपुर से चिमनावास वाया बोहतवास अहीर मार्ग को भी ठीक किया जाएगा। इस मार्ग की मरम्मत पर 1.53 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। टेंडर भरने की अंतिम तिथि 30 जून है। विभाग की तरफ से पहले इन सड़कों का सर्वे किया गया था।
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सर्वे में यह देखा गया था कि सड़कें किस हद तक खराब है। इसके बाद रिपोर्ट मुख्यालय भेजी गई थी। मुख्यालय से मंजूरी मिलने के बाद इन सड़कों की मरम्मत के लिए टेंडर की प्रक्रिया शुरू की गई है।
लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जुलाई में मरम्मत कार्य शुरू होने की उम्मीद है। इसके लिए टेंडर जारी कर दिया गया है।
वर्तमान में खस्ताहाल हैं सड़कें
मौजूदा समय में बासदूदा से ऊंचा माजरा, ढाणी जोरावत से गुमला रोड और सहारनपुर से चिमनावास वाया बोहतवास अहीर मार्ग की स्थिति खराब है। इन सड़कों पर जगह-जगह गड्ढे बन गए हैं। इससे वाहन चालकों को आने-जाने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। रात के समय हादसा होने का भी खतरा रहता है। रात के समय गड्ढे दिखाई नहीं देते हैं। इसकी वजह से गड्ढे की चपेट में आकर बाइक सवार गिरकर घायल होते हैं।
क्या है नाबार्ड योजना
नाबार्ड योजना के तहत सड़कों के निर्माण और सुधार के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण कनेक्टिविटी को बेहतर बनाना और ग्रामीण विकास को बढ़ावा देना है। नाबार्ड ग्रामीण अवसंरचना विकास निधि (आरआईडीएफ) के माध्यम से राज्य सरकारों को ग्रामीण सड़कों के निर्माण और उन्नयन के लिए ऋण प्रदान करता है। इसमें सड़कों की मोटाई बढ़ाकर उन्हें ऊंचा और मजबूत बनाकर सड़कों को बेहतर बनाया जाता है।
वर्जन
नाबार्ड योजना के तहत सड़कों की मरम्मत के लिए टेंडर जारी किया गया है। टेंडर की प्रक्रिया पूरी होने के बाद निर्माण कार्य शुरू करवा दिया जाएगा।-दलबीर सिंह, एसडीओ, पीडब्ल्यूडी।