फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Rohtak News ›   The bank entered 32 lakhs in the records of the revenue department without any investigation, will have to pay 50 thousand rupees

Rohtak News: बैंक ने बिना जांच राजस्व विभाग के रिकाॅर्ड में अंकित की 32 लाख की एंट्री, देने होंगे 50 हजार रुपये

Fri, 05 Sep 2025 02:59 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Fri, 05 Sep 2025 02:59 AM IST
विज्ञापन
The bank entered 32 lakhs in the records of the revenue department without any investigation, will have to pay 50 thousand rupees
माई सिटी रिपोर्टर
विज्ञापन

रोहतक। राजस्व विभाग के रिकॉर्ड में बिना जांच पड़ताल 32 लाख रुपये के होम लोन की एंट्री करने पर जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने एचडीएफसी बैंक को 50 हजार रुपये हर्जाना भरने का आदेश दिया है। साथ ही, संपत्ति के रिकॉर्ड से लोन की एंट्री हटवाने की भी हिदायत दी है। इसके अलावा, 5 हजार रुपये कानूनी खर्च के तौर पर भी देने होंगे।
आयोग के रिकाॅर्ड के मुताबिक, इस्माईला 9बीं, हाल में ऑफिसर कॉलोनी निवासी 47 वर्षीय राजेश देवी ने जनवरी 2023 में अर्जी दायर की थी कि उसने होम लोन लेने के लिए बैंक से संपर्क किया। बैंक ने 8 प्रतिशत ब्याज की दर पर 32 लाख रुपये मंजूर कर दिए। बैंक ने उनके गढ़ी बोहर स्थित 180 वर्ग गज के प्लाॅट के रिकाॅर्ड में बैंक लोन की एंट्री (म्यूटेशन) करवा दी।
विज्ञापन

इसके बाद लोन की राशि हासिल करने के लिए संपर्क किया तो संतोषजनक जवाब नहीं मिला। आखिर में महिला ने आयोग में अर्जी दायर की 32 लाख रुपये के होम लोन की एंट्री हटवाने व मानसिक उत्पीड़न करने पर 5 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग की।
विज्ञापन
विज्ञापन

आयोग के नोटिस पर बैंक ने कहा कि शिकायतकर्ता ने 40 लाख रुपये का लोन मांगा था। जांच के बाद 32 लाख का ऋण मंजूर किया गया। तय किया गया था ऋण कानूनी व तकनीकी मंजूरी के तहत दिया जाएगा। गिरवी रखी गई संपत्ति अनधिकृत क्षेत्र में आती है, इसलिए अनापत्ति प्रमाण पत्र नहीं मिल सका।
ऐसे में ऋण की राशि जारी नहीं की जा सकी। साथ ही, कहा कि यह शिकायतकर्ता की गलती से हुआ है। आयोग ने दोनों पक्षों की बहस के बाद निर्णय दिया है कि बैंक का पहला कार्य है कि वह गिरवी रखी गई संपत्ति के कानूनी व तकनीकी पहलुओं की जांच करे।

बिना जांच के ही 32 लाख रुपये का लोन मंजूर कर एंट्री राजस्व विभाग के रिकाॅर्ड में करवा दी। इस तरह बैंक को सेवाओं में कमी के चलते 50 हजार रुपये हर्जाना भरना होगा। तत्काल प्रभाव से राजस्व विभाग के रिकाॅर्ड से होम लोन की एंट्री हटवाई जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed