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Rohtak News: कृषि विभाग ने पानी बचाने के लिए शुरू किया अभियान
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फोटो :: सोनीपत में धान की बिजाई के लिए तैयार की जा रही भूमि। संवाद
सोनीपत। लगातार गिरते भूजल स्तर रोकने के लिए कृषि विभाग ने खेती के तौर-तरीकों में बदलाव की दिशा में बड़ा अभियान शुरू किया है। इसके लिए गांव स्तर पर जागरूकता कैंप लगाए जाएंगे और किसानों को वैज्ञानिक खेती के फायदे समझाए जाएंगे।
जल संरक्षण को ध्यान में रखते हुए कृषि विभाग ने 15 जून से पहले धान की रोपाई प्रक्रिया पर रोक लगा दी है। विभागीय निर्देशों के अनुसार यदि कोई किसान निर्धारित समय से पहले धान की रोपाई करता पाया गया तो उसकी फसल नष्ट की जा सकती है। साथ ही आर्थिक जुर्माना लगाया जाएगा।
सहायक कृषि अभियंता डॉ. नवीन हुड्डा ने बताया कि धान की रोपाई प्रक्रिया में अत्यधिक पानी खर्च होता है, जबकि सीधी बिजाई तकनीक जल संरक्षण की दिशा में प्रभावी विकल्प मानी जा रही है। उन्होंने कहा कि जुलाई माह में यदि अधिक बारिश के कारण खेतों में जलभराव हो जाए तो सीधी बिजाई वाली फसल को अपेक्षाकृत कम नुकसान होता है।
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जल संरक्षण को ध्यान में रखते हुए कृषि विभाग ने 15 जून से पहले धान की रोपाई प्रक्रिया पर रोक लगा दी है। विभागीय निर्देशों के अनुसार यदि कोई किसान निर्धारित समय से पहले धान की रोपाई करता पाया गया तो उसकी फसल नष्ट की जा सकती है। साथ ही आर्थिक जुर्माना लगाया जाएगा।
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सहायक कृषि अभियंता डॉ. नवीन हुड्डा ने बताया कि धान की रोपाई प्रक्रिया में अत्यधिक पानी खर्च होता है, जबकि सीधी बिजाई तकनीक जल संरक्षण की दिशा में प्रभावी विकल्प मानी जा रही है। उन्होंने कहा कि जुलाई माह में यदि अधिक बारिश के कारण खेतों में जलभराव हो जाए तो सीधी बिजाई वाली फसल को अपेक्षाकृत कम नुकसान होता है।
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