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Rohtak News: आरोपी बोला, झगड़ा होने पर मैंने कर दिया था मोबाइल नंबर ब्लॉक
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रोहतक। महर्षि दयनांद विश्वविद्यालय (एमडीयू) के गर्ल्स हॉस्टल में करीब 10 दिन पहले एमएससी द्वितीय वर्ष की छात्रा के सुसाइड केस में नामजद आरोपी युवक से पुलिस ने पूछताछ की। आरोपी बोला, उसका छात्रा से झगड़ा हो गया था, जिसके चलते उसने नंबर ब्लॉक कर दिया था। अब उसने आत्महत्या क्यों की, वह नहीं बता सकता। मामले की जांच कर रही पुलिस अब साइबर सैल की मदद से और सुबूत जुटाने का प्रयास कर रही है।
पुलिस रिकाॅर्ड के मुताबिक चरखी-दादरी जिले के पूर्व फौजी ने शिकायत दी थी कि उसकी 23 वर्षीय बेटी एमडीयू की एमएससी की द्वितीय वर्ष की छात्रा थी। साथ ही एमडीयू के मेघना गर्ल्स हॉस्टल में रहती थी। 12 मई को रात करीब सवा आठ बजे उसे सूचना दी गई कि वह वार्डन बोल रही है। जल्दी हॉस्टल आ जाए। वह हॉस्टल पहुंचा और कमरे का शीशा तोड़कर देखा तो बेटी पंखे से फंदा लगाकर लटकी हुई थी। दरवाजा तोड़कर अंदर गए तो बेटी की मौत हो चुकी थी। उसकी बेटी को एक लड़का परेशान करता था, जिसकी वजह से उसने जान दी है। पुलिस ने आरोपी युवक के खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर करने का केस दर्ज किया था, लेकिन अभी गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।
बिना ठोस सबूत के आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया जा सकता। अभी आरोपी युवक को पूछताछ कर छोड़ दिया है। हिदायत दी है कि जरूरत पड़ी तो दोबारा पुलिस पूछताछ के लिए बुला सकती है।
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प्रमोद गौतम, प्रभारी थाना पीजीआईएमएस
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पुलिस रिकाॅर्ड के मुताबिक चरखी-दादरी जिले के पूर्व फौजी ने शिकायत दी थी कि उसकी 23 वर्षीय बेटी एमडीयू की एमएससी की द्वितीय वर्ष की छात्रा थी। साथ ही एमडीयू के मेघना गर्ल्स हॉस्टल में रहती थी। 12 मई को रात करीब सवा आठ बजे उसे सूचना दी गई कि वह वार्डन बोल रही है। जल्दी हॉस्टल आ जाए। वह हॉस्टल पहुंचा और कमरे का शीशा तोड़कर देखा तो बेटी पंखे से फंदा लगाकर लटकी हुई थी। दरवाजा तोड़कर अंदर गए तो बेटी की मौत हो चुकी थी। उसकी बेटी को एक लड़का परेशान करता था, जिसकी वजह से उसने जान दी है। पुलिस ने आरोपी युवक के खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर करने का केस दर्ज किया था, लेकिन अभी गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।
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बिना ठोस सबूत के आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया जा सकता। अभी आरोपी युवक को पूछताछ कर छोड़ दिया है। हिदायत दी है कि जरूरत पड़ी तो दोबारा पुलिस पूछताछ के लिए बुला सकती है।
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प्रमोद गौतम, प्रभारी थाना पीजीआईएमएस