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तकनीकी दक्षता और व्यावसायिक कौशल प्रतिस्पर्धी बनाते हैं : प्रो. युद्धवीर
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रोहतक। महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय के पं. दीनदयाल उपाध्याय कौशल एवं व्यावसायिक शिक्षा केंद्र की ओर से कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला यूआईईटी के सीएसई ब्लॉक में डेटा साइंस व ईसीई ब्लॉक में एंबेडेड सिस्टम विषयों पर आयोजित की गई।
उद्घाटन सत्र में केंद्र के निदेशक प्रो. युद्धवीर सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने विद्यार्थियों को भविष्य उन्मुख तकनीकी कौशल विकसित करने, डिजिटल प्रवीणता बढ़ाने तथा उद्योग की बदलती आवश्यकताओं के अनुरूप स्वयं को तैयार करने पर बल दिया। कहा कि तकनीकी दक्षता और व्यावसायिक कौशल ही विद्यार्थियों को प्रतिस्पर्धी बनाते हैं।
कार्यशाला के तकनीकी सत्रों में नीरज ठाकुर और लक्ष्य सैन (विशेषज्ञ, सॉफकॉन इंडिया) ने डेटा साइंस और एम्बेडेड सिस्टम को आधुनिक उद्योग की मांग वाली तकनीकें बताते हुए समस्या-समाधान क्षमता, विश्लेषणात्मक सोच एवं तकनीकी दक्षता के विकास पर जोर दिया। इस मौके पर डॉ. कमलदीप, डॉ. हरकेश सहरावत, डॉ. मनोज, डॉ. अनिल सांगवान, डॉ. विकास नांदल आदि उपस्थित रहे।
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उद्घाटन सत्र में केंद्र के निदेशक प्रो. युद्धवीर सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने विद्यार्थियों को भविष्य उन्मुख तकनीकी कौशल विकसित करने, डिजिटल प्रवीणता बढ़ाने तथा उद्योग की बदलती आवश्यकताओं के अनुरूप स्वयं को तैयार करने पर बल दिया। कहा कि तकनीकी दक्षता और व्यावसायिक कौशल ही विद्यार्थियों को प्रतिस्पर्धी बनाते हैं।
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कार्यशाला के तकनीकी सत्रों में नीरज ठाकुर और लक्ष्य सैन (विशेषज्ञ, सॉफकॉन इंडिया) ने डेटा साइंस और एम्बेडेड सिस्टम को आधुनिक उद्योग की मांग वाली तकनीकें बताते हुए समस्या-समाधान क्षमता, विश्लेषणात्मक सोच एवं तकनीकी दक्षता के विकास पर जोर दिया। इस मौके पर डॉ. कमलदीप, डॉ. हरकेश सहरावत, डॉ. मनोज, डॉ. अनिल सांगवान, डॉ. विकास नांदल आदि उपस्थित रहे।
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