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एमडीयू की स्वायत्तता बचाने को एकजुट हुए शिक्षक, गैर शिक्षक व छात्र संगठन

Thu, 18 Nov 2021 02:30 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Thu, 18 Nov 2021 02:30 AM IST
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Teachers, non-teacher and student organizations united to save the autonomy of MDU
कुलसचिव को ज्ञापन सौंपते शिक्षक, गैर शिक्षक व छात्र संगठन के सदस्य। अमर उजाला
एमडीयू की स्वायत्तता बचाने के लिए बुधवार को शिक्षक, गैर शिक्षक व छात्र संगठन एक साथ नजर आए। सभी ने मिलकर सरकार के स्वायत्तता समाप्त करने संबंधी फैसले को गलत ठहराते हुए इसे वापस लेने व स्वायत्तता बहाली की मांग की। इसके लिए कैंपस में साझा रोष प्रदर्शन करते हुए सभी कुलपति कार्यालय पहुंचे और ज्ञापन सौंपा। यहां सभी ने 18 से 23 नवंबर तक सभी विश्वविद्यालयों में प्रशासनिक भवन के सामने सुबह 9 से दोपहर 12 बजे तक धरना प्रदर्शन करने का निर्णय लिया। सरकार 23 नवंबर तक इस प्रस्ताव को वापस नहीं लेती है तो 24 नवंबर को विश्वविद्यालय में अगली रणनीति बनाई जाएगी।
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गैर शिक्षक कर्मचारी संघ के प्रधान रणधीर कटारिया ने कहा कि विश्वविद्यालयों पर किसी प्रकार का कुठाराघात सहन नहीं किया जाएगा। सरकार ने 8 नवंबर के पत्र में विश्वविद्यालयों में होने वाली भर्तियों को एचपीएससी व एचएसएससी के जरिये करने की बात कही है। इसका सभी शिक्षक, गैर शिक्षक वर्ग व छात्र संगठनों ने विरोध किया है। शिक्षक संघ के प्रधान डॉ. विकास सिवाच ने कहा कि विश्वविद्यालय की स्वायत्तता पर किसी प्रकार का हमला सहन नहीं किया जाएगा। सरकार विवि की स्वायत्तता बहाल करे। इनसो प्रदेशाध्यक्ष प्रदीप देशवाल ने कहा कि इनसो पूर्ण रूप से शिक्षकों, गैर शिक्षकों और छात्रों के साथ है। सरकार को तुरंत इस तुगलकी फरमान को वापस लेना चाहिए। एएमवीए प्रदेश अध्यक्ष विक्रम डुमोलिया, आईएसओ प्रदेश अध्यक्ष अरविंद गोस्वामी, एनएसयूआई अध्यक्ष हिमांशु, एसएफआई अध्यक्ष अर्जुन व एबीवीपी अध्यक्ष सन्नी नारा ने भी सरकार की ओर से जारी स्वायत्तता संबंधी पत्र का विरोध किया। सभी ने कुलसचिव के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। इसमें सरकार को विश्वविद्यालय की स्वायत्तता बहाल करने की अपील की गई है। ऐसा नहीं होने पर प्रदेश भर में विश्वविद्यालय की स्वायत्तता को लेकर बड़ा आंदोलन करने की चेतावनी दी गई है। इसी कड़ी में 18 से 23 नवंबर तक सभी विश्वविद्यालयों में स्वायत्तता बहाली को लेकर धरना दिया जाएगा। इस मौके पर उप प्रधान राजेश गिरधर, सह सचिव रमेश रोहिल्ला, पूर्व प्रधान फूल कुमार बोहत, कुलवंत मलिक, प्रेस सचिव वरुण कुमार सैनी, राजेश शर्मा, रणधीर सिंह रोज उर्फ चीकू भगत, दीपक कुमार समेत अनेक लोग मौजूद रहे।
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स्वास्थ्य विज्ञान विवि के कर्मचारियों ने कुलसचिव को सौंपा ज्ञापन
विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता में सरकार के हस्तक्षेप को बंद कराने के लिए बुधवार को पंडित भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय की ज्वाइंट एक्शन कमेटी ने विरोध प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने कुलसचिव डॉ. एचके अग्रवाल को राज्यपाल व मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। हरियाणा स्टेट मेडिकल टीचर्स एसोसिएशन के प्रधान डॉ. आरबी जैन ने कहा कि पिछले माह संघर्ष कर विश्वविद्यालयों को सामूहिक तबादला प्रक्रिया से अलग कराया था। अब सरकार ने शिक्षक एवं गैर शिक्षक पदों की विश्वविद्यालय में भर्ती के अधिकार को छीनते हुए फिर स्वायत्तता छीनने संबंधी पत्र जारी किया है। यह अन्याय है। इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे। विश्वविद्यालय से भर्ती का अधिकार नहीं छिनने दिया जाएगा। गैर शिक्षक कर्मचारी संघ के प्रधान तारीफ सिंह ने कहा कि यदि विश्वविद्यालय के पास अपना भर्ती करने का अधिकार ही नहीं रहेगा तो विश्वविद्यालय का औचित्य ही नहीं रह जाएगा। महा सचिव संजय सिंहमार ने कहा कि सरकार विश्वविद्यालय के कर्मचारियों की वाजिब लंबित मांगों को शीघ्र पूरा करे। इसमें कैशलेस मेडिकल सुविधा, पुरानी पेंशन बहाली मुख्य है। इस मौके पर डॉ. वरुण अरोड़ा, आरडीए प्रधान डॉ. बलजीत, अशोक यादव, सुषमा दुआ, बिजेंद्र सिंह, जयभगवान शर्मा, संजीव भारद्वाज, सुरेंद्र राणा, नरेंद्र चौहान, इतवारी, ऋषिपाल आदि मौजूद रहे।
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