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Rohtak News: कॅरिअर एडवांसमेंट योजना के लिए रेगुलेशन 2010 का विकल्प चुन सकते हैं शिक्षक
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रोहतक। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने कॅरिअर एडवांसमेंट योजना के लिए यूजीसी रेगुलेशन 2010 की प्रयोज्यता 31 दिसंबर 2024 तक बढ़ा दी है। अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ ने इस फैसले को सराहा है। इससे शिक्षकों के प्रमोशन का रास्ता साफ हो गया है।
अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के अध्यक्ष प्रो. जेपी सिंघल ने बताया कि 31 दिसंबर 2024 तक पात्रता पूर्ण करने वाले शिक्षक कॅरिअर एडवांसमेंट योजना के लिए रेगुलेशन 2010 का विकल्प चुन सकते हैं। इस संबंध में शैक्षिक महासंघ को आयोग की ओर से पत्र मिला है। उच्च शिक्षा के शिक्षकों के कॅरिअर एडवांसमेंट योजना के संबंध में यूजीसी रेगुलेशन 2018 में पात्रता पूर्ण करने पर तीन वर्ष यानि जुलाई 2021 तक पुराने रेगुलेशन में पदोन्नति लेने का विकल्प था। इस रेगुलेशन में एसोसिएट प्रोफेसर के लिए पीएचडी के अनिवार्यता व अन्य प्रावधान विकल्प के लिए दी गई अवधि में पूर्ण करना संभव नहीं था।
महासंघ के महामंत्री डॉ. सतीश कुमार सैनी ने कहा कि शैक्षिक महासंघ ने इस संबंध में निरंतर यूजीसी अध्यक्ष एवं शिक्षा मंत्री से समय-समय पर मिलकर शिक्षकों का पक्ष तथ्यों और तर्कों के साथ प्रस्तुत किया। कॅरिअर एडवांसमेंट योजना के लिए यूजीसी रेगुलेशन 2010 के विकल्प की अवधि दिसंबर 2024 तक बढ़ाने की मांग की थी। अंततः यूजीसी ने महासंघ की ओर से प्रस्तुत तथ्यों और तर्कों से सहमत होते हुए अपेक्षित निर्णय लिया है। इस निर्णय से देश भर के हजारों शिक्षकों को राहत मिलेगी। शिक्षकों के हित में न्यायोचित निर्णय लेने के लिए शैक्षिक महासंघ ने यूजीसी और केंद्र सरकार का आभार व्यक्त किया है।
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अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के अध्यक्ष प्रो. जेपी सिंघल ने बताया कि 31 दिसंबर 2024 तक पात्रता पूर्ण करने वाले शिक्षक कॅरिअर एडवांसमेंट योजना के लिए रेगुलेशन 2010 का विकल्प चुन सकते हैं। इस संबंध में शैक्षिक महासंघ को आयोग की ओर से पत्र मिला है। उच्च शिक्षा के शिक्षकों के कॅरिअर एडवांसमेंट योजना के संबंध में यूजीसी रेगुलेशन 2018 में पात्रता पूर्ण करने पर तीन वर्ष यानि जुलाई 2021 तक पुराने रेगुलेशन में पदोन्नति लेने का विकल्प था। इस रेगुलेशन में एसोसिएट प्रोफेसर के लिए पीएचडी के अनिवार्यता व अन्य प्रावधान विकल्प के लिए दी गई अवधि में पूर्ण करना संभव नहीं था।
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महासंघ के महामंत्री डॉ. सतीश कुमार सैनी ने कहा कि शैक्षिक महासंघ ने इस संबंध में निरंतर यूजीसी अध्यक्ष एवं शिक्षा मंत्री से समय-समय पर मिलकर शिक्षकों का पक्ष तथ्यों और तर्कों के साथ प्रस्तुत किया। कॅरिअर एडवांसमेंट योजना के लिए यूजीसी रेगुलेशन 2010 के विकल्प की अवधि दिसंबर 2024 तक बढ़ाने की मांग की थी। अंततः यूजीसी ने महासंघ की ओर से प्रस्तुत तथ्यों और तर्कों से सहमत होते हुए अपेक्षित निर्णय लिया है। इस निर्णय से देश भर के हजारों शिक्षकों को राहत मिलेगी। शिक्षकों के हित में न्यायोचित निर्णय लेने के लिए शैक्षिक महासंघ ने यूजीसी और केंद्र सरकार का आभार व्यक्त किया है।
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