साल्हावास। गांव खानपुर कलां की लाडली बेटी पहलवान तपस्या एशियाई कुश्ती चैम्पियनशिप में स्वर्ण पदक जीतकर गांव लौटी। जाहरवीर गोगाजी मंदिर में उसके लिए सम्मान समारोह का आयोजन किया। पहलवान बेटी को कोच के साथ खुली जीप में बैठाकर खानपुर खुर्द बस स्टैंड से खानपुर कलां गोगाजी मंदिर तक लाया गया। इस दौरान ढाल व नगाड़े की थाप पर ग्रामीणों ने जमकर नृत्य किया। डीजे पर हरियाणवी गानों पर महिलाएं व युवा खिलाड़ी जमकर थिरके। ग्रामीणों ने परिजनों को रंग लगाकर व मिठाई खिलाकर बधाई दी। ग्रामीणों ने बेटी तपस्या को नोटों व फूलों की माला पहनाकर स्मृति चिह्न भेंट किया।
थाईलैंड में आयोजित एशियाई कुश्ती चैम्पियनशिप में तपस्या ने अंडर-20 आयु वर्ग के 57 किलो भार वर्ग में गोल्ड मेडल प्राप्त किया। पहलवान के पिता परमेश व मां प्रोफेसर नवीन कुमारी ने बताया कि प्रतियोगिता 23 जुलाई को हुई थी। तपस्या ने यह मुकाबला 8-1 के अंतर से जीता। उन्होंने विरोधी पहलवान को मात्र एक अंक पर समेट दिया। पहलवान बेटी के दादा सुबेदार रामहेर सिंह व दादी दयावंती भी पोती की उपलब्धि पर डीजे पर थिरके। तपस्या पिछले 4 वर्ष से युद्धवीर अखाड़ा सोनीपत में अभ्यास कर रही है। वह कोच कुलबीर राणा, कोच सीमा राणा व खलीफा देवी पहलवान की देखरेख में प्रशिक्षण ले रही है। इस अवसर पर ऑल इंडिया गहलावत खाप के प्रधान दयानंद गहलावत, जिला परिषद चैयरमेन कप्तान बिरधाना, जिला पार्षद शिव कुमार खोरडा, पंचागामा गहलावत खाप के प्रधान रणबीर सिंह, पार्षद प्रतिनिधि अनिल पहलवान नौगांव, समाजसेवी सोमवीर हमामपुर मौजूद रहे।