तंवर बाेले, शीर्ष नेतृत्व पर पूरा भरोसा, मिलकर लड़ेंगे लड़ाई
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उन्होंने कहा कि कांग्रेस के कार्यकर्त्ताओं को एकजुट होकर भाजपा सरकार की जनविरोधी नीतियों का विरोध करना है। यदि कांग्रेस कार्यकर्त्ता एकजुट नहीं रहे तो भाजपा भाईचारा बिगाड़ने की कोशिशें करती रहेगी। मैं चोट लगने के बाद सबसे पहले अपने रोहतक जिले में आया हूं और ठीक होने के बाद भी मैं सबसे पहले रोहतक जिले में ही आऊंगा।
प्रदेश की जनता का दिल कांग्रेस पार्टी की विकासात्मक नीतियों में बसता है। जब तक राहुल गांधी को प्रधानमंत्री नहीं बना दिया जाता और प्रदेश में कांग्रेस की सरकार स्थापित नहीं हो जाती तब तक कांग्रेस कार्यकर्त्ताओं को चैन से नहीं बैठना चाहिये। इस मौके पर प्रो. कुलताज सिंह, पूर्व गृह मंत्री सुभाष बतरा, संजय परमार, सुरेंद्र सिंधु, अनूप कटारिया, नरेंद्र कौशिक, मोनू फौगाट, महेश शर्मा, मंजीत नांदल, विश्वेंद्र कादियान और राहुल जैन मौजूद रहे।
नेता प्लेटफार्म पर, चल पड़ी रेल, कार्यकर्ताओं ने खींची चेन
तंवर प्लेटफार्म पर कार्यकर्ताओं से बात कर रहे थे कि रेल के जाने का समय हो गया और वह चल पड़ी। धक्का-मुक्की के बीच किसी तरह डॉ. तंवर को रेल में चढ़ाया गया। वह आए तो एसी कोच में थे, लेकिन दूसरे डिब्बे में सवार हो गए। इसके तुरंत बाद चेन पुलिंग भी हो गई। तंवर जिस गाड़ी में आए थे, उस गाड़ी के कोचों में भी तंवर के फोटो लगे थे।
अपने साथ ले गए माइक और साउंड
नेता और पार्टी के नारे लगाने के लिए कार्यकर्ताओं ने साउंड और माइक का सहारा लिया था। जब प्लेटफार्म नंबर दो पर रेल पहुंची तो उसी माइक और साउंड से कार्यकर्ताओं ने नारे लगाने शुरू किए। प्लेटफार्म पर उतार कर कार्यकर्ताओं ने तंवर का फूल मालाएं पहना कर स्वागत किया। नेता तंवर ने माइक और साउंड से कार्यकर्ताओं को संबोधित किया और दिवाली की शुभकामनाएं दी। इसी बीच रेल चल पड़ी और वह कार्यकर्ताओं को रेल की जनरल बोगी मेें से चढ़कर संबोधित करते रहे और अपने साथ ही माइक और साउंड ले गए।
सुरक्षा कर्मी तैनात
किसान एक्सप्रेस 4:25 बजे प्लेटफार्म पर पहुंची। इससे पहले ही कार्यकर्ताओं समेेत कई नेता प्लेटफार्म दो पर एकत्रित हो गए थे। अचानक भीड़ देखकर जीआरपी और आरपीएफ सुरक्षाकर्मी सादी वर्दी और वर्दी में तैनात हो गए। महिला कांस्टेबल भी मौजूूूद रही।
यात्रियों को हुई असुविधा
जगह जगह रेल को रोके जाने और नेता जी का स्वागत करने के लिए उमड़ी कार्यकर्ताओं की भीड़ से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। दीवाली से पूर्व संध्या पर रेल और प्लेटफार्म पर अत्यधिक भीड़ थी।