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जनता की नाराजगी कविता जैन पर पड़ी भारी, कांग्रेस के सुरेंद्र पंवार ने हराया

Thu, 24 Oct 2019 06:39 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Thu, 24 Oct 2019 06:39 PM IST
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suredra panwar defaet cabinet minister kavita jain in assembly election from soinpat seat
सोनीपत शहर सीट से जीतने वाले सुरेंद्र पंवार कार्यकर्ताओं संग। - फोटो : Sonipat
सोनीपत। शहर सीट पर जनता की नाराजगी भाजपा प्रत्याशी कविता जैन पर भारी पड़ गई और 32 हजार 878 की जीत के साथ कांग्रेस के सुरेंद्र पंवार के सिर पर जीत का सेहरा बंध गया। इस तरह प्रदेश सरकार में अकेली महिला मंत्री रही कविता जैन जीत की हैट्रिक बनाने से चूक गईं, जबकि उनके प्रतिद्वंद्वी सुरेंद्र पंवार पहली बार विधायक बने। कविता जैन ने 10 साल पहले इस सीट को कांग्रेस से छीना था तो अब कांग्रेस ने फिर से इसे हासिल कर लिया है। सोनीपत शहर में समस्याओं का अंबार लगा होने के बावजूद उनका समाधान नहीं होने के साथ ही आम जनता की सुनवाई नहीं होना कविता जैन को भारी पड़ा है।
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सोनीपत शहर विधानसभा सीट पर वर्ष 2009 में भाजपा की कविता जैन ने कांग्रेस के अनिल ठक्कर को हराया था। वर्ष 2014 में भाजपा ने दोबारा से कविता जैन को चुनावी मैदान में उतारा और उन्होंने कांग्रेस के देवराज दीवान को हराया था, जिससे प्रदेश सरकार में कविता जैन अकेली महिला मंत्री बनाई गईं। अब तीसरी बार कविता जैन को भाजपा ने प्रत्याशी बनाया था और वह हैट्रिक बनाने की राह पर खड़ी थीं, लेकिन जनता की नाराजगी ने उनको बड़ी हार झेलने पर मजबूर कर दिया। कविता जैन के सामने कांग्रेस ने चंद समय पहले ही पार्टी में शामिल हुए सुरेंद्र पंवार को मैदान में उतारा था, जिन्होंने हर वर्ग के पास जाकर वोटरों को साध लिया और इसका ही परिणाम है कि उनको जीत मिली।
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कविता जैन की हार के कारण
- शहरी स्थानीय निकाय मंत्री होने के बावजूद कविता जैन लोगों की समस्याओं का समाधान नहीं कर सकीं।
- चंडीगढ़ ज्यादा समय रहने के कारण क्षेत्र के लोगों के बीच नहीं रहना।
- शहर में हुए विकास कार्यों में लगातार भ्रष्टाचार के आरोप लगना।
सुरेंद्र पंवार की जीत के कारण
- जनता के बीच लगातार बने रहने के साथ ही मिलनसार स्वभाव।
- पिछले पांच साल से लगातार समाजसेवा में लगे होने के साथ ही सुविधाएं उपलब्ध कराना।
- कविता जैन से नाराज वोट बैंक को साधना।
सुरेंद्र पंवार की जीत की नीति
कांग्रेस के टिकट पर जीत दर्ज करने वाले सुरेंद्र पंवार वर्ष 2014 में इनेलो के टिकट पर चुनाव लड़कर तीसरे नंबर पर रहे थे, लेकिन सुरेंद्र पंवार हारने के बावजूद जनता से दूर नहीं हुए और वह लगातार पांच साल से जनता के बीच रहकर हर घर तक पहुंचे। इसके साथ ही पानी की समस्या को दूर करने के लिए हर घर तक टैंकर भेजकर इस किल्लत को दूर कराया। इसके अलावा अन्य मूलभूत सुविधाएं भी अपने खर्च पर उपलब्ध कराईं।
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जनता को विकास पसंद नहीं : कविता जैन
जनता ने जैसा भी फैसला लिया है वह मुझे मंजूर है। हमने क्षेत्र में सबसे ज्यादा विकास कार्य कराए हैं और किसी भी जगह कोई समस्या नहीं छोड़ी, लेकिन जिस तरह से जनता ने वोट किया है। उससे लग रहा है कि जनता को विकास कराने वाले लोग पसंद नहीं हैं, लेकिन मैं हमेशा जनता के साथ खड़ी रहूंगी।

घमंड और भ्रष्टाचार को जनता ने हराया : सुरेंद्र पंवार
सोनीपत के नवनिर्वाचित विधायक सुरेंद्र पंवार ने कहा कि जनता ने घमंड और भ्रष्टाचार को हराने का फैसला किया था और जनता ने खुद ही चुनाव लड़कर मुझे जीत दिलाई है। उन्होंने कहा कि सोनीपत में पिछले पांच सालों में जहां भ्रष्टाचार चरम पर रहा, वहीं जनता ने जिसको पहले वोट दिया था वह घमंड में आकर जनता से बात तक नहीं करती थीं। अब शहर की सभी समस्याओं को दूर किया जाएगा और हर किसी को सम्मान दिया जाएगा।
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