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Haryana: बॉन्ड पॉलिसी को लेकर विरोध तेज, रोहतक व सोनीपत में विद्यार्थियों ने खून से लिखे पत्र

Wed, 21 Dec 2022 12:37 PM IST
भूपेंद्र सिंह अमर उजाला ब्यूरो/संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक, सोनीपत (हरियाणा)
अमर उजाला ब्यूरो/संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक, सोनीपत (हरियाणा) Published by: भूपेंद्र सिंह Updated Wed, 21 Dec 2022 12:37 PM IST
सार

हरियाणा के रोहतक और सोनीपत में बॉन्ड पॉलिसी को लेकर विरोध जारी। सोनीपत में बीपीएस महिला मेडिकल कॉलेज में बॉन्ड पॉलिसी को वापस लेने की मांग को लेकर बुधवार को छात्राएं भूख हड़ताल पर बैठ गई हैं।

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Students protesting against bond policy write letters by blood in Rohtak and Sonipat
खून से पत्र लिखा लिखता विद्यार्थी। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हरियाणा में बॉन्ड पॉलिसी के विरोध में रोहतक में पिछले 50 दिन से अधिक धरने पर बैठे एमबीबीएस विद्यार्थियों ने बड़ा फैसला लिया है। उन्होंने बुधवार को 51वें दिन धरने को विस्तार देते हुए राष्ट्रपति को रक्त रंजित पत्र लिखा है। इस पत्र के जरिये विद्यार्थियों ने राष्ट्रपति से उचित समाधान की अपील की है। वहीं सोनीपत में भी  छात्राओं ने पॉलिसी को वापस लेने के लिए अपने खून से पीएम, सीएम और गृह मंत्री के नाम पत्र लिखा है।

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बुधवार को रोहतक पीजीआई कैंपस में एमबीबीएस विद्यार्थियों ने जनसभा की। यहां नागरिक मंच के साथ विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भागीदारी करते हुए आंदोलन को समर्थन दिया। सुबह ध्वजारोहण व ईश्वर से प्रार्थना के साथ शुरू हुए कार्यक्रम में बॉन्ड पॉलिसी के खिलाफ रोष प्रकट किया गया।
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एमबीबीएस फाइनल ईयर के छात्र अनुज धानिया ने अपने खून से राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू के नाम पत्र लिखा। इसके अपना 20 एमएल खून सीरिंज में लिया गया। इससे छात्र ने चार पेज लिखे। इसमें अपने 50 दिन से चल रहे आंदोलन से अवगत कराते हुए बॉन्ड पॉलिसी वापस करा कर समस्या के समस्या के समाधान की अपील की गई है।
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पत्र में सभी अधिकारियों व मुख्यमंत्री से कई दौर की बातचीत होने का हवाला देते हुए समाधान नहीं होने की बात कही गई है। बुधवार को जनसभा में एचएसएमटीए के पूर्व अध्यक्ष डॉ. आरबी जैन, एमडीयू शिक्षक कर्मचारी संघ के अध्यक्ष डॉ. विकास सिवाच, स्वास्थ्य विज्ञान विवि गैर शिक्षक संघ के पूर्व महासचिव संजय सिंहमार, अनुराग ढांडा, सुमित, प्रमोद गौरी, डॉ. आरएस दहिया, चंचल नांदल, उमेश, समेत अन्य लोगों ने बॉन्ड पॉलिसी का विरोध किया।


सोनीपत में भी बीपीएस महिला मेडिकल कॉलेज में बॉन्ड पॉलिसी को वापस लेने की मांग को लेकर बुधवार को छात्राएं भूख हड़ताल पर बैठ गई हैं। छात्राओं का कहना है कि अभी 48 घंटे के लिए भूख हड़ताल शुरू की है, यदि सरकार उनकी मांगों को पूरा नहीं करती है तो भूख हड़ताल को बढ़ाया जा सकता है। उन्होंने सरकार से मांग की कि जल्द से जल्द बॉन्ड पॉलिसी को वापस लिया जाए।

बीपीएस महिला मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की छात्राएं 4 नवंबर से हड़ताल पर बैठी हैं। छात्राएं विभिन्न प्रकार से बोर्ड पॉलिसी का विरोध कर रही हैं। बुधवार के छात्राओं ने भूख हड़ताल शुरू कर दी हैं। छात्राएं सुबह 9 बजे 48 घंटे के लिए भूख हड़ताल पर बैठ गई हैं। छात्राओं ने एकमत होकर कहा है कि जब तक सरकार बॉन्ड पॉलिसी को वापस नहीं लेती है भूख हड़ताल जारी रखेंगी।


फिलहाल उन्होंने 48 घंटे के लिए भूख हड़ताल शुरू की हैं। आवश्यकता पड़ने पर भूख हड़ताल को बढ़ाया भी जा सकता है। भूख हड़ताल के माध्यम से छात्राओं का कहना है कि सरकार नींद से जागे और बॉन्ड पॉलिसी वापस ले। इस दौरान छात्राओं ने पॉलिसी को वापस लेने के लिए अपने खून से पीएम, सीएम और गृह मंत्री के नाम पत्र लिखा है।

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