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प्रदूषण को लेकर सख्ती : शहर में भी निगरानी कमेटी गठित
Fri, 15 Nov 2024 02:36 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Fri, 15 Nov 2024 02:36 AM IST
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14सीटीके05...सोनीपत रोड पर बाइक से धुआं छोड़ता हुआ जाता बाइक सवार। संवाद
रोहतक। बढ़ते जा रहे वायु प्रदूषण पर रोक लगाने के लिए प्रशासन सख्त हो गया है। शहर की सड़कों पर दौड़ रहे एक्सपायरी डेट के 15 साल पुराने पेट्रोल व 10 साल पुराने डीजल के वाहन जब्त होंगे। साथ ही प्रशासन सड़क किनारे मलबा मिला तो एनजीटी की गाइड लाइन के तहत विभाग से जुर्माना वसूला जाएगा। एसडीएम समय-समय पर औचक निरीक्षण करेंंगे। वीरवार को लघुसचिवालय में ग्रुेप एक व ग्रेप दो को लागू करने के लिए अधिकारियों की बैठक को संबोधित करते हुए डीसी धीरेंद्र खड़गटा ने यह बात कही।
डीसी ने कहा कि शहरी क्षेत्र में 500 वर्ग गज से अधिक भूमि पर निर्माणाधीन भवनों का विवरण पोर्टल पर दर्ज किया जाए। जीर्ण-शीर्ण भवनों को तोड़कर नए भवन बनाते समय भी सभी हिदायतों का पालन करें। भवन के मलबे को निर्धारित स्थान पर डलवाए। निजी संपत्ति पर 500 वर्गगज से कम भूमि पर भवन निर्माण के दौरान भी सभी हिदायतों की पालना सुनिश्चित करवाई जाए ताकि पर्यावरण प्रदूषित न हो। विभाग अपने ठेकेदारों को भी जागरूक करें कि वे भवन तोड़ने के बाद मलबे को सड़क पर न छोड़े। यदि ऐसा पाया गया तो संबंधित विभाग पर जुर्माना लगाया जाएगा। विभाग आगे ठेकेदार से जुर्माना राशि वसूल करेगा।
ग्राम सचिव, पटवारी, नंबरदार व चौकीदार की ड्यूटी तय की जाए
डीसी ने डीडीपीओ व बीडीपीओ को निर्देश दिए कि वे प्रत्येक गांव में धान की पराली जलाने की निगरानी के लिए पटवारी व ग्राम सचिवों की तैनाती की जाए। इनके साथ नंबरदार व गांव के चौकीदार को भी शामिल किया जाए। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के खंड स्तर पर कार्यरत अधिकारी ग्रामीण क्षेत्र में पराली जलाने पर विशेष निगरानी रखेंगे। हरसैक से आग जलाने की प्राप्त घटना की तुरंत करवाई जाए तथा दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाए।
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उद्योगपतियों को भी किया जाए
डीसी ने एचएसआईआईडीसी के अधिकारियों को निर्देश दिए कि उद्योगपतियों के साथ बैठक करें। साथ ही एनजीटी की गाइडलाइन का पालन करवाएं। वायु प्रदूषण के साथ-साथ जल व ध्वनि प्रदूषण की भी जांच की जाए। एसडीएम व निगम संयुक्त आयुक्त उद्योग संचालकों को जागरूक करें। उन्होंने कहा कि नगर निगम स्वच्छता ऐप एवं एक्यूआई सेंटर की नियमित निगरानी करे।
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डीसी ने कहा कि शहरी क्षेत्र में 500 वर्ग गज से अधिक भूमि पर निर्माणाधीन भवनों का विवरण पोर्टल पर दर्ज किया जाए। जीर्ण-शीर्ण भवनों को तोड़कर नए भवन बनाते समय भी सभी हिदायतों का पालन करें। भवन के मलबे को निर्धारित स्थान पर डलवाए। निजी संपत्ति पर 500 वर्गगज से कम भूमि पर भवन निर्माण के दौरान भी सभी हिदायतों की पालना सुनिश्चित करवाई जाए ताकि पर्यावरण प्रदूषित न हो। विभाग अपने ठेकेदारों को भी जागरूक करें कि वे भवन तोड़ने के बाद मलबे को सड़क पर न छोड़े। यदि ऐसा पाया गया तो संबंधित विभाग पर जुर्माना लगाया जाएगा। विभाग आगे ठेकेदार से जुर्माना राशि वसूल करेगा।
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ग्राम सचिव, पटवारी, नंबरदार व चौकीदार की ड्यूटी तय की जाए
डीसी ने डीडीपीओ व बीडीपीओ को निर्देश दिए कि वे प्रत्येक गांव में धान की पराली जलाने की निगरानी के लिए पटवारी व ग्राम सचिवों की तैनाती की जाए। इनके साथ नंबरदार व गांव के चौकीदार को भी शामिल किया जाए। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के खंड स्तर पर कार्यरत अधिकारी ग्रामीण क्षेत्र में पराली जलाने पर विशेष निगरानी रखेंगे। हरसैक से आग जलाने की प्राप्त घटना की तुरंत करवाई जाए तथा दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाए।
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उद्योगपतियों को भी किया जाए
डीसी ने एचएसआईआईडीसी के अधिकारियों को निर्देश दिए कि उद्योगपतियों के साथ बैठक करें। साथ ही एनजीटी की गाइडलाइन का पालन करवाएं। वायु प्रदूषण के साथ-साथ जल व ध्वनि प्रदूषण की भी जांच की जाए। एसडीएम व निगम संयुक्त आयुक्त उद्योग संचालकों को जागरूक करें। उन्होंने कहा कि नगर निगम स्वच्छता ऐप एवं एक्यूआई सेंटर की नियमित निगरानी करे।