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पुलिस प्रशासन की सख्ती के आंदोलित रोडवेज कर्मियों के हौसले पस्त
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कर्मचारियों के राष्ट्रव्यापी हड़ताल के दौरान बुधवार को नए बस स्टैंड पर खडी रोडवेज की बस और प्राइ?
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पुलिस प्रशासन की सख्ती से बुधवार को राष्ट्रव्यापी हड़ताल के लिए सबसे ज्यादा मुखर रोडवेज कर्मियों के हौसले पस्त रहे। चक्काजाम कराने तड़के तीन बजे वर्कशाप पर एकजुट कर्मियों को पुलिस ने सख्ती से एक तरफ खड़ा करके बसें चलवाईं।
आंदोलित कर्मियों ने स्टैंड के टिन शेड के नीचे फर्श बिछाकर बैठने का प्रयास किया तो वहां भी पुलिस ने उन्हें बैठने नहीं दिया। पुलिस की सख्ती से चलते कर्मचारी यात्रियों की बेंचों पर शांति से बैठकर चले गए। तड़के से स्टैंड पर बसों का जमावड़ा रहने की वजह से हड़ताल असफल रही। महाप्रबंधक ने महानिदेशक को रिपोर्ट भेजकर बताया है कि 185 बसों में से 180 का संचालन हुआ। डिपो के 877 कर्मियों में से 38 हड़ताल पर रहे, जिनके खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की गई है।
हरियाणा रोडवेज तालमेल कमेटी ने किलोमीटर स्कीम के विरोध में सात और आठ जनवरी को चक्काजाम का एलान किया। छह जनवरी को चंडीगढ़ में हुई बैठक के बाद तालमेल कमेटी ने सात जनवरी का चक्काजाम वापस ले लिया और आठ जनवरी को चक्काजाम पूरी तरह से सफल बनाने का एलान किया। हड़ताल को सफल बनाने का नेतृत्व तालमेल कमेटी के वरिष्ठ सदस्य वीरेंद्र सिंह धनखड़ ने संभाला, जिसके चलते मंगलवार देर शाम तक बैठकों को दौर चला। वहीं, शासन के आदेश के चलते न सिर्फ रोडवेज, बल्कि जिला प्रशासन और पुलिस हड़ताल को निष्प्रभावी करने में जुट गई। तय किया गया कि पहले रोडवेज की बसें चलवाई जाएंगी। यदि हालात सामान्य नहीं होंगे तो एजेंसी की 100 और परमिट की बसों को चलवाया जाएगा। तड़के तीन बजे रोडवेज तालमेल कमेटी के वरिष्ठ सदस्य वीरेंद्र सिंह धनखड़ कुछ समर्थकों के साथ वर्कशॉप के गेट पर पहुंचे। कुछ देर में गेट पर कर्मचारियों की संख्या 30-32 हो गई तो उन्होंने नारेबाजी शुरू कर दी। पौने चार बजे गेट पर तैनात पुलिस फोर्स ने गेट पर नारेबाजी कर रहे कर्मचारी नेताओं को अपने घेरे में लेकर सख्ती से किनारे कर दिया और जैसे ही चार बजे वैसे ही बसों का संचालन शुरू करवा दिया गया। इस दौरान कुछ कर्मचारी उग्र भी हुए मगर पुलिस ने उन्हें शांत कर दिया। इसके बाद पुलिस ने कर्मचारी नेताओं को स्टैंड से बाहर खदेड़ना शुरू किया, जब कर्मचारियों ने विरोध दर्ज कराने के लिए स्थान देने के लिए कहा तो पुलिस बस स्टैंड के टिन शैड के नीचे ले गई। इस दौरान कर्मचारियों ने बैठकर विरोध दर्ज कराने की वजह से फर्श मंगवाकर बिछवाने का प्रयास किया तो पुलिस ने रोक दिया। हिदायत दी कि यदि फर्श बिछाया तो सभी को बस स्टैंड परिसर से बाहर कर दिया जाएगा। यदि बैठना है, तो यात्रियों की बेंचों पर बैठे सकते हैं, मगर किसी भी तरह की नारेबाजी आदि निषेध होगी। जिसका परिणाम रहा कि दिन निकलने के बाद कर्मचारी नेता घरों को लौट गए। वहीं, प्रशासन और पुलिस की मौजूदगी में रोहतक डिपो ने हर रोज की तरह से 180 बसों का संचालन किया। इसके अलावा बस स्टैंड पर परमिट और ट्रैवल्स एजेंसी की बसें आने की वजह से बसें ही बसें नजर आने लगीं। लोगों ने बड़े ही आसानी से बसों में सफर किया।
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हड़ताल में शामिल रोडवेज कर्मियों का ब्योरा
विभाग कुल हड़ताल पर
मैनेजमेंट विभाग 83 02
चालक 298 12
परिचालक 319 18
निरीक्षक व एसआई 30 04
कर्मशाला स्टाफ 157 02
877 38
जीएम ने हड़ताली कर्मियों की मुख्यालय भेजी रिपोर्ट
रोहतक डिपो महाप्रबंधक जोगेंद्रर रावल ने रोडवेज महानिदेशक को हड़ताल की पूरी रिपोर्ट भेज दी है, जिसमें हड़ताल पर रहे वीरेंद्र सिंह धनखड़ मुख्य संग्रह क्रय अधिकारी, प्रदीप कुमार, सतबीर सिंह मुंढाल उप निरीक्षक, सुमेर सिंह सिवाच उप निरीक्षक, अशोक कुमार उप निरीक्षक, युद्धवीर उप निरीक्षक, अजीत सिंह, अशोक कुमार, रमेश कुमार, सुधीर, अमीन, देवेंद्र, सुरेंद्र, दीपक, स्वीट, संदीप, कुलदीप, जगदीप, धर्मवीर, कृष्ण, सुमेश, मनीष, संदीप, उमेद सिंह, सुभाष, महेंद्र, राजबीर, बलजीत, राजकुमार, कृष्ण, अजय, यशपाल, धर्मबीर, बसंत, रणबीर, उमेद, जय कंवार हैं।
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आंदोलित कर्मियों ने स्टैंड के टिन शेड के नीचे फर्श बिछाकर बैठने का प्रयास किया तो वहां भी पुलिस ने उन्हें बैठने नहीं दिया। पुलिस की सख्ती से चलते कर्मचारी यात्रियों की बेंचों पर शांति से बैठकर चले गए। तड़के से स्टैंड पर बसों का जमावड़ा रहने की वजह से हड़ताल असफल रही। महाप्रबंधक ने महानिदेशक को रिपोर्ट भेजकर बताया है कि 185 बसों में से 180 का संचालन हुआ। डिपो के 877 कर्मियों में से 38 हड़ताल पर रहे, जिनके खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की गई है।
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हरियाणा रोडवेज तालमेल कमेटी ने किलोमीटर स्कीम के विरोध में सात और आठ जनवरी को चक्काजाम का एलान किया। छह जनवरी को चंडीगढ़ में हुई बैठक के बाद तालमेल कमेटी ने सात जनवरी का चक्काजाम वापस ले लिया और आठ जनवरी को चक्काजाम पूरी तरह से सफल बनाने का एलान किया। हड़ताल को सफल बनाने का नेतृत्व तालमेल कमेटी के वरिष्ठ सदस्य वीरेंद्र सिंह धनखड़ ने संभाला, जिसके चलते मंगलवार देर शाम तक बैठकों को दौर चला। वहीं, शासन के आदेश के चलते न सिर्फ रोडवेज, बल्कि जिला प्रशासन और पुलिस हड़ताल को निष्प्रभावी करने में जुट गई। तय किया गया कि पहले रोडवेज की बसें चलवाई जाएंगी। यदि हालात सामान्य नहीं होंगे तो एजेंसी की 100 और परमिट की बसों को चलवाया जाएगा। तड़के तीन बजे रोडवेज तालमेल कमेटी के वरिष्ठ सदस्य वीरेंद्र सिंह धनखड़ कुछ समर्थकों के साथ वर्कशॉप के गेट पर पहुंचे। कुछ देर में गेट पर कर्मचारियों की संख्या 30-32 हो गई तो उन्होंने नारेबाजी शुरू कर दी। पौने चार बजे गेट पर तैनात पुलिस फोर्स ने गेट पर नारेबाजी कर रहे कर्मचारी नेताओं को अपने घेरे में लेकर सख्ती से किनारे कर दिया और जैसे ही चार बजे वैसे ही बसों का संचालन शुरू करवा दिया गया। इस दौरान कुछ कर्मचारी उग्र भी हुए मगर पुलिस ने उन्हें शांत कर दिया। इसके बाद पुलिस ने कर्मचारी नेताओं को स्टैंड से बाहर खदेड़ना शुरू किया, जब कर्मचारियों ने विरोध दर्ज कराने के लिए स्थान देने के लिए कहा तो पुलिस बस स्टैंड के टिन शैड के नीचे ले गई। इस दौरान कर्मचारियों ने बैठकर विरोध दर्ज कराने की वजह से फर्श मंगवाकर बिछवाने का प्रयास किया तो पुलिस ने रोक दिया। हिदायत दी कि यदि फर्श बिछाया तो सभी को बस स्टैंड परिसर से बाहर कर दिया जाएगा। यदि बैठना है, तो यात्रियों की बेंचों पर बैठे सकते हैं, मगर किसी भी तरह की नारेबाजी आदि निषेध होगी। जिसका परिणाम रहा कि दिन निकलने के बाद कर्मचारी नेता घरों को लौट गए। वहीं, प्रशासन और पुलिस की मौजूदगी में रोहतक डिपो ने हर रोज की तरह से 180 बसों का संचालन किया। इसके अलावा बस स्टैंड पर परमिट और ट्रैवल्स एजेंसी की बसें आने की वजह से बसें ही बसें नजर आने लगीं। लोगों ने बड़े ही आसानी से बसों में सफर किया।
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हड़ताल में शामिल रोडवेज कर्मियों का ब्योरा
विभाग कुल हड़ताल पर
मैनेजमेंट विभाग 83 02
चालक 298 12
परिचालक 319 18
निरीक्षक व एसआई 30 04
कर्मशाला स्टाफ 157 02
877 38
जीएम ने हड़ताली कर्मियों की मुख्यालय भेजी रिपोर्ट
रोहतक डिपो महाप्रबंधक जोगेंद्रर रावल ने रोडवेज महानिदेशक को हड़ताल की पूरी रिपोर्ट भेज दी है, जिसमें हड़ताल पर रहे वीरेंद्र सिंह धनखड़ मुख्य संग्रह क्रय अधिकारी, प्रदीप कुमार, सतबीर सिंह मुंढाल उप निरीक्षक, सुमेर सिंह सिवाच उप निरीक्षक, अशोक कुमार उप निरीक्षक, युद्धवीर उप निरीक्षक, अजीत सिंह, अशोक कुमार, रमेश कुमार, सुधीर, अमीन, देवेंद्र, सुरेंद्र, दीपक, स्वीट, संदीप, कुलदीप, जगदीप, धर्मवीर, कृष्ण, सुमेश, मनीष, संदीप, उमेद सिंह, सुभाष, महेंद्र, राजबीर, बलजीत, राजकुमार, कृष्ण, अजय, यशपाल, धर्मबीर, बसंत, रणबीर, उमेद, जय कंवार हैं।

कर्मचारियों के राष्ट्रव्यापी हड़ताल के दौरान बुधवार को नए बस स्टैंड के वर्कशाप पर बज कर 20 मिनट पर

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