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पेयजल संकट की आशंका पर विराम
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रोहतक। जेएलएन के रोस्टर में बदलाव नहीं होने पर बीएसबी में पांच दिन से अतिरिक्त पानी छोड़ा जा रहा है, जो दो दिन और आएगा। ऐसे में अप्रैल में पेयजल संकट की आशंका पर विराम लग गया है।
जेेएलएन (जवाहर लाल नेहरू) और बीएसबी (भालौठ सब ब्रांच) में आने वाले पानी से शहरवासियों की प्यास बुझती है। दोनों नहरों में पानी के आने का रोस्टर बना हुआ है। वर्तमान रोस्टर के हिसाब से जेएलएन में 16 दिन और बीएसबी में छह दिन पानी आता है। बीएसबी के जाने के 16 दिन बाद जेएलएन में पानी आ जाता है। इन 16 दिनों में समुचित पेयजल आपूर्ति करना जनस्वास्थ्य विभाग के लिए चुनौती भरा होता है। गर्मी में होने वाले पेयजल संकट से निपटने के लिए जेएलएन में आठ दिन के अंतराल में पानी छोड़ने की मांग की जा रही है। फिलहाल नया रोस्टर नहीं बना है, इसलिए बीएसबी में अतिरिक्त पानी छोड़ा जा रहा है। रोस्टर के हिसाब से बीएसबी में 28 मार्च से पानी आना बंद होना था, जो शुक्रवार को भी पूरी क्षमता से मिलता रहा। अधिकारियों का कहना है कि आगामी तीन अप्रैल तक पूरी क्षमता से पानी मिलेगा। जब नहर बंद होगी तो दो दिन तक कम पानी मिलेगा। ऐसे में तीनों जलघरों के जलाशयों में पानी पूरी भर जाएगा। इसके बाद 13 अप्रैल से जेएलएन में पानी आने लगेगा। इससे शहर में अप्रैल माह में पेयजल संकट पैदा नहीं होगा।
जनस्वास्थ्य विभाग के एसडीओ अनिल रोहिल्ला का कहना है कि 28 मार्च को बीएसबी में पानी आना बंद होना था, जो करीब तीन अप्रैल तक पूरी क्षमता से मिलेगा। जलघरों में पर्याप्त पानी का भंडारण हो गया है। 13 अप्रैल को जेएलएन में पानी आ जाएगा, ऐसे में अप्रैल में पेयजल संकट पैदा होने की आशंका खत्म हो गई है।
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जेेएलएन (जवाहर लाल नेहरू) और बीएसबी (भालौठ सब ब्रांच) में आने वाले पानी से शहरवासियों की प्यास बुझती है। दोनों नहरों में पानी के आने का रोस्टर बना हुआ है। वर्तमान रोस्टर के हिसाब से जेएलएन में 16 दिन और बीएसबी में छह दिन पानी आता है। बीएसबी के जाने के 16 दिन बाद जेएलएन में पानी आ जाता है। इन 16 दिनों में समुचित पेयजल आपूर्ति करना जनस्वास्थ्य विभाग के लिए चुनौती भरा होता है। गर्मी में होने वाले पेयजल संकट से निपटने के लिए जेएलएन में आठ दिन के अंतराल में पानी छोड़ने की मांग की जा रही है। फिलहाल नया रोस्टर नहीं बना है, इसलिए बीएसबी में अतिरिक्त पानी छोड़ा जा रहा है। रोस्टर के हिसाब से बीएसबी में 28 मार्च से पानी आना बंद होना था, जो शुक्रवार को भी पूरी क्षमता से मिलता रहा। अधिकारियों का कहना है कि आगामी तीन अप्रैल तक पूरी क्षमता से पानी मिलेगा। जब नहर बंद होगी तो दो दिन तक कम पानी मिलेगा। ऐसे में तीनों जलघरों के जलाशयों में पानी पूरी भर जाएगा। इसके बाद 13 अप्रैल से जेएलएन में पानी आने लगेगा। इससे शहर में अप्रैल माह में पेयजल संकट पैदा नहीं होगा।
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जनस्वास्थ्य विभाग के एसडीओ अनिल रोहिल्ला का कहना है कि 28 मार्च को बीएसबी में पानी आना बंद होना था, जो करीब तीन अप्रैल तक पूरी क्षमता से मिलेगा। जलघरों में पर्याप्त पानी का भंडारण हो गया है। 13 अप्रैल को जेएलएन में पानी आ जाएगा, ऐसे में अप्रैल में पेयजल संकट पैदा होने की आशंका खत्म हो गई है।
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