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शादी में आए भगोड़े को पकड़ने गई पुलिस पर पथराव, तीन पुलिसकर्मी घायल
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पुलिस की गाड़ी। संवाद
अदालत से भगोड़ा घोषित युवक को पकड़ने महम गई एवीटी स्टाफ की टीम पर मंगलवार को एक दर्जन लोगों ने पथराव कर दिया। पथराव में गाड़ी के शीशे टूट गए और तीन पुलिसकर्मी भी घायल हो गए। एक हवलदार को सिर में गहरी चोट आई है। आरोपी जगदीश राजस्थान के अलवर में रामफल नाम से रहता था। दो दिन पहले वह शादी में शामिल होने महम की भाट कॉलोनी में आया था। पुलिस आरोपी को दबोचने में कामयाब रही। इस संबंध में महम थाने में जानलेवा हमला करने, सरकारी ड्यूटी में बाधा डालने व अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
एवीटी स्टाफ (एंटी व्हीकल थैफ्ट) प्रभारी इंस्पेक्टर गोवर्धन ने बताया कि महम निवासी जगदीश के खिलाफ महम, भिवानी, दादरी व सोनीपत में चोरी व दूसरे करीब 17 केस दर्ज हैं। इसमें महम के छह केस भी शामिल हैं। अदालत की तरफ से जगदीश को भगोड़ा घोषित किया जा चुका है। गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपी राजस्थान में नाम बदलकर रह रहा था। आरोपी के परिवार के ज्यादातर सदस्य महम में ही रहते हैं। 14 नवंबर को उसके परिवार में शादी थी। वह शादी में शामिल होने के लिए महम आया था। मंगलवार को पुलिस को इसकी भनक लग गई। एवीटी स्टाफ की टीम एसआई गोवर्धन व एसआई जोगेंद्र सिंह के नेतृत्व में महम की अनाज मंडी के सामने स्थित भाट कॉलोनी में पहुंची। पुलिस का कहना है कि एक मकान की छत पर 10-12 लोग बैठे दिखाई दिए। पुलिस को देखकर जगदीश छत से कूदकर भागने लगा। तभी पुलिस ने उसे दबोच लिया। इसी बीच कुछ लोगों ने आरोपी को छुड़वाने के लिए पथराव शुरू कर दिया। पथराव से न केवल पुलिस की गाड़ी के शीशे टूट गए, बल्कि टीम में शामिल हवलदार रणवीर, कृष्ण व सिपाही नरेश घायल हो गए। घायल पुलिस कर्मियों को महम के नागरिक अस्पताल में लाया गया। जहां से सिर में लगी चोट की गंभीरता को देखते हुए हवलदार रणवीर को तुरंत पीजीआई रोहतक रेफर किया गया। जबकि हवलदार कृष्ण व सिपाही नरेश का इलाज महम के नागरिक अस्पताल में चल रहा है।
12 के खिलाफ केस दर्ज, पांच नामजद
पुलिस ने मामले में 12 लोगों के खिलाफ योजना बनाकर जानलेवा हमला करने, तोड़फोड़ व सरकारी ड्यूटी में बाधा डालने का केस दर्ज किया है। इसमें आरोपी जगदीश उर्फ रामफल, मुन्ना, गोपी, राकेश व मुकेश सहित अन्य शामिल हैं।
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भैंस व लोहा चोरी में शातिर है आरोपी
पूछताछ में पुलिस को पता चला कि जगदीश ग्रामीण इलाकों से भैंस व लोहे का सामान चोरी करने में शातिर है। वह चोरी करके माल दिल्ली की गाजीपुर मंडी में बेच देता था। पुलिस कई साल से उसे दबोचने का प्रयास कर रही थी, लेकिन वह हाथ नहीं आ रहा था। वह लंबे समय से राजस्थान में नाम बदलकर रह रहा था।
अदालत से भगोड़ा घोषित युवक जगदीश शादी समारोह में शामिल होने महम आया था, जिसे पकड़ने एवीटी स्टाफ की टीम पहुंची थी। पुलिस टीम पर पथराव व जानलेवा हमला किया गया। पुलिस ने आरोपी को दबोच लिया है। अन्य की गिरफ्तारी के लिए भी धरपकड़ की जा रही है।
- इंस्पेक्टर प्रलाहद सिंह, थाना प्रभारी, महम
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एवीटी स्टाफ (एंटी व्हीकल थैफ्ट) प्रभारी इंस्पेक्टर गोवर्धन ने बताया कि महम निवासी जगदीश के खिलाफ महम, भिवानी, दादरी व सोनीपत में चोरी व दूसरे करीब 17 केस दर्ज हैं। इसमें महम के छह केस भी शामिल हैं। अदालत की तरफ से जगदीश को भगोड़ा घोषित किया जा चुका है। गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपी राजस्थान में नाम बदलकर रह रहा था। आरोपी के परिवार के ज्यादातर सदस्य महम में ही रहते हैं। 14 नवंबर को उसके परिवार में शादी थी। वह शादी में शामिल होने के लिए महम आया था। मंगलवार को पुलिस को इसकी भनक लग गई। एवीटी स्टाफ की टीम एसआई गोवर्धन व एसआई जोगेंद्र सिंह के नेतृत्व में महम की अनाज मंडी के सामने स्थित भाट कॉलोनी में पहुंची। पुलिस का कहना है कि एक मकान की छत पर 10-12 लोग बैठे दिखाई दिए। पुलिस को देखकर जगदीश छत से कूदकर भागने लगा। तभी पुलिस ने उसे दबोच लिया। इसी बीच कुछ लोगों ने आरोपी को छुड़वाने के लिए पथराव शुरू कर दिया। पथराव से न केवल पुलिस की गाड़ी के शीशे टूट गए, बल्कि टीम में शामिल हवलदार रणवीर, कृष्ण व सिपाही नरेश घायल हो गए। घायल पुलिस कर्मियों को महम के नागरिक अस्पताल में लाया गया। जहां से सिर में लगी चोट की गंभीरता को देखते हुए हवलदार रणवीर को तुरंत पीजीआई रोहतक रेफर किया गया। जबकि हवलदार कृष्ण व सिपाही नरेश का इलाज महम के नागरिक अस्पताल में चल रहा है।
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12 के खिलाफ केस दर्ज, पांच नामजद
पुलिस ने मामले में 12 लोगों के खिलाफ योजना बनाकर जानलेवा हमला करने, तोड़फोड़ व सरकारी ड्यूटी में बाधा डालने का केस दर्ज किया है। इसमें आरोपी जगदीश उर्फ रामफल, मुन्ना, गोपी, राकेश व मुकेश सहित अन्य शामिल हैं।
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भैंस व लोहा चोरी में शातिर है आरोपी
पूछताछ में पुलिस को पता चला कि जगदीश ग्रामीण इलाकों से भैंस व लोहे का सामान चोरी करने में शातिर है। वह चोरी करके माल दिल्ली की गाजीपुर मंडी में बेच देता था। पुलिस कई साल से उसे दबोचने का प्रयास कर रही थी, लेकिन वह हाथ नहीं आ रहा था। वह लंबे समय से राजस्थान में नाम बदलकर रह रहा था।
अदालत से भगोड़ा घोषित युवक जगदीश शादी समारोह में शामिल होने महम आया था, जिसे पकड़ने एवीटी स्टाफ की टीम पहुंची थी। पुलिस टीम पर पथराव व जानलेवा हमला किया गया। पुलिस ने आरोपी को दबोच लिया है। अन्य की गिरफ्तारी के लिए भी धरपकड़ की जा रही है।
- इंस्पेक्टर प्रलाहद सिंह, थाना प्रभारी, महम