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फर्जी आरसी मामले में एसटीएफ की मेरठ, जयपुर, सोनीपत और फरीदाबाद में दबिश

Thu, 21 Jan 2021 12:44 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Thu, 21 Jan 2021 12:44 AM IST
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STF dabbed in Meerut, Jaipur, Sonipat and Faridabad in fake RC case
रोहतक। करीब आठ माह पहले फर्जी आरसी के मामले में एसटीएफ ने गिरोह के मास्टर माइंड की निशानदेही पर यूपी के मेरठ, राजस्थान के जयपुर के अलावा सोनीपत और फरीदाबाद में दबिश दी। पुलिस मास्टर माइंड कीखेतो को नागालैंड से ट्रांजिट रिमांड पर लेकर आई थी। आरोपी ने फर्जी आरसी मामले में जुर्म कुबूल करते हुए। कई राज्यों में अपना नेटवर्क होना बताया था। अब एसटीएफ इन राज्यों में फर्जी आरसी पर बेची गई करीब 100 लग्जरी कारों की बरामदगी को जुटी है।
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अधिकारिक सूत्रों ने बताया कि महम से बनी फर्जी आरसी के मामले में अहम सुराग लगे हैं। नागालैंड के मास्टर माइंड कीखेतो से पूछताछ के बाद जो जानकारी मिली है, इसके आधार पर ही मेरठ, जयपुर, फरीदाबाद और सोनीपत में दबिश दी गई। इसमें कुछ लोगों के नाम सामने आए हैं, इनसे पूछताछ की जा रही है। वाहनों की बरामदगी के बाद अगली कार्रवाई की जाएगी।
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ये था मामला
आठ माह पहले जून 2020 में पुलिस ने चरखी दादरी के प्रवीण को चोरी की गाड़ी के साथ गिरफ्तार किया था। इसके बाद महम से फर्जी आरसी जारी कराके चोरी की लग्जरी कारों को बेचे जाने के मामले का खुलासा हुआ था। इसमें महम एसडीएम कार्यालय के लिपिक रमेश, कंप्यूटर आपरेटर सोमबीर, टाइपिस्ट रमेश और धर्मवीर आदि को गिरफ्तार किया गया था। मेरठ के लोगों के साथ ही नागालैंड के कीखेतो का नाम भी सामने आया था। गुरुग्राम पुलिस कीखेतो को नागालैंड से ट्रांजिट रिमांड पर लाई थी। बाद में इसे 13 दिन के पुलिस रिमांड पर लेकर पूछताछ की गई। कीखेतो इस समय पांच दिन से एसटीएफ की रिमांड पर है।
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बीमा कंपनी की पूर्ण क्षतिग्रस्त गाड़ी के नंबर से नागालैंड पहुंचाई जाती थी
पुलिस ने छानबीन के दौरान इस बात का भी खुलासा किया है कि जिन चोरी की गाड़ियों की खपत नागालैंड में भी की जाती थी। उसके लिए वह बीमा कंपनी की ओर से पूरी तरह से नष्ट हो चुके वाहनों के नंबर व आरसी का इस्तेमाल करता था। इसके लिए कोरियर से चोर गिरोह के सदस्यों को नंबर प्लेट व आरसी उपलब्ध कराया जाता था।
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30 लाख की फॉरच्यूनर साढ़े पांच लाख में खरीदता था
पुलिस की ओर से हुए खुलासे से पता चला है कि चोर गिरोह के सदस्य अपने पास मौजूद डिवाइस से जोड़ कर गाड़ी को अनलॉक किया। उसके बाद गा़ड़ी चोरी करके दीमापुर, नागालैंड ले गए। जिसे कीखेतो पुत्र किसखेतो मकान नंबर 120, मिसखेतो सिंहरिजन, थाना पूर्व दीमापुर, जिला दीमापुर, नागालैंड के पास पांच लाख 50 हजार में बेचा था। बाद में कीखेतो इसी कार की फर्जी आरसी व कागजात के आधार पर 12 लाख 50 हजार में बेचा था।

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चोरी के वाहनों की फर्जी आरसी मामले की जांच चल रही है। मास्टर माइंड कीखेतो को लेकर जयपुर, मेरठ, सोनीपत, फरीदाबाद में दबिश दी जा चुकी है। इस मामले में अन्य आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार करके जेल भेजा जा चुका है।
-वरुण दहिया, इंस्पेक्टर, एसटीएफ, गुरुग्राम
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