प्रदेश के पूर्व वित्तमंत्री कैप्टन अभिमन्यु की कोठी जलाने के मामले में पंचकूला स्थित सीबीआई कोर्ट में सुनवाई हुई। इसमें तत्कालीन डीसी डीके बेहरा सहित 10 गवाहों के बयान दर्ज हुए। बचाव पक्ष के वकील ने बताया कि तत्कालीन डीसी डीके बहरा ने कहा कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए हर संभव प्रयास किया। धारा 144 लगाने के बाद कर्फ्यू भी लगाया है। अब केस में रोहतक के तत्कालीन एसपी सौरभ सिंह व सीबीआई एसपी की गवाही होनी बाकी है।
बचाव पक्ष के वकील जितेंद्र हुड्डा ने बताया कि सीबीआई ने रोहित शिकायत पर 118 नंबर एफआईआर दर्ज की थी। आरोप है कि फरवरी 2016 में दोपहर बाद करीब 3:30 बजे भीड़ लाठी, तलवार और पेट्रोल बम से लैस होकर दिल्ली बाईपास की तरफ से कैप्टन अभिमन्यु की कोठी की ओर आई और जबरन घर में घुस गई। घर के अंदर खड़े वाहनों को आग लगा दी और सारा सामान लूट लिया। घर में मौजूद लोगों को मारने के इरादे से पेट्रोल बम फेंके। इससे कोठी में करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ था। मामले की पहले जांच पुलिस कर रही थी, बाद में केस को सीबीआई को सौंप दिया गया। वकील ने बताया कि केस में 60 आरोपी थे, जिनमें से 55 आरोपी पेश हुए। केस में हर सप्ताह वीरवार व शुक्रवार को गवाही होती है। इस सप्ताह तत्कालीन डीसी डीके बेहरा सहित 10 गवाहों के बयान दर्ज हुए हैं। अगले सप्ताह 10 और गवाहों को बुलाया गया है। वकील ने बताया कि मार्च तक केस में फैसला आने की संभावना है।